23 अक्टूबर 2026
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ईरानी राजनयिक इलाही की अपील: स्कूल हमले पर अमेरिका ने माफी नहीं माँगी, 168 बच्चों की गई थी जान

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ईरानी राजनयिक इलाही की अपील: स्कूल हमले पर अमेरिका ने माफी नहीं माँगी, 168 बच्चों की गई थी जान

सारांश

नई दिल्ली में एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में ईरानी राजनयिक इलाही ने माँग की कि अमेरिका मिनाब स्कूल हमले — जिसमें 168 बच्चों की मौत का दावा है — के लिए माफी माँगे। UN रिपोर्ट में 125 मौतें दर्ज। फिलिस्तीन राजदूत ने भी गाजा पर अमेरिकी रुख की आलोचना की।

मुख्य बातें

अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में ईरान के स्कूल हमले पर अमेरिका से माफी माँगने की अपील की।
28 फरवरी को मिनाब के शजरे तैय्यबेह स्कूल पर हमले में इलाही के अनुसार 168 बच्चों की मौत हुई; संयुक्त राष्ट्र की जाँच रिपोर्ट में 125 मौतों की पुष्टि।
इलाही ने कहा कि कुछ बच्चों के शव अब तक नहीं मिले और माता-पिता के पास शोक मनाने को कब्र भी नहीं।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य संबंधी अटकलों को इलाही ने खारिज किया; राष्ट्रपति की सात घंटे लंबी बैठक का हवाला दिया।
फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला अबू शवेश ने कहा — अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में छह बार वीटो कर गाजा में शांति प्रयासों को बाधित किया।

ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि और वरिष्ठ राजनयिक अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में कहा कि ईरान के एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले के लिए अमेरिका ने आज तक माफी नहीं माँगी है। इलाही के अनुसार, 28 फरवरी को ईरान के मिनाब स्थित शजरे तैय्यबेह स्कूल पर हुए इस हमले में 168 निर्दोष बच्चों की मौत हुई थी और कुछ बच्चों के शव आज तक नहीं मिल सके। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस घटना की निंदा करने और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने की अपील की।

मुख्य घटनाक्रम

एनडीटीवी वर्ल्ड समिट के सत्र 'ए रीजन इन फ्लक्स: हू विल शेप द मिडिल ईस्ट्स फ्यूचर?' में बोलते हुए इलाही ने स्कूल हमले का विस्तार से ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, 'उन्होंने ईरान पर हमला किया और 28 फरवरी को एक प्राथमिक स्कूल पर हमला कर 168 निर्दोष बच्चों की जान ले ली।' उनके अनुसार, कुछ बच्चों के शव अभी तक नहीं मिले हैं और उनके माता-पिता के पास अपने बच्चों की कब्र तक नहीं है जहाँ वे शोक मना सकें।

गौरतलब है कि इलाही ने स्वयं और संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में दी गई मृतक संख्या में अंतर भी स्वीकार किया। उनके अनुसार, संयुक्त राष्ट्र ने इस घटना की जाँच के लिए एक समिति भेजी थी, जिसकी रिपोर्ट में 125 बच्चों की मौत बताई गई — जबकि इलाही ने स्वयं 168 का आँकड़ा उद्धृत किया।

अमेरिका पर आरोप और माफी की माँग

इलाही ने कहा, 'दुर्भाग्य से अमेरिका ने आज तक हमारे प्राथमिक स्कूल पर हमले जैसी बड़ी गलती के लिए माफी नहीं माँगी है।' उन्होंने दुनिया के सभी स्वतंत्र लोगों और मानवाधिकारों में विश्वास रखने वालों से अपील की कि वे ऐसी त्रासदियों की आलोचना करें — चाहे वे ईरान में हों या किसी भी अन्य देश में। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव और व्यापक संघर्ष जारी है।

खामेनेई के स्वास्थ्य पर प्रतिक्रिया

इलाही ने ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर चल रही अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं और सक्रिय रूप से अपना कार्य कर रहे हैं। इलाही के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति ने पिछले सप्ताह सात घंटे लंबी बैठक खामेनेई के साथ की थी और संसद अध्यक्ष भी जल्द भारत आने वाले हैं।

फिलिस्तीन राजदूत की टिप्पणी

इसी चर्चा में भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला अबू शवेश ने कहा कि फिलिस्तीन 'इज़राइल के नरसंहार जैसे युद्ध' का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका इज़राइल को हथियारों और राजनीतिक समर्थन के माध्यम से मदद दे रहा है। अबू शवेश ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका ने छह बार वीटो का इस्तेमाल कर गाजा में हिंसा रोकने के प्रयासों को बाधित किया।

आगे क्या

इलाही की यह अपील ऐसे समय में आई है जब मध्य पूर्व में संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय राजनयिक दबाव की स्थिति लगातार बदल रही है। ईरान कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाता रहेगा और वैश्विक समर्थन जुटाने की कोशिश जारी रखेगा। इस मामले में अमेरिकी पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक अंतर्विरोध भी उभरता है — वे स्वयं 168 बच्चों की मौत का दावा करते हैं, जबकि संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र जाँच रिपोर्ट में यह आँकड़ा 125 है। यह अंतर मामूली नहीं है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है। मुख्यधारा की कवरेज में जो बात अक्सर छूट जाती है, वह यह है कि स्कूलों पर हमले — चाहे किसी भी पक्ष द्वारा हों — अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत गंभीर उल्लंघन हैं और जवाबदेही की माँग सर्वपक्षीय होनी चाहिए। अमेरिका की चुप्पी और माफी का न आना भले ही राजनयिक रणनीति का हिस्सा हो, लेकिन यह उन परिवारों के लिए कोई सांत्वना नहीं जिनके बच्चों की कब्रें तक नहीं हैं।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के मिनाब स्कूल पर हमला कब और कैसे हुआ?
28 फरवरी को ईरान के मिनाब स्थित शजरे तैय्यबेह प्राथमिक स्कूल पर हमला हुआ। इलाही के अनुसार इसमें 168 बच्चों की मौत हुई, जबकि संयुक्त राष्ट्र की जाँच रिपोर्ट में 125 मौतों की पुष्टि की गई है।
ईरान अमेरिका से माफी क्यों माँग रहा है?
ईरानी राजनयिक इलाही ने अमेरिका पर इस स्कूल हमले की जिम्मेदारी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी गलती के बावजूद अमेरिका ने आज तक न माफी माँगी है और न ही जवाबदेही स्वीकार की है।
संयुक्त राष्ट्र ने इस हमले पर क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र ने इस घटना की जाँच के लिए एक समिति भेजी थी। उस रिपोर्ट में 125 बच्चों की मौत दर्ज की गई — जो इलाही द्वारा दिए गए 168 के आँकड़े से कम है।
ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर क्या कहा गया?
इलाही ने खामेनेई के स्वास्थ्य संबंधी अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने पिछले सप्ताह खामेनेई के साथ सात घंटे लंबी बैठक की और संसद अध्यक्ष ने भी हाल ही में उनसे कई घंटे मुलाकात की।
फिलिस्तीन के राजदूत ने भारत में क्या कहा?
भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला अबू शवेश ने कहा कि फिलिस्तीन इज़राइल के 'नरसंहार जैसे युद्ध' का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में छह बार वीटो कर गाजा में शांति प्रयासों को विफल किया।
राष्ट्र प्रेस
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