29 जुलाई 2026
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ईरान-चीन द्विपक्षीय बैठक नई दिल्ली में: शहरी विकास और हरित तकनीक सहयोग पर बनी सहमति

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ईरान-चीन द्विपक्षीय बैठक नई दिल्ली में: शहरी विकास और हरित तकनीक सहयोग पर बनी सहमति

सारांश

नई दिल्ली में 13वें ब्रिक्स फोरम के मंच पर ईरान और चीन ने द्विपक्षीय बैठक कर शहरी विकास और हरित तकनीक में सहयोग का संकल्प लिया — यह ब्रिक्स के भीतर दोनों देशों के बढ़ते रणनीतिक तालमेल का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

नई दिल्ली में 13वें ब्रिक्स फोरम के दौरान 13 जून 2026 को ईरान और चीन के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई।
ईरान के उपमंत्री डॉ.
गुलामरेजा काजेमियन और चीन के आवास एवं शहरी-ग्रामीण विकास मंत्रालय के उपमंत्री ने बैठक में भाग लिया।
दोनों देशों ने शहरी विकास, आवास निर्माण और हरित व टिकाऊ तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
चीन ने स्मार्ट सिटी मॉडल साझा किए; ईरान ने मानव-केंद्रित वास्तुकला के अनुभव प्रस्तुत किए।
ब्रिक्स ढाँचे के भीतर पर्यावरण-अनुकूल आवास और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में हरित तकनीक के उपयोग पर सहमति बनी।

नई दिल्ली में आयोजित 13वें ब्रिक्स फोरम के दौरान ईरान और चीन के बीच 13 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें शहरी विकास, आवास निर्माण और सतत विकास के क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग को नई गति देने पर सहमति बनी। यह बैठक ब्रिक्स के मुख्य एजेंडे से इतर हुई, लेकिन इसे दोनों देशों के बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों का एक ठोस संकेत माना जा रहा है।

बैठक में कौन शामिल हुए

इस उच्चस्तरीय चर्चा में ईरान के सड़क एवं शहरी विकास मंत्रालय के उपमंत्री डॉ. गुलामरेजा काजेमियन और चीन के आवास एवं शहरी-ग्रामीण विकास मंत्रालय के उपमंत्री ने भाग लिया। दोनों पक्षों ने तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण, आधुनिक आवास परियोजनाओं और पर्यावरण-अनुकूल विकास मॉडलों पर अपने-अपने अनुभव साझा किए।

किन मुद्दों पर हुई चर्चा

चीनी प्रतिनिधिमंडल ने स्मार्ट और सतत शहरी विकास में अपनी सफल पहलों की जानकारी दी। वहीं, ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने मानव-केंद्रित वास्तुकला (ह्यूमन-सेंटर्ड आर्किटेक्चर) और सामाजिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए शहरी विकास मॉडलों को प्रस्तुत किया। दोनों देशों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भविष्य के शहरों के निर्माण में तकनीकी प्रगति के साथ-साथ मानवीय आवश्यकताओं और पर्यावरणीय संतुलन को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

हरित तकनीक पर विशेष जोर

बैठक में हरित और टिकाऊ तकनीकों (ग्रीन एंड सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी) के आदान-प्रदान पर विशेष चर्चा हुई। दोनों देशों ने ब्रिक्स ढाँचे के भीतर बड़े पैमाने पर आवास निर्माण और शहरी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर सहमति जताई।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और बुनियादी ढाँचा सहयोग को नई दिशा देने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं। शहरीकरण और आवास विकास अधिकांश उभरती अर्थव्यवस्थाओं के सामने बड़ी चुनौतियाँ हैं — ऐसे में सदस्य देशों के बीच अनुभवों और तकनीकों का साझा उपयोग इन चुनौतियों से निपटने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

आगे क्या होगा

बैठक के समापन पर दोनों पक्षों ने शहरी विकास, निर्माण तकनीक, आवास नीति और सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में संवाद और सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देशों ने यह भी स्वीकार किया कि ब्रिक्स मंच सदस्य देशों के बीच ज्ञान, नवाचार और तकनीकी समाधान साझा करने का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। इस बैठक को ब्रिक्स के दायरे में ईरान और चीन के गहराते रणनीतिक संबंधों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई दिल्ली में ईरान-चीन की द्विपक्षीय बैठक क्यों हुई?
यह बैठक 13 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 13वें ब्रिक्स फोरम के दौरान हुई। दोनों देशों ने शहरी विकास, आवास निर्माण और हरित तकनीक में सहयोग को मज़बूत करने के लिए यह चर्चा की।
इस बैठक में किन प्रमुख विषयों पर सहमति बनी?
बैठक में हरित और टिकाऊ तकनीकों के आदान-प्रदान, स्मार्ट शहरी विकास मॉडल और ब्रिक्स ढाँचे के भीतर पर्यावरण-अनुकूल आवास परियोजनाओं पर सहमति बनी। दोनों देशों ने भविष्य के शहरों में मानवीय आवश्यकताओं और पर्यावरणीय संतुलन को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया।
ईरान और चीन के किन अधिकारियों ने इस बैठक में भाग लिया?
ईरान की ओर से सड़क एवं शहरी विकास मंत्रालय के उपमंत्री डॉ. गुलामरेजा काजेमियन और चीन की ओर से आवास एवं शहरी-ग्रामीण विकास मंत्रालय के उपमंत्री ने बैठक में हिस्सा लिया।
ब्रिक्स फोरम में इस बैठक का क्या महत्व है?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब ब्रिक्स देशों के बीच तकनीकी और बुनियादी ढाँचा सहयोग को नई दिशा देने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं। इसे ब्रिक्स के दायरे में ईरान और चीन के गहराते रणनीतिक संबंधों का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
ईरान और चीन ने हरित तकनीक सहयोग में आगे क्या करने की योजना बनाई है?
दोनों देशों ने शहरी विकास, निर्माण तकनीक और आवास नीति में संवाद जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है। साथ ही, ब्रिक्स मंच को ज्ञान, नवाचार और तकनीकी समाधान साझा करने के एक प्रभावी माध्यम के रूप में उपयोग करने पर सहमति बनी है।
राष्ट्र प्रेस
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