भारत ईएफटीए टेपा को एक साल पूरे, व्यापार अड़चनें दूर करने को विशेष समूह गठित होगा: सिबी जॉर्ज
सारांश
मुख्य बातें
भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) को लागू हुए एक वर्ष पूरा हो गया है। इस अवसर पर दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश को और गति देने के लिए एक विशेष कार्य समूह गठित करने पर सहमति जताई है, जो द्विपक्षीय कारोबार में आ रही रुकावटों की पहचान कर उनके समाधान पर केंद्रित रहेगा। विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी।
मुख्य घटनाक्रम
टीईपीए पर मार्च 2024 में हस्ताक्षर हुए थे और यह 1 अक्टूबर 2025 को प्रभाव में आया। ईएफटीए में स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन शामिल हैं। सिबी जॉर्ज ने बताया कि पिछले एक वर्ष में समझौते के तहत की गई प्रतिबद्धताओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा, "दोनों पक्षों ने एक विशेष समूह गठित करने पर सहमति जताई है, जो व्यापार और निवेश को और बढ़ावा देने तथा दोनों देशों के बीच मौजूद किसी भी अड़चन को दूर करने से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा करेगा।"
मोदी परमेलिन वार्ता और प्रॉस्पेरिटी समिट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन के बीच हुई द्विपक्षीय बातचीत में टीईपीए के तहत जारी सहयोग के पूरे दायरे पर विस्तार से चर्चा की गई। सिबी जॉर्ज ने बताया कि इस वार्ता से समझौते में शामिल प्रावधानों को लागू करने की प्रक्रिया को और बल मिलेगा।
राष्ट्रपति परमेलिन 7 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले प्रॉस्पेरिटी समिट में भी भाग लेंगे। यह सम्मेलन भारत ईएफटीए टेपा के लागू होने की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। सचिव जॉर्ज के अनुसार, "प्रॉस्पेरिटी समिट भारत और ईएफटीए देशों के नीति निर्माताओं तथा कारोबार जगत को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।" गौरतलब है कि परमेलिन ने स्विट्जरलैंड के फेडरल काउंसलर फॉर इकोनॉमिक अफेयर्स, एजुकेशन एंड रिसर्च के रूप में टीईपीए की वार्ता और उसे अंतिम रूप देने में व्यक्तिगत भूमिका निभाई थी।
विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार में सहयोग
व्यापार से परे, भारत और स्विट्जरलैंड के बीच विज्ञान एवं अंतरिक्ष क्षेत्र में भी सहयोग का दीर्घकालिक इतिहास रहा है। सिबी जॉर्ज ने बताया कि स्विट्जरलैंड यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के कार्यक्रमों का हिस्सा है और द्विपक्षीय स्तर पर भी सहयोग आगे बढ़ाया गया है। उल्लेखनीय है कि स्विट्जरलैंड के शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार राज्य सचिव ने 2024 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का दौरा किया था।
परमेलिन की भारत यात्रा के व्यापक परिणाम
राष्ट्रपति परमेलिन की मौजूदा भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समझौतों और व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाया है। इनमें माइग्रेशन और मोबिलिटी, युवा पेशेवरों के आदान प्रदान, परिवहन तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और स्टार्टअप सहयोग प्रमुख हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने व्यापार साझेदारों के साथ आर्थिक संबंधों को केवल वस्तु व्यापार से आगे बढ़ाकर तकनीक, नवाचार और मानव संसाधन आदान प्रदान तक विस्तारित करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
आगे की राह
नवगठित विशेष कार्य समूह के जरिए भारत और ईएफटीए देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को व्यवस्थित रूप से चिह्नित कर दूर करने की कोशिश की जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार टेपा की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह समूह निवेश के वास्तविक प्रवाह और रोज़गार सृजन में कितना कारगर साबित होता है।