10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जल जीवन मिशन टंकी तोड़फोड़: बस्ती में पूर्व पंप ऑपरेटर व बेटे पर FIR, ग्राम प्रधान को बदनाम करने की साजिश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जल जीवन मिशन टंकी तोड़फोड़: बस्ती में पूर्व पंप ऑपरेटर व बेटे पर FIR, ग्राम प्रधान को बदनाम करने की साजिश

सारांश

तकनीकी खराबी नहीं, सुनियोजित साजिश — बस्ती के राजपुर भैरवा में जल जीवन मिशन टंकी का पीवीसी लाइनर पूर्व पंप ऑपरेटर ने खुद कटवाया। पद से हटाए जाने की नाराजगी में ग्राम प्रधान को बदनाम करने की कोशिश। पुलिस ने पिता-पुत्र पर FIR दर्ज की, दोनों फरार।

मुख्य बातें

बस्ती जिले के राजपुर भैरवा गांव में जल जीवन मिशन टंकी से 17 जून को पानी गिरने की घटना तोड़फोड़ साबित हुई।
पूर्व पंप ऑपरेटर प्रमोद शुक्ला और उनके बेटे निहाल पर पीवीसी लाइनर को धारदार हथियार से काटने का आरोप है।
कंपनी वेदांटेक के इंजीनियर मनीष कुमार की स्वतंत्र जांच ने भी जानबूझकर क्षति की पुष्टि की।
पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति नुकसान समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की; दोनों आरोपी फरार हैं।
जल निगम ग्रामीण ने मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 24 घंटे में जलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए।

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के राजपुर भैरवा गांव में जल जीवन मिशन के तहत स्थापित पानी की टंकी से पानी गिरने की घटना में पुलिस जांच ने चौंकाने वाला सच उजागर किया है। जांच में सामने आया है कि यह कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि सुनियोजित तोड़फोड़ थी — पूर्व पंप ऑपरेटर प्रमोद शुक्ला ने कथित तौर पर अपने बेटे निहाल के साथ मिलकर टंकी के भीतर लगे पीवीसी लाइनर को धारदार हथियार से काट दिया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

मुख्य घटनाक्रम

17 जून को राजपुर भैरवा गांव में जलापूर्ति टंकी में पानी भरे जाने के दौरान अचानक पानी नीचे गिरने लगा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। प्रारंभिक तौर पर इसे टंकी फटने की तकनीकी विफलता बताया गया, परंतु पुलिस जांच में तस्वीर बिल्कुल अलग निकली।

जांच में पता चला कि टंकी के अंदर स्थापित पीवीसी लाइनर को किसी धारदार वस्तु से जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया गया था। पानी भरने के दौरान दबाव बढ़ने से क्षतिग्रस्त हिस्सा फट गया और पानी बाहर बहने लगा।

साजिश की पृष्ठभूमि

जांच के अनुसार, परियोजना में पंप ऑपरेटर के रूप में कार्यरत रहे प्रमोद शुक्ला को लगातार शिकायतें मिलने के बाद कुछ समय पहले पद से हटाया गया था। आरोप है कि इससे नाराज होकर उसने ग्राम प्रधान और जल जीवन मिशन परियोजना को बदनाम करने की योजना बनाई। कथित तौर पर उसने अपने बेटे निहाल की मदद से टंकी के भीतर घुसकर पीवीसी लाइनर को काट दिया, ताकि पानी भरते समय लाइनर फट जाए और घटना को परियोजना की विफलता के रूप में प्रचारित किया जा सके।

स्थानीय ग्राम प्रधान प्रतिनिधि का कहना है कि यह घटना योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत की छवि धूमिल करने और विकास कार्यों पर सवाल खड़े करने के उद्देश्य से पूरी साजिश रची गई थी।

स्वतंत्र तकनीकी जांच के निष्कर्ष

मामले की जानकारी मिलने पर जल निगम (ग्रामीण) ने भी स्वतंत्र जांच कराई। टंकी का निर्माण करने वाली कंपनी वेदांटेक के इंजीनियर मनीष कुमार की जांच में पुष्टि हुई कि पीवीसी लाइनर को किसी धारदार वस्तु से क्षतिग्रस्त किया गया था। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि पानी भरने के दौरान दबाव बढ़ने से पहले से कटा हुआ हिस्सा फट गया — यह कोई निर्माण दोष नहीं था।

पुलिस कार्रवाई और आगे की स्थिति

पुलिस ने जांच के आधार पर प्रमोद शुक्ला और उनके बेटे निहाल के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विवेचना जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, जल निगम ग्रामीण ने जलापूर्ति बाधित न हो, इसके लिए संबंधित एजेंसी मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 24 घंटे के भीतर व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला ग्रामीण जल आपूर्ति परियोजनाओं में आंतरिक सुरक्षा और निगरानी की ज़रूरत को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह निगरानी तंत्र की बड़ी खामी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने पहले बिना जांच के 'टंकी फटने' की कहानी गढ़ दी — यह दर्शाता है कि अफवाहें तथ्य से पहले कितनी तेजी से दौड़ती हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या जल निगम ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परियोजना-स्तर पर सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करेगा, या यह मामला महज एक एफआईआर तक सिमट जाएगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बस्ती में जल जीवन मिशन टंकी से पानी गिरने का असली कारण क्या था?
पुलिस जांच में सामने आया कि यह तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि सुनियोजित तोड़फोड़ थी। पूर्व पंप ऑपरेटर प्रमोद शुक्ला ने कथित तौर पर अपने बेटे निहाल के साथ टंकी के भीतर लगे पीवीसी लाइनर को धारदार हथियार से काट दिया, जिससे पानी भरते समय दबाव बढ़ने पर वह फट गया।
आरोपी प्रमोद शुक्ला ने यह कदम क्यों उठाया?
जांच के अनुसार, प्रमोद शुक्ला को लगातार शिकायतें मिलने के बाद पंप ऑपरेटर के पद से हटाया गया था। कथित तौर पर इसी नाराजगी में उसने ग्राम प्रधान और जल जीवन मिशन परियोजना को बदनाम करने के इरादे से यह साजिश रची।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने प्रमोद शुक्ला और उनके बेटे निहाल के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। दोनों आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
जल निगम ने जलापूर्ति बहाल करने के लिए क्या कदम उठाए?
जल निगम (ग्रामीण) ने संबंधित एजेंसी मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 24 घंटे के भीतर जलापूर्ति व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ग्रामीणों को पानी की किल्लत न झेलनी पड़े।
तकनीकी जांच में क्या पाया गया?
टंकी निर्माता कंपनी वेदांटेक के इंजीनियर मनीष कुमार की स्वतंत्र जांच में पुष्टि हुई कि पीवीसी लाइनर को किसी धारदार वस्तु से जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया गया था। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि यह निर्माण दोष नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई तोड़फोड़ थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले