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जम्मू जेलों में कैदियों के लिए ₹8.50 करोड़ की पोषण योजना, मेन्यू में दाल-दूध-अंडे-सूखे मेवे शामिल

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जम्मू जेलों में कैदियों के लिए ₹8.50 करोड़ की पोषण योजना, मेन्यू में दाल-दूध-अंडे-सूखे मेवे शामिल

सारांश

जम्मू-कश्मीर कारागार विभाग ने ₹8.50 करोड़ की खाद्य योजना के तहत जेलों के मेन्यू में दाल, दूध, अंडे, सूखे मेवे और मटन जोड़ने का फैसला किया है। क्षमता से 46% अधिक भरी जेलों में यह पोषण सुधार कदम जेल मैनुअल 2022 के बाद सुधारात्मक न्याय की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर कारागार विभाग ने जेलों में भोजन सुधार के लिए ₹8.50 करोड़ की खाद्य खरीद योजना लागू की।
योजना पहले चरण में केंद्रीय जेल कोट भलवाल और जिला जेल जम्मू में शुरू होगी, बाद में बाकी जेलों में विस्तार होगा।
संशोधित मेन्यू में दालें, दूध, सब्जियाँ, सूखे मेवे, खजूर, अंडे, हाक, नद्रू और मटन शामिल किए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर में 14 सक्रिय जेलें हैं जिनकी क्षमता 3,629 है, लेकिन वर्तमान में 5,300 से अधिक कैदी बंद हैं।
यह पहल डीजी जेल दीपक कुमार के नेतृत्व में और हाल ही में अधिसूचित जेल मैनुअल 2022 के अंतर्गत शुरू की गई है।

जम्मू-कश्मीर कारागार विभाग ने जम्मू जिले की जेलों में बंद कैदियों के भोजन की गुणवत्ता और पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए ₹8.50 करोड़ की खाद्य खरीद योजना लागू करने का निर्णय लिया है। यह पहल जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (जेल) दीपक कुमार के नेतृत्व में शुरू की गई है और इसे शुरुआत में जम्मू की दो प्रमुख जेलों में लागू किया जाएगा।

किन जेलों में लागू होगी योजना

रिपोर्टों के अनुसार, इस योजना के पहले चरण में केंद्रीय जेल कोट भलवाल और जिला जेल जम्मू को शामिल किया गया है। इन दोनों जेलों में सफल क्रियान्वयन के बाद इसी मेन्यू को केंद्र शासित प्रदेश की अन्य बड़ी जेलों तक विस्तारित किया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर में वर्तमान में 14 सक्रिय जेलें हैं — जिनमें 2 केंद्रीय जेल, 10 जिला जेल, 1 विशेष जेल और 1 उप-जेल शामिल हैं। विभाग की कुल आधिकारिक क्षमता 3,629 कैदियों की है, जबकि वर्तमान में 5,300 से अधिक कैदी इन जेलों में बंद हैं — यानी क्षमता से लगभग 46% अधिक।

संशोधित मेन्यू में क्या होगा शामिल

रिपोर्टों के अनुसार, संशोधित आहार योजना में विभिन्न प्रकार की दालें, दूध, सब्जियाँ, सूखे मेवे, खजूर और अंडे शामिल किए जाएंगे। पारंपरिक कश्मीरी व्यंजन जैसे हाक (साग) और नद्रू (कमल की जड़) को भी मेन्यू में जगह दी गई है।

मांसाहारी कैदियों के लिए मटन भी उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना स्थानीय खान-पान की परंपराओं और पोषण संबंधी ज़रूरतों — दोनों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

पहल के पीछे क्या उद्देश्य

बताया जा रहा है कि डीजी जेल दीपक कुमार यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सजा काट रहे कैदी किसी भी प्रकार की पोषण संबंधी कमी के शिकार न हों। ₹8.50 करोड़ की यह राशि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत खाद्य सामग्री की आपूर्ति में उपयोग की जाएगी।

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर सरकार ने हाल ही में केंद्र शासित प्रदेश की जेलों के प्रबंधन के लिए जेल मैनुअल 2022 को अधिसूचित किया है, जो मॉडल प्रिजन मैनुअल के आधार पर तैयार है। गौरतलब है कि सुधारात्मक न्याय के अंतर्गत कैदियों का स्वास्थ्य और पुनर्वास केंद्र एवं राज्य स्तर दोनों पर नीतिगत प्राथमिकता बनता जा रहा है।

विभाग की व्यापक संरचना

जम्मू-कश्मीर कारागार विभाग के पास मिश्रीवाला स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ करेक्शनल सर्विसेज नामक प्रशिक्षण केंद्र भी है, जहाँ जेल प्रबंधन से संबंधित बुनियादी और रिफ्रेशर प्रशिक्षण दिया जाता है। विभाग के नियंत्रण में एक होल्डिंग सेंटर भी संचालित है।

कारागार विभाग की ज़िम्मेदारी कैदियों को सुधार और पुनर्वास के अनुकूल वातावरण में सुधारात्मक सेवाएँ उपलब्ध कराना है — और यह खाद्य सुधार योजना उसी दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

आगे क्या होगा

जम्मू की दो जेलों में योजना लागू होने के बाद इसके परिणामों के आधार पर इसे शेष 12 जेलों में भी विस्तारित किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरक्राउडिंग की चुनौती के बीच पोषण में सुधार जेल स्वास्थ्य संकट को कम करने में सहायक हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल चुनौती ओवरक्राउडिंग की है — क्षमता से 46% अधिक कैदियों के साथ बेहतर भोजन की गारंटी देना प्रशासनिक रूप से कठिन होगा। ₹8.50 करोड़ की राशि केवल दो जेलों से शुरू हो रही है; पूरे केंद्र शासित प्रदेश की 14 जेलों तक विस्तार का बजट अभी स्पष्ट नहीं है। गौरतलब है कि जेल मैनुअल 2022 के बाद यह पहली बड़ी परिचालन पहल है — लेकिन इसकी सफलता निगरानी तंत्र और आपूर्ति श्रृंखला की पारदर्शिता पर निर्भर करेगी, जिनका ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू जेलों में भोजन सुधार के लिए कितनी राशि खर्च होगी?
जम्मू-कश्मीर कारागार विभाग ने इस योजना के लिए ₹8.50 करोड़ की खाद्य खरीद योजना शुरू की है। यह राशि कैदियों को संतुलित और पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सामग्री की आपूर्ति में उपयोग की जाएगी।
जम्मू जेलों के नए मेन्यू में क्या-क्या शामिल किया गया है?
संशोधित आहार योजना में विभिन्न प्रकार की दालें, दूध, सब्जियाँ, सूखे मेवे, खजूर और अंडे शामिल किए गए हैं। इसके अलावा पारंपरिक कश्मीरी व्यंजन हाक और नद्रू तथा मांसाहारी कैदियों के लिए मटन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
यह योजना किन जेलों में पहले लागू होगी?
पहले चरण में केंद्रीय जेल कोट भलवाल और जिला जेल जम्मू में यह योजना लागू की जाएगी। सफल क्रियान्वयन के बाद इसे जम्मू-कश्मीर की अन्य बड़ी जेलों तक भी विस्तारित किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी क्यों हैं?
जम्मू-कश्मीर में 14 जेलों की कुल आधिकारिक क्षमता 3,629 कैदियों की है, जबकि वर्तमान में 5,300 से अधिक कैदी बंद हैं — यानी क्षमता से लगभग 46% अधिक। यह ओवरक्राउडिंग देश के कई राज्यों की जेलों में एक सामान्य समस्या है और पोषण सुधार के प्रभावी क्रियान्वयन को चुनौतीपूर्ण बनाती है।
जम्मू-कश्मीर जेल मैनुअल 2022 क्या है?
जम्मू-कश्मीर सरकार ने हाल ही में केंद्र शासित प्रदेश की जेलों के प्रबंधन और संचालन के लिए जेल मैनुअल 2022 को अधिसूचित किया है। यह मैनुअल मॉडल प्रिजन मैनुअल के आधार पर तैयार किया गया है और कैदियों के अधिकारों, सुधारात्मक सेवाओं तथा जेल प्रशासन के मानकों को नए सिरे से परिभाषित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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