जल जीवन मिशन टंकी तोड़फोड़: बस्ती में पूर्व पंप ऑपरेटर व बेटे पर FIR, ग्राम प्रधान को बदनाम करने की साजिश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के राजपुर भैरवा गांव में जल जीवन मिशन के तहत स्थापित पानी की टंकी से पानी गिरने की घटना में पुलिस जांच ने चौंकाने वाला सच उजागर किया है। जांच में सामने आया है कि यह कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि सुनियोजित तोड़फोड़ थी — पूर्व पंप ऑपरेटर प्रमोद शुक्ला ने कथित तौर पर अपने बेटे निहाल के साथ मिलकर टंकी के भीतर लगे पीवीसी लाइनर को धारदार हथियार से काट दिया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
17 जून को राजपुर भैरवा गांव में जलापूर्ति टंकी में पानी भरे जाने के दौरान अचानक पानी नीचे गिरने लगा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। प्रारंभिक तौर पर इसे टंकी फटने की तकनीकी विफलता बताया गया, परंतु पुलिस जांच में तस्वीर बिल्कुल अलग निकली।
जांच में पता चला कि टंकी के अंदर स्थापित पीवीसी लाइनर को किसी धारदार वस्तु से जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया गया था। पानी भरने के दौरान दबाव बढ़ने से क्षतिग्रस्त हिस्सा फट गया और पानी बाहर बहने लगा।
साजिश की पृष्ठभूमि
जांच के अनुसार, परियोजना में पंप ऑपरेटर के रूप में कार्यरत रहे प्रमोद शुक्ला को लगातार शिकायतें मिलने के बाद कुछ समय पहले पद से हटाया गया था। आरोप है कि इससे नाराज होकर उसने ग्राम प्रधान और जल जीवन मिशन परियोजना को बदनाम करने की योजना बनाई। कथित तौर पर उसने अपने बेटे निहाल की मदद से टंकी के भीतर घुसकर पीवीसी लाइनर को काट दिया, ताकि पानी भरते समय लाइनर फट जाए और घटना को परियोजना की विफलता के रूप में प्रचारित किया जा सके।
स्थानीय ग्राम प्रधान प्रतिनिधि का कहना है कि यह घटना योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत की छवि धूमिल करने और विकास कार्यों पर सवाल खड़े करने के उद्देश्य से पूरी साजिश रची गई थी।
स्वतंत्र तकनीकी जांच के निष्कर्ष
मामले की जानकारी मिलने पर जल निगम (ग्रामीण) ने भी स्वतंत्र जांच कराई। टंकी का निर्माण करने वाली कंपनी वेदांटेक के इंजीनियर मनीष कुमार की जांच में पुष्टि हुई कि पीवीसी लाइनर को किसी धारदार वस्तु से क्षतिग्रस्त किया गया था। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि पानी भरने के दौरान दबाव बढ़ने से पहले से कटा हुआ हिस्सा फट गया — यह कोई निर्माण दोष नहीं था।
पुलिस कार्रवाई और आगे की स्थिति
पुलिस ने जांच के आधार पर प्रमोद शुक्ला और उनके बेटे निहाल के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विवेचना जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, जल निगम ग्रामीण ने जलापूर्ति बाधित न हो, इसके लिए संबंधित एजेंसी मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 24 घंटे के भीतर व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला ग्रामीण जल आपूर्ति परियोजनाओं में आंतरिक सुरक्षा और निगरानी की ज़रूरत को रेखांकित करता है।