20 अक्टूबर 2026
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जयशंकर का यूएई को संदेश: भारत यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी वादे पर खरी, व्यापार $100 अरब पार

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जयशंकर का यूएई को संदेश: भारत यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी वादे पर खरी, व्यापार $100 अरब पार

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर ने मुंबई में यूएई के उप प्रधानमंत्री से मुलाकात में स्पष्ट संदेश दिया — CEPA के बाद $100 अरब का व्यापार, पीएम मोदी की आठवीं यूएई यात्रा और रक्षा ऊर्जा सहयोग मिलकर इस साझेदारी को वास्तविक रणनीतिक गहराई दे रहे हैं।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई में यूएई उप प्रधानमंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित किया।
CEPA पर हस्ताक्षर के बाद से भारत यूएई द्विपक्षीय व्यापार $100 अरब से अधिक हो चुका है।
इस वर्ष दोनों देशों के बीच कई उच्चस्तरीय बैठकें हुईं — PM मोदी की आठवीं यूएई यात्रा (मई) और यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद का जनवरी में भारत दौरा शामिल।
रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी सहयोग रणनीतिक स्वरूप ले रहा है।
जयशंकर ने खाड़ी क्षेत्र में संवाद और कूटनीति के प्रयासों को भारत का पूर्ण समर्थन देने की बात कही।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई में यूएई के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि भारत यूएई संबंध अब व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में अपने वादे पर वास्तव में खरे उतर रहे हैं। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर के आँकड़े को पार कर चुका है।

मुख्य घटनाक्रम

जयशंकर ने शेख नाहयान का मुंबई में स्वागत करते हुए कहा, "एक दशक से अधिक के निरंतर सहयोग के बाद, भारत यूएई संबंध आज एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में अपने वादे पर वास्तव में खरे उतर रहे हैं।" उन्होंने नाहयान का उनके "दूसरे घर" में स्वागत करते हुए यूएई में भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए यूएई नेतृत्व के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

नेतृत्व स्तर पर असाधारण जुड़ाव

विदेश मंत्री ने इस वर्ष दोनों देशों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठकों की श्रृंखला को रिश्तों की गहराई का प्रमाण बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि जनवरी में यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद ने भारत का दौरा किया, फरवरी में क्राउन प्रिंस शेख खालिद एआई इम्पैक्ट समिट और ब्रिक्स समिट में शामिल हुए, और मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई की अपनी आठवीं यात्रा की। जयशंकर ने कहा कि इस स्तर का लगातार नेतृत्व संपर्क दोनों देशों के रिश्तों की असाधारण प्रकृति को दर्शाता है।

आर्थिक साझेदारी: नए मानदंड

व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर के बाद से द्विपक्षीय व्यापार $100 अरब से ऊपर निकल चुका है। जयशंकर के अनुसार, दोनों देशों के बीच दो तरफा निवेश लगातार बढ़ रहा है, जो एक दूसरे की अर्थव्यवस्थाओं में व्यवसायों के विश्वास को दर्शाता है। गौरतलब है कि भारत यूएई CEPA के बाद दोनों देश एक दूसरे के प्रमुख व्यापार भागीदारों में शामिल हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों और क्षेत्रीय कठिनाइयों के बावजूद यह साझेदारी नए मानदंड स्थापित करती रही है। रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग अब रणनीतिक स्वरूप ले रहा है — जो इसे पहले की मुख्यतः व्यापारिक साझेदारी से कहीं अधिक गहरा बनाता है।

खाड़ी क्षेत्र पर भारत का रुख

खाड़ी की मौजूदा स्थिति पर जयशंकर ने चिंता व्यक्त की और स्पष्ट किया कि भारत संवाद और कूटनीति के सभी प्रयासों का समर्थन करेगा। उन्होंने व्यापार, ऊर्जा और उर्वरक के मुक्त एवं सुरक्षित प्रवाह को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में भू राजनीतिक तनाव उच्च बना हुआ है और भारत की ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है।

आगे की दिशा

इस उच्चस्तरीय बैठक से दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नई पहलों को गति मिलने की उम्मीद है। यूएई भारत का एक प्रमुख प्रवासी गंतव्य भी है और वहाँ बसे लाखों भारतीयों की सुरक्षा व कल्याण दोनों देशों की कूटनीतिक प्राथमिकता में शामिल रहता है। दोनों पक्षों के बीच यह उच्चस्तरीय संवाद संकेत देता है कि आने वाले महीनों में द्विपक्षीय सहयोग के नए अध्याय खुल सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा रक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग में है जो अभी तक मुख्यतः घोषणाओं तक सीमित रहा है। पीएम मोदी की एक ही देश में आठ यात्राएँ इस रिश्ते की असाधारण प्राथमिकता दर्शाती हैं, पर खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच भारत की 'संवाद और कूटनीति' की भाषा यह भी बताती है कि नई दिल्ली इस क्षेत्र में किसी पक्ष के साथ बंधने से बचना चाहती है। भारतीय समुदाय की देखभाल का उल्लेख यह भी याद दिलाता है कि यूएई में करोड़ों भारतीय प्रवासी इस रिश्ते की सबसे मज़बूत और अनदेखी नींव हैं।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी क्या है?
भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी एक दशक से अधिक के द्विपक्षीय सहयोग की परिणति है, जिसमें व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र शामिल हैं। CEPA के बाद से दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार $100 अरब से ऊपर पहुँच चुका है।
CEPA से भारत यूएई व्यापार को कितना फायदा हुआ?
व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर के बाद से भारत यूएई द्विपक्षीय व्यापार $100 अरब अमेरिकी डॉलर के आँकड़े को पार कर गया है। दोनों देशों के बीच दो तरफा निवेश भी लगातार बढ़ रहा है।
इस वर्ष भारत यूएई के बीच कौन कौन सी उच्चस्तरीय बैठकें हुईं?
जनवरी में यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद ने भारत का दौरा किया, फरवरी में क्राउन प्रिंस शेख खालिद एआई इम्पैक्ट समिट और ब्रिक्स समिट में शामिल हुए, और मई में PM मोदी ने यूएई की अपनी आठवीं यात्रा की। 20 अक्टूबर को मुंबई में विदेश मंत्री जयशंकर ने यूएई उप प्रधानमंत्री शेख नाहयान के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
खाड़ी संकट पर भारत का क्या रुख है?
विदेश मंत्री जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत खाड़ी क्षेत्र में संवाद और कूटनीति के सभी प्रयासों का समर्थन करेगा। उन्होंने व्यापार, ऊर्जा और उर्वरक के मुक्त व सुरक्षित प्रवाह को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
यूएई में भारतीय समुदाय के बारे में जयशंकर ने क्या कहा?
जयशंकर ने यूएई में भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए यूएई नेतृत्व का आभार व्यक्त किया और शेख नाहयान का उनके 'दूसरे घर' में स्वागत किया। भारतीय प्रवासी यूएई में दोनों देशों के रिश्तों की एक मज़बूत कड़ी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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