कटहल की खेती को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की कोशिश, 'जैकफ्रूट किंग' मिथिलेश देसाई ने PM मोदी से की 12 मिनट की अहम बातचीत
सारांश
मुख्य बातें
रत्नागिरी के किसान और उद्यमी मिथिलेश देसाई — जिन्हें 'जैकफ्रूट किंग' के नाम से जाना जाता है — ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान देशभर में कटहल की खेती, प्रोसेसिंग और वैल्यू-एडेड उत्पादों को संगठित कृषि उद्योग के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। यह मुलाकात राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की नेता और सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले के वेडिंग रिसेप्शन के दौरान हुई।
मुलाकात का विवरण
देसाई ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ उनकी करीब 12-13 मिनट तक बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने कटहल की विभिन्न किस्मों, उसकी उपयोगिता और पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री को अपने काम से जुड़े दस्तावेज भी सौंपे, जिन्हें मोदी ने रुचि के साथ देखा और इस क्षेत्र की संभावनाओं को समझने के लिए कई सवाल पूछे।
देसाई के अनुसार, बातचीत बेहद सकारात्मक रही और प्रधानमंत्री ने कटहल की खेती तथा इससे जुड़े कार्यों में गहरी रुचि दिखाई।
कटहल से बन रहे वैल्यू-एडेड उत्पाद
देसाई ने प्रधानमंत्री को कटहल से तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पाद दिखाए। इनमें जैकफ्रूट फ्लोर और जैकफ्रूट सीड फ्लोर प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि जैकफ्रूट फ्लोर का उपयोग डायबिटीज से जुड़े आहार विकल्पों के तौर पर किया जा सकता है, जबकि कटहल के बीज से तैयार फ्लोर प्रोटीन के स्रोत के रूप में उपयोगी हो सकता है। इन उत्पादों की जानकारी मिलने पर प्रधानमंत्री ने विशेष रुचि दिखाई और उनके निर्माण, उपयोग तथा संभावित बाज़ार को लेकर सवाल-जवाब किए।
तीन दशकों की विरासत, अब संगठित मंच
देसाई ने बताया कि उनके पिता पिछले करीब 30 वर्षों से कटहल के क्षेत्र में काम कर रहे हैं, जबकि वह स्वयं पिछले 12-13 वर्षों से इस दिशा में लगातार कार्यरत हैं। इस दौरान उनकी टीम ने कटहल की खेती, प्रोसेसिंग और उससे जुड़े उत्पादों में कई तरह के प्रयोग और नवाचार किए हैं।
गौरतलब है कि देसाई ने अब अपने प्रयासों को एक संगठित प्लेटफॉर्म का रूप देना शुरू किया है। इसके तहत एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी भी बनाई गई है, जिसके माध्यम से निजी निवेश जुटाने और कटहल आधारित कारोबार को बड़े स्तर पर विकसित करने की कोशिश की जा रही है।
राष्ट्रीय कृषि क्लस्टर की संभावना
देसाई का लक्ष्य कटहल को पूरे भारत में एक संगठित कृषि फसल के तौर पर विकसित करना है। उनका कहना है कि यदि सरकार की ओर से उचित नीतिगत समर्थन मिले, तो देश में कटहल का एक बड़ा कृषि क्लस्टर विकसित किया जा सकता है। इससे किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, परिवहन और अन्य क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
आगे की राह
देसाई ने उम्मीद जताई कि यदि कटहल को संगठित कृषि फसल के रूप में विकसित करने की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर पहल होती है, तो इससे देश के किसानों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को व्यापक लाभ मिल सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि और टेक्नोलॉजी को एक साथ जोड़कर किए जा रहे उनके प्रयासों की सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया — हालाँकि किसी ठोस सरकारी घोषणा की अभी पुष्टि नहीं हुई है।