13 अगस्त 2026
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कटहल की खेती को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की कोशिश, 'जैकफ्रूट किंग' मिथिलेश देसाई ने PM मोदी से की 12 मिनट की अहम बातचीत

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कटहल की खेती को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की कोशिश, 'जैकफ्रूट किंग' मिथिलेश देसाई ने PM मोदी से की 12 मिनट की अहम बातचीत

सारांश

रत्नागिरी के किसान-उद्यमी मिथिलेश देसाई ने पवार परिवार के एक निजी कार्यक्रम में PM मोदी से 12-13 मिनट की बातचीत में कटहल को राष्ट्रीय कृषि फसल बनाने का सपना साझा किया — जैकफ्रूट फ्लोर से डायबिटीज आहार तक, यह मुलाकात एक अनोखे कृषि नवाचार को राष्ट्रीय मंच दिलाने की कोशिश थी।

मुख्य बातें

मिथिलेश देसाई ('जैकफ्रूट किंग') ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रेवती सुले के वेडिंग रिसेप्शन के दौरान मुलाकात की।
दोनों के बीच करीब 12-13 मिनट तक कटहल की खेती, प्रोसेसिंग और वैल्यू-एडेड उत्पादों पर बातचीत हुई।
देसाई ने जैकफ्रूट फ्लोर (डायबिटीज आहार) और जैकफ्रूट सीड फ्लोर (प्रोटीन स्रोत) जैसे उत्पाद प्रदर्शित किए।
देसाई परिवार 30 वर्षों से कटहल क्षेत्र में सक्रिय; मिथिलेश स्वयं 12-13 वर्षों से नवाचार में जुटे हैं।
कटहल आधारित कारोबार के लिए एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई गई है; निजी निवेश जुटाने की कोशिश जारी है।
सरकारी नीतिगत समर्थन मिलने पर कटहल का राष्ट्रीय कृषि क्लस्टर विकसित करने की उम्मीद जताई गई।

रत्नागिरी के किसान और उद्यमी मिथिलेश देसाई — जिन्हें 'जैकफ्रूट किंग' के नाम से जाना जाता है — ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान देशभर में कटहल की खेती, प्रोसेसिंग और वैल्यू-एडेड उत्पादों को संगठित कृषि उद्योग के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। यह मुलाकात राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की नेता और सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले के वेडिंग रिसेप्शन के दौरान हुई।

मुलाकात का विवरण

देसाई ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ उनकी करीब 12-13 मिनट तक बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने कटहल की विभिन्न किस्मों, उसकी उपयोगिता और पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री को अपने काम से जुड़े दस्तावेज भी सौंपे, जिन्हें मोदी ने रुचि के साथ देखा और इस क्षेत्र की संभावनाओं को समझने के लिए कई सवाल पूछे।

देसाई के अनुसार, बातचीत बेहद सकारात्मक रही और प्रधानमंत्री ने कटहल की खेती तथा इससे जुड़े कार्यों में गहरी रुचि दिखाई।

कटहल से बन रहे वैल्यू-एडेड उत्पाद

देसाई ने प्रधानमंत्री को कटहल से तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पाद दिखाए। इनमें जैकफ्रूट फ्लोर और जैकफ्रूट सीड फ्लोर प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि जैकफ्रूट फ्लोर का उपयोग डायबिटीज से जुड़े आहार विकल्पों के तौर पर किया जा सकता है, जबकि कटहल के बीज से तैयार फ्लोर प्रोटीन के स्रोत के रूप में उपयोगी हो सकता है। इन उत्पादों की जानकारी मिलने पर प्रधानमंत्री ने विशेष रुचि दिखाई और उनके निर्माण, उपयोग तथा संभावित बाज़ार को लेकर सवाल-जवाब किए।

तीन दशकों की विरासत, अब संगठित मंच

देसाई ने बताया कि उनके पिता पिछले करीब 30 वर्षों से कटहल के क्षेत्र में काम कर रहे हैं, जबकि वह स्वयं पिछले 12-13 वर्षों से इस दिशा में लगातार कार्यरत हैं। इस दौरान उनकी टीम ने कटहल की खेती, प्रोसेसिंग और उससे जुड़े उत्पादों में कई तरह के प्रयोग और नवाचार किए हैं।

गौरतलब है कि देसाई ने अब अपने प्रयासों को एक संगठित प्लेटफॉर्म का रूप देना शुरू किया है। इसके तहत एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी भी बनाई गई है, जिसके माध्यम से निजी निवेश जुटाने और कटहल आधारित कारोबार को बड़े स्तर पर विकसित करने की कोशिश की जा रही है।

राष्ट्रीय कृषि क्लस्टर की संभावना

देसाई का लक्ष्य कटहल को पूरे भारत में एक संगठित कृषि फसल के तौर पर विकसित करना है। उनका कहना है कि यदि सरकार की ओर से उचित नीतिगत समर्थन मिले, तो देश में कटहल का एक बड़ा कृषि क्लस्टर विकसित किया जा सकता है। इससे किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, परिवहन और अन्य क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

आगे की राह

देसाई ने उम्मीद जताई कि यदि कटहल को संगठित कृषि फसल के रूप में विकसित करने की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर पहल होती है, तो इससे देश के किसानों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को व्यापक लाभ मिल सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि और टेक्नोलॉजी को एक साथ जोड़कर किए जा रहे उनके प्रयासों की सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया — हालाँकि किसी ठोस सरकारी घोषणा की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक उद्यमी की अपने काम को सही कान तक पहुँचाने की सफल कोशिश थी। कटहल भारत में सबसे कम प्रसंस्कृत फलों में से एक है, जबकि वैश्विक बाज़ार में 'मीट अल्टरनेटिव' के रूप में इसकी माँग तेज़ी से बढ़ रही है। असली सवाल यह है कि क्या यह बातचीत किसी ठोस नीतिगत कदम — जैसे राष्ट्रीय कटहल मिशन या PLI जैसी किसी प्रोसेसिंग योजना — में तब्दील होगी, या यह महज एक प्रेरणादायक मुलाकात बनकर रह जाएगी। ग्रामीण खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सरकारी समर्थन के बिना निजी निवेश की सीमाएँ स्पष्ट हैं।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिथिलेश देसाई 'जैकफ्रूट किंग' कौन हैं?
मिथिलेश देसाई रत्नागिरी, महाराष्ट्र के एक किसान और उद्यमी हैं, जिन्हें 'जैकफ्रूट किंग' के नाम से जाना जाता है। वे और उनके पिता पिछले करीब 30 वर्षों से कटहल की खेती, प्रोसेसिंग और वैल्यू-एडेड उत्पादों के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
PM मोदी से मिथिलेश देसाई की मुलाकात कहाँ और कब हुई?
यह मुलाकात NCP (शरद पवार गुट) सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले के वेडिंग रिसेप्शन के दौरान हुई। देसाई के अनुसार, प्रधानमंत्री के साथ उनकी करीब 12-13 मिनट तक बातचीत हुई।
कटहल से कौन-कौन से वैल्यू-एडेड उत्पाद बनाए जा रहे हैं?
देसाई की टीम मुख्य रूप से जैकफ्रूट फ्लोर और जैकफ्रूट सीड फ्लोर तैयार कर रही है। जैकफ्रूट फ्लोर को डायबिटीज से जुड़े आहार विकल्प के तौर पर और कटहल के बीज से तैयार फ्लोर को प्रोटीन स्रोत के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
क्या सरकार ने कटहल की खेती के लिए कोई नई योजना घोषित की है?
अभी तक किसी ठोस सरकारी घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है। देसाई ने उम्मीद जताई है कि नीतिगत समर्थन मिलने पर कटहल का राष्ट्रीय कृषि क्लस्टर विकसित किया जा सकता है, लेकिन यह अभी संभावना के स्तर पर है।
कटहल की खेती से किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को क्या फायदा हो सकता है?
देसाई के अनुसार, कटहल को संगठित कृषि फसल के रूप में विकसित करने से किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिल सकता है। साथ ही प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और परिवहन जैसे क्षेत्रों में रोज़गार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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