15 जुलाई 2026
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जालंधर में RTI एक्टिविस्ट सिमरनजीत सिंह की गोली मारकर हत्या, कोटली बोले — पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त

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जालंधर में RTI एक्टिविस्ट सिमरनजीत सिंह की गोली मारकर हत्या, कोटली बोले — पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त

सारांश

जालंधर में RTI एक्टिविस्ट और वकील सिमरनजीत सिंह की दिनदहाड़े हत्या ने पंजाब की कानून-व्यवस्था को फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है। कांग्रेस नेता कोटली ने भगवंत मान सरकार को सीधे जिम्मेदार ठहराया — खन्ना से जालंधर तक, गैंगस्टर हिंसा का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।

मुख्य बातें

RTI एक्टिविस्ट और वकील सिमरनजीत सिंह की 30 मई 2025 को जालंधर के चहेरू इलाके में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
हमलावर पहले से घात लगाकर बैठे थे; हत्या की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं, पुलिस जाँच जारी है।
कांग्रेस नेता गुरकीरत सिंह कोटली ने भगवंत मान सरकार को कानून-व्यवस्था की विफलता के लिए सीधे ज़िम्मेदार ठहराया।
कोटली ने खन्ना में प्रेम ढाबे और देव कलेक्शन पर हुई फायरिंग का हवाला देते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
घटना के बाद पूरे पंजाब में तनाव का माहौल; स्थानीय लोगों में दहशत व्याप्त।

जालंधर के चहेरू इलाके में LPU जालंधर-लुधियाना हाईवे के पास 30 मई 2025 को अज्ञात हमलावरों ने RTI एक्टिविस्ट और वकील सिमरनजीत सिंह पर ताबड़तोड़ गोलियाँ बरसाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस के अनुसार हमलावर पहले से घात लगाकर बैठे थे और जैसे ही सिमरनजीत सिंह वहाँ से गुज़रे, उन पर हमला कर दिया गया। इस हत्याकांड के बाद पूरे पंजाब में तनाव का माहौल है और राज्य की कानून-व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।

मुख्य घटनाक्रम

बताया जा रहा है कि सिमरनजीत सिंह जब चहेरू इलाके के नज़दीक से गुज़र रहे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोलियाँ चलाईं। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। फ़िलहाल हत्या के पीछे की असली वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और संदिग्धों की तलाश जारी है।

गौरतलब है कि सिमरनजीत सिंह एक सक्रिय RTI एक्टिविस्ट और वकील थे। उनकी दिनदहाड़े हत्या ने न केवल स्थानीय लोगों में दहशत फैलाई है, बल्कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

कोटली की तीखी प्रतिक्रिया

पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) नेता गुरकीरत सिंह कोटली ने शनिवार को इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'यह बहुत दुखद घटना है कि एक RTI एक्टिविस्ट की सरेआम हत्या कर दी गई। पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर का बहुत बुरा हाल है।'

कोटली ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं और यह कोई पहला मामला नहीं है। उनका कहना था कि पंजाब में गैंगस्टर कल्चर लगातार बढ़ रहा है और सरकार इस पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।

खन्ना की घटनाओं का हवाला

गुरकीरत सिंह कोटली ने खन्ना में हुई फायरिंग की घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खन्ना में प्रसिद्ध प्रेम ढाबे और देव कलेक्शन पर खुलेआम फायरिंग की घटनाएँ हो चुकी हैं, जो यह साबित करती हैं कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार सख्त कदम नहीं उठाती, तब तक इस तरह की वारदातें रुकना मुश्किल है।

आम जनता पर असर

दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने स्थानीय लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। आलोचकों का कहना है कि जब एक RTI एक्टिविस्ट और वकील जैसे जागरूक नागरिक भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में गैंगस्टर-संबंधी हिंसा की घटनाएँ लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं।

क्या होगा आगे

पुलिस ने मामले की जाँच तेज़ कर दी है और अज्ञात हमलावरों की पहचान के प्रयास जारी हैं। हत्या के पीछे की वजह अभी तक सामने नहीं आई है। राजनीतिक दबाव बढ़ने के साथ राज्य सरकार पर यह साबित करने की ज़िम्मेदारी है कि वह कानून-व्यवस्था बहाल करने में सक्षम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार सरकार 'जाँच जारी है' से आगे नहीं बढ़ती। असली सवाल यह है कि क्या राज्य पुलिस के पास संगठित अपराध नेटवर्क को तोड़ने की इच्छाशक्ति और संसाधन दोनों हैं — या फिर राजनीतिक बयानबाज़ी ही जवाबदेही का विकल्प बनती रहेगी।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जालंधर में सिमरनजीत सिंह की हत्या कैसे हुई?
जालंधर के चहेरू इलाके में LPU जालंधर-लुधियाना हाईवे के पास अज्ञात हमलावरों ने 30 मई 2025 को RTI एक्टिविस्ट और वकील सिमरनजीत सिंह पर घात लगाकर गोलियाँ बरसाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है और जाँच जारी है।
गुरकीरत सिंह कोटली ने पंजाब सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली ने कहा कि भगवंत मान सरकार में पंजाब की कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है और गैंगस्टर बेलगाम हो गए हैं। उन्होंने खन्ना में हुई फायरिंग की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि सरकार अपराध पर लगाम लगाने में नाकाम है।
क्या पंजाब में इस तरह की घटनाएँ पहले भी हुई हैं?
हाँ, कोटली के अनुसार भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। खन्ना में प्रेम ढाबे और देव कलेक्शन पर खुलेआम फायरिंग की घटनाएँ भी हो चुकी हैं, जो दर्शाती हैं कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
सिमरनजीत सिंह कौन थे?
सिमरनजीत सिंह जालंधर के एक सक्रिय RTI एक्टिविस्ट और वकील थे। वे सूचना के अधिकार के तहत सरकारी जवाबदेही के लिए काम करते थे।
इस हत्याकांड में पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और अज्ञात हमलावरों की पहचान के प्रयास जारी हैं। अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है और हत्या की वजह भी सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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