18 जुलाई 2026
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क्या इसरो ने एलवीएम3-एम6 के जरिए ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक एलईओ में स्थापित किया?

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क्या इसरो ने एलवीएम3-एम6 के जरिए ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक एलईओ में स्थापित किया?

सारांश

इसरो ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है, जब एलवीएम3-एम6 रॉकेट ने ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लो अर्थ ऑर्बिट में स्थापित किया। यह उपलब्धि भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को और मजबूत करती है। जानें इस ऐतिहासिक लॉन्च के बारे में और इसके महत्व को समझें।

मुख्य बातें

इसरो ने एलवीएम3-एम6 के माध्यम से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की।
यह सैटेलाइट 6,100 किलोग्राम का पेलोड है।
सैटेलाइट को 520 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया गया।
यह भारत की कमर्शियल स्पेस लॉन्च क्षमता को मजबूत करता है।
यह एएसटी स्पेसमोबाइल और इसरो के बीच की साझेदारी का हिस्सा है।

श्रीहरिकोटा, २४ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त की। सतीश धवन स्पेस सेंटर (एसडीएससी एसएचएआर), श्रीहरिकोटा से इसरो के एलवीएम3-एम6 रॉकेट ने अमेरिकी कंपनी एएसटी स्पेसमोबाइल की ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक 'लो अर्थ ऑर्बिट' (एलईओ) में स्थापित कर दिया।

यह एलवीएम3 रॉकेट के इतिहास में अब तक का सबसे भारी पेलोड (6,100 किलोग्राम) है। लॉन्च सुबह 8:54 बजे आईएसटी सेकंड लॉन्च पैड से हुआ। 43.5 मीटर ऊंचे और 640 टन वजन वाले इस रॉकेट ने लगभग 15 मिनट की उड़ान के बाद सैटेलाइट को 520 किलोमीटर की ऊंचाई पर 53 डिग्री इंक्लिनेशन वाली सर्कुलर ऑर्बिट में छोड़ा।

यह इसरो की 100 प्रतिशत सफलता वाली एलवीएम3 सीरीज की छठी उड़ान है, जो पहले चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 और वनवैब के 72 सैटेलाइट्स लॉन्च कर चुकी है। यह मिशन न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के माध्यम से एक समर्पित कमर्शियल डील का हिस्सा है। एएसटी स्पेसमोबाइल दुनिया का पहला स्पेस-बेस्ड सेल्युलर ब्रॉडबैंड नेटवर्क बना रही है, जो सामान्य स्मार्टफोन पर सीधे 4जी/5जी वॉइस, वीडियो कॉल, मैसेजिंग, स्ट्रीमिंग और इंटरनेट डेटा प्रदान करेगा।

यह सैटेलाइट ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 सीरीज का पहला है, जिसमें 223 वर्ग मीटर का बड़ा फेज्ड एरे है, जो एलईओ में अब तक का सबसे बड़ा कमर्शियल कम्युनिकेशन एरे है। कंपनी पहले सितंबर 2024 में ब्लू बर्ड 1-5 लॉन्च कर चुकी है, जो अमेरिका और चुनिंदा देशों में कवरेज दे रहे हैं। ब्लॉक-2 सैटेलाइट्स 10 गुना ज्यादा बैंडविड्थ देंगे और दुनिया भर में कनेक्टिविटी गैप (लगभग 6 अरब मोबाइल यूजर्स) की दिशा में काम कर रहे हैं। इससे पहाड़ों, महासागरों और रेगिस्तानों में भी यह गैप खत्म किया जा सकेगा।

इसरो चेयरमैन वी. नारायणन ने लॉन्च से पहले तिरुमाला मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह मिशन भारत की कमर्शियल स्पेस लॉन्च क्षमता को वैश्विक स्तर पर मजबूत करता है। एएसटी स्पेसमोबाइल ने 50 से ज्यादा मोबाइल ऑपरेटर्स के साथ पार्टनरशिप की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एलवीएम3-एम6 रॉकेट क्या है?
एलवीएम3-एम6 रॉकेट इसरो का एक भारी रॉकेट है, जिसे महत्वपूर्ण पेलोड्स को लो अर्थ ऑर्बिट में स्थापित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट का महत्व क्या है?
ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट का उद्देश्य एक स्पेस-बेस्ड सेल्युलर ब्रॉडबैंड नेटवर्क प्रदान करना है, जो दुनियाभर में मोबाइल संचार में सुधार करेगा।
इसरो की भविष्य की योजनाएं क्या हैं?
इसरो भविष्य में और भी अधिक सैटेलाइट लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जिसमें चंद्रमा और मंगल पर मिशन शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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