हिसार के ऑर्गेनिक किसान कृष्ण कुमार: PM मोदी से मुलाकात, ₹6,000 प्रति क्विंटल गेहूं की कमाई

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हिसार के ऑर्गेनिक किसान कृष्ण कुमार: PM मोदी से मुलाकात, ₹6,000 प्रति क्विंटल गेहूं की कमाई

सारांश

हिसार के किसान कृष्ण कुमार की कहानी सिर्फ खेती की नहीं — यह एक सोच बदलने की कहानी है। रासायनिक खाद की चिंता से शुरू हुआ सफर आज ₹6,000 प्रति क्विंटल गेहूं और PM मोदी से सीधी मुलाकात तक पहुँचा है।

मुख्य बातें

कृष्ण कुमार , रावलवास खुर्द, हिसार के किसान, पिछले कई वर्षों से पूर्णतः ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं।
वर्ष 2025 में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब 30 मिनट की बैठक का अवसर मिला, जिसमें 15 किसान शामिल थे।
उनका ऑर्गेनिक 306 किस्म का गेहूं ₹6,000 प्रति क्विंटल बिकता है; मंडी की ज़रूरत नहीं।
चने की खेती से एक एकड़ में ₹1 लाख से अधिक की आय।
PM की सलाह पर अब दलहन उत्पादन बढ़ाने पर भी काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पीएम किसान सम्मान निधि को किसानों के लिए लाभकारी बताया।

हरियाणा के हिसार जिले के रावलवास खुर्द गांव के किसान कृष्ण कुमार पिछले कई वर्षों से रासायनिक खाद और कीटनाशकों से मुक्त ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं। वर्ष 2025 में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे मुलाकात का अवसर मिला, जिसे उन्होंने अपने जीवन की सबसे यादगार घटना बताया है। यह मुलाकात उन किसानों के एक समूह के हिस्से के रूप में हुई, जिनसे प्रधानमंत्री ने खेती से जुड़े अनुभव और समस्याएँ जानीं।

PM मोदी से मुलाकात का अनुभव

कृष्ण कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने करीब 30 मिनट तक उनसे और अन्य किसानों से बेहद सहज और आत्मीय तरीके से बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने फसल उत्पादन, किसानों की समस्याओं और सरकारी योजनाओं के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

कृष्ण कुमार के शब्दों में, 'प्रधानमंत्री से मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। वे बहुत सहज और मिलनसार हैं। मैं भविष्य में फिर से उनसे मिलना चाहता हूं।' उन्होंने यह भी बताया कि उस बैठक में 15 किसानों से बात हुई थी और प्रधानमंत्री ने दलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया ताकि आयात पर निर्भरता घटे।

ऑर्गेनिक खेती की ओर क्यों मुड़े

कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्होंने अखबारों में पढ़ा था कि कीटनाशकों और रासायनिक खादों से तैयार भोजन जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसी चिंता ने उन्हें ऑर्गेनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। यह ऐसे समय में आया जब हरियाणा समेत पूरे देश में रासायनिक खेती से होने वाले दुष्प्रभावों पर चर्चा तेज हो रही थी।

आज वे अपने खेत में गेहूं, चना, आलू, गाजर, मूली, घीया, टींडा और तोरी जैसी फसलें ऑर्गेनिक तरीके से उगाते हैं।

आमदनी और बाज़ार

कृष्ण कुमार के अनुसार, उनके खेत में उगने वाला ऑर्गेनिक 306 किस्म का गेहूं ₹6,000 प्रति क्विंटल तक बिक जाता है — जो सामान्य गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य से कहीं अधिक है। खास बात यह है कि उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए मंडी जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती; ग्राहक सीधे उनसे संपर्क करते हैं।

चने की खेती से वे एक एकड़ में ₹1 लाख से अधिक की आय अर्जित कर लेते हैं। यह आँकड़ा ऑर्गेनिक उत्पादों की बढ़ती माँग और प्रत्यक्ष बिक्री मॉडल की सफलता को दर्शाता है।

सरकारी योजनाओं पर राय

कृष्ण कुमार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पीएम किसान सम्मान निधि की सराहना की और कहा कि इन योजनाओं से छोटे किसानों को ठोस लाभ मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने ड्रोन तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म को खेती से जोड़कर किसानों को आधुनिक दिशा दी है।

आगे की राह

प्रधानमंत्री की सलाह के अनुसार कृष्ण कुमार अब दलहन उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। उनका अनुभव उन किसानों के लिए एक व्यावहारिक उदाहरण बन सकता है जो रासायनिक खेती छोड़कर टिकाऊ और लाभदायक विकल्प की तलाश में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक व्यक्ति की सफलता है — नीतिगत बदलाव का प्रमाण नहीं। ₹6,000 प्रति क्विंटल गेहूं की कमाई तब संभव है जब सीधा बाज़ार उपलब्ध हो, जो अधिकांश छोटे किसानों के पास नहीं है। PM मोदी की 'दलहन उत्पादन बढ़ाओ' की सलाह सही दिशा में है, पर उसके लिए बुनियादी ढाँचा — ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन, कोल्ड चेन, सीधी खरीद — अभी भी अधूरा है। ऐसी व्यक्तिगत सफलताओं को तब तक नीतिगत उपलब्धि नहीं माना जा सकता जब तक इन्हें स्केल करने का ठोस रोडमैप न हो।
RashtraPress
22 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृष्ण कुमार कौन हैं और वे किस तरह की खेती करते हैं?
कृष्ण कुमार हरियाणा के हिसार जिले के रावलवास खुर्द गांव के किसान हैं जो पिछले कई वर्षों से पूर्णतः ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं। वे गेहूं, चना, आलू, गाजर, मूली, घीया, टींडा और तोरी जैसी फसलें बिना रासायनिक खाद या कीटनाशकों के उगाते हैं।
PM मोदी से उनकी मुलाकात कब और कैसे हुई?
वर्ष 2025 में कृष्ण कुमार 15 किसानों के एक समूह के हिस्से के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले। यह बैठक करीब 30 मिनट चली, जिसमें PM ने खेती, फसल उत्पादन और किसानों की समस्याओं पर विस्तार से जानकारी ली।
ऑर्गेनिक खेती से कृष्ण कुमार की कितनी कमाई होती है?
उनका ऑर्गेनिक 306 किस्म का गेहूं ₹6,000 प्रति क्विंटल तक बिकता है और चने की खेती से एक एकड़ में ₹1 लाख से अधिक की आय होती है। वे मंडी पर निर्भर नहीं हैं — ग्राहक सीधे उनसे उपज खरीदते हैं।
PM मोदी ने किसानों को क्या सलाह दी?
प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों से दलहन उत्पादन बढ़ाने का आग्रह किया ताकि भारत को दूसरे देशों से दाल आयात न करनी पड़े। कृष्ण कुमार ने बताया कि वे इस सलाह पर अमल कर रहे हैं।
सरकार की कौन सी योजनाएँ किसानों के लिए फायदेमंद बताई गई हैं?
कृष्ण कुमार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पीएम किसान सम्मान निधि को किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी बताया। उन्होंने ड्रोन तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म को खेती से जोड़ने की पहल की भी सराहना की।
राष्ट्र प्रेस
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