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भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस 2025: 79 साल पूरे, पर जश्न 80वें का — जानिए क्यों

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भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस 2025: 79 साल पूरे, पर जश्न 80वें का — जानिए क्यों

सारांश

79 साल पूरे, फिर भी जश्न 80वें का — यह विरोधाभास नहीं, गणित है। 15 अगस्त 1947 को ही पहला स्वतंत्रता दिवस माना गया था, इसलिए 2025 में भारत 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। PM मोदी लगातार 13वीं बार लाल किले से तिरंगा फहराएंगे।

मुख्य बातें

भारत 15 अगस्त 2025 को 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, जबकि आज़ादी के 79 वर्ष पूरे हुए हैं।
15 अगस्त 1947 को ही पहला स्वतंत्रता दिवस माना गया था — इसी गणना से 2025 में 80वां पड़ता है।
भारत को लगभग 200 वर्षों के ब्रिटिश शासन के बाद 1947 में आज़ादी मिली थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वर्ष लगातार 13वीं बार लाल किले से तिरंगा फहराएंगे।
समारोह में राष्ट्रगान , 21 तोपों की सलामी और प्रधानमंत्री का राष्ट्र संबोधन शामिल होता है।

भारत इस वर्ष 15 अगस्त 2025 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, भले ही देश की आज़ादी के 79 वर्ष पूरे हो रहे हों। यह भेद हर साल लाखों लोगों को उलझन में डालता है, लेकिन इसका गणित सरल और तर्कसंगत है।

79 वर्ष या 80वां दिवस — असली अंतर क्या है

15 अगस्त 1947 को जब भारत ने ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की, उसी दिन को पहला स्वतंत्रता दिवस माना गया। गणना का यह नियम सर्वत्र लागू होता है — जिस वर्ष घटना घटती है, वह पहला वर्ष होता है। इसीलिए 1947 पहला, 1948 दूसरा, और इस क्रम में 2025 80वां स्वतंत्रता दिवस बनता है, जबकि स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूर्ण हुए हैं।

यह ठीक वैसे ही है जैसे किसी बच्चे के जन्म के दिन को उसका पहला जन्मदिन कहा जाता है — एक वर्ष बाद वह दूसरा जन्मदिन मनाता है, भले ही उसकी उम्र एक साल हो।

200 वर्षों के संघर्ष के बाद मिली थी आज़ादी

भारत को लगभग 200 वर्षों के ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध अनगिनत बलिदानों और आंदोलनों के बाद 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त हुई थी। क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता सेनानियों और असंख्य आम नागरिकों के त्याग ने इस दिन को संभव बनाया।

यह दिन केवल एक तिथि नहीं, बल्कि उस पूरी पीढ़ी के संकल्प का प्रतीक है जिसने 'विकसित भारत' की नींव रखी।

स्वतंत्रता दिवस समारोह की परंपरा

हर वर्ष 15 अगस्त को देश के प्रधानमंत्री नई दिल्ली स्थित लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराते हैं। इस अवसर पर राष्ट्रगान गाया जाता है और 21 तोपों की सलामी दी जाती है। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते हैं।

देशभर में स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में ध्वजारोहण के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। पतंगबाज़ी भी इस उत्सव की एक लोकप्रिय परंपरा बन चुकी है, जो देशभक्ति की सामूहिक भावना को अभिव्यक्त करती है।

PM मोदी का लगातार 13वां संबोधन

इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 13वीं बार लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे। यह उनके लंबे प्रधानमंत्री कार्यकाल की एक उल्लेखनीय निरंतरता है।

80वें स्वतंत्रता दिवस का यह पड़ाव भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है — एक ऐसा अवसर जब राष्ट्र अपनी उपलब्धियों का आकलन करते हुए भविष्य की दिशा तय करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इसे सतही तरीके से निपटा देती है। असली सवाल यह है कि इतने वर्षों बाद भी यह भ्रम क्यों बना हुआ है — और इसका जवाब हमारी नागरिक शिक्षा में इतिहास-बोध की कमी में छुपा है। 80वां पड़ाव एक अवसर है — केवल उत्सव का नहीं, बल्कि यह पूछने का भी कि स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत कितना बन पाया है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत 2025 में 79वां मना रहा है या 80वां स्वतंत्रता दिवस?
भारत 2025 में 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 15 अगस्त 1947 को पहला स्वतंत्रता दिवस माना गया था, इसलिए 2025 में 80वां पड़ता है, भले ही आज़ादी के 79 वर्ष पूरे हुए हों।
79 साल पूरे होने पर 80वां दिवस कैसे मनाया जाता है?
गणना का नियम यह है कि घटना के वर्ष को पहला वर्ष माना जाता है। 1947 पहला, 1948 दूसरा — इस क्रम में 2025 80वां बनता है। यह वैसे ही है जैसे जन्म के दिन को पहला जन्मदिन कहते हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर कौन झंडा फहराता है?
स्वतंत्रता दिवस पर देश के प्रधानमंत्री नई दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराते हैं। इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 13वीं बार यह परंपरा निभाएंगे।
15 अगस्त के समारोह में क्या-क्या होता है?
लाल किले पर ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान गाया जाता है और 21 तोपों की सलामी दी जाती है। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते हैं और देशभर में परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा पतंगबाज़ी होती है।
भारत को आज़ादी कब और कितने संघर्ष के बाद मिली?
भारत को 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता मिली, जो लगभग 200 वर्षों के औपनिवेशिक शासन और अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के बाद संभव हुई।
राष्ट्र प्रेस
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