जम्मू जेलों में कैदियों के लिए ₹8.50 करोड़ की पोषण योजना, मेन्यू में दाल-दूध-अंडे-सूखे मेवे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर कारागार विभाग ने जम्मू जिले की जेलों में बंद कैदियों के भोजन की गुणवत्ता और पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए ₹8.50 करोड़ की खाद्य खरीद योजना लागू करने का निर्णय लिया है। यह पहल जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (जेल) दीपक कुमार के नेतृत्व में शुरू की गई है और इसे शुरुआत में जम्मू की दो प्रमुख जेलों में लागू किया जाएगा।
किन जेलों में लागू होगी योजना
रिपोर्टों के अनुसार, इस योजना के पहले चरण में केंद्रीय जेल कोट भलवाल और जिला जेल जम्मू को शामिल किया गया है। इन दोनों जेलों में सफल क्रियान्वयन के बाद इसी मेन्यू को केंद्र शासित प्रदेश की अन्य बड़ी जेलों तक विस्तारित किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर में वर्तमान में 14 सक्रिय जेलें हैं — जिनमें 2 केंद्रीय जेल, 10 जिला जेल, 1 विशेष जेल और 1 उप-जेल शामिल हैं। विभाग की कुल आधिकारिक क्षमता 3,629 कैदियों की है, जबकि वर्तमान में 5,300 से अधिक कैदी इन जेलों में बंद हैं — यानी क्षमता से लगभग 46% अधिक।
संशोधित मेन्यू में क्या होगा शामिल
रिपोर्टों के अनुसार, संशोधित आहार योजना में विभिन्न प्रकार की दालें, दूध, सब्जियाँ, सूखे मेवे, खजूर और अंडे शामिल किए जाएंगे। पारंपरिक कश्मीरी व्यंजन जैसे हाक (साग) और नद्रू (कमल की जड़) को भी मेन्यू में जगह दी गई है।
मांसाहारी कैदियों के लिए मटन भी उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना स्थानीय खान-पान की परंपराओं और पोषण संबंधी ज़रूरतों — दोनों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
पहल के पीछे क्या उद्देश्य
बताया जा रहा है कि डीजी जेल दीपक कुमार यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सजा काट रहे कैदी किसी भी प्रकार की पोषण संबंधी कमी के शिकार न हों। ₹8.50 करोड़ की यह राशि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत खाद्य सामग्री की आपूर्ति में उपयोग की जाएगी।
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर सरकार ने हाल ही में केंद्र शासित प्रदेश की जेलों के प्रबंधन के लिए जेल मैनुअल 2022 को अधिसूचित किया है, जो मॉडल प्रिजन मैनुअल के आधार पर तैयार है। गौरतलब है कि सुधारात्मक न्याय के अंतर्गत कैदियों का स्वास्थ्य और पुनर्वास केंद्र एवं राज्य स्तर दोनों पर नीतिगत प्राथमिकता बनता जा रहा है।
विभाग की व्यापक संरचना
जम्मू-कश्मीर कारागार विभाग के पास मिश्रीवाला स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ करेक्शनल सर्विसेज नामक प्रशिक्षण केंद्र भी है, जहाँ जेल प्रबंधन से संबंधित बुनियादी और रिफ्रेशर प्रशिक्षण दिया जाता है। विभाग के नियंत्रण में एक होल्डिंग सेंटर भी संचालित है।
कारागार विभाग की ज़िम्मेदारी कैदियों को सुधार और पुनर्वास के अनुकूल वातावरण में सुधारात्मक सेवाएँ उपलब्ध कराना है — और यह खाद्य सुधार योजना उसी दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
आगे क्या होगा
जम्मू की दो जेलों में योजना लागू होने के बाद इसके परिणामों के आधार पर इसे शेष 12 जेलों में भी विस्तारित किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरक्राउडिंग की चुनौती के बीच पोषण में सुधार जेल स्वास्थ्य संकट को कम करने में सहायक हो सकता है।