चमोली पुलिस ने 45 दिन बाद सुलझाया 'ब्लाइंड मर्डर', देवेंद्र सिंह गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड की चमोली पुलिस ने 1 जुलाई 2026 को एक जटिल 'ब्लाइंड मर्डर' केस को सुलझाते हुए आरोपी देवेंद्र सिंह, निवासी चौदाधर गांव, को गिरफ्तार किया — यह गिरफ्तारी अपराध के 45 दिन बाद हुई। पीड़ित राजेंद्र सिंह, जो देवपुरी गांव के रहने वाले थे, 18 मई 2026 को काम पर निकले थे और फिर लापता हो गए थे।
मुख्य घटनाक्रम
18 मई को राजेंद्र सिंह घर से निकले, कुछ ही घंटों में उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और संपर्क टूट गया। परिजनों की शिकायत पर गैरसैंण पुलिस ने खोजी दल के साथ तलाशी अभियान चलाया, परंतु कोई सुराग नहीं मिला।
23 मई को देवपुरी गांव के पास एक खाई में शव मिला। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया — मृतक के दोनों पैर और एक हाथ रस्सी से बंधे पाए गए। उनका मोबाइल फोन, चप्पल और पानी की बोतल भी बरामद हुई। वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया।
एसआईटी की जांच और सफलता
अपराध की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी एसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया। एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया, डॉग स्क्वाड की मदद से सुरागों का पीछा किया और संदिग्धों से लगातार पूछताछ की। इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप चौदाधर गांव के निवासी देवेंद्र सिंह को कथित हत्यारे के रूप में चिह्नित कर 1 जुलाई को गिरफ्तार किया गया।
गौरतलब है कि यह मामला शुरू से ही 'ब्लाइंड मर्डर' की श्रेणी में था क्योंकि पीड़ित की किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी का कोई ज्ञात सुराग नहीं था और न ही कोई प्रत्यक्षदर्शी था।
आरोपी की न्यायिक हिरासत
1 जुलाई को आरोपी देवेंद्र सिंह को अदालत में पेश किया गया, जहाँ न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। हिरासत के दौरान हत्या के उद्देश्य और किसी अन्य की संभावित संलिप्तता की जांच जारी रहेगी।
अधिकारियों के अनुसार, हत्या के पीछे की परिस्थितियों और आरोपी के मकसद की पूरी तस्वीर अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है और पूछताछ में आगे खुलासे होने की संभावना है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
यह मामला इस दृष्टि से उल्लेखनीय है कि बिना किसी प्रत्यक्ष गवाह और स्पष्ट उद्देश्य के, केवल फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 45 दिनों के भीतर मामला सुलझाया। पहाड़ी और दुर्गम इलाके में इस तरह की जांच को विशेषज्ञ एक कठिन और सराहनीय उपलब्धि मानते हैं।
आगे क्या होगा
न्यायिक हिरासत के दौरान पुलिस आरोपी देवेंद्र सिंह से हत्या के कारण और किसी सह-आरोपी की संलिप्तता के बारे में पूछताछ करेगी। मामले में आरोप-पत्र दाखिल होने के बाद अदालती प्रक्रिया शुरू होगी।