जम्मू-कश्मीर FDA का बड़ा फैसला: स्कूलों के 50 मीटर दायरे में जंक फूड पर पूर्ण प्रतिबंध
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 27 अगस्त 2026 को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए केंद्र शासित प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश स्कूल परिसर के भीतर और स्कूल गेट से किसी भी दिशा में 50 मीटर तक के क्षेत्र पर समान रूप से लागू होगा। बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया यह कदम खाद्य सुरक्षा और मानक (स्कूल में बच्चों के लिए सुरक्षित भोजन और संतुलित आहार) विनियम 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन का हिस्सा है।
मुख्य घटनाक्रम
FDA ने विद्यालय शिक्षा विभाग के निदेशकों को भेजे एक आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और पोषण से भरपूर भोजन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इस पत्र के माध्यम से सभी स्कूल प्रमुखों और संस्थान प्रबंधन को खाद्य सुरक्षा नियमों के कड़े अनुपालन का निर्देश दिया गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब बच्चों में मोटापा, मधुमेह और अन्य जीवनशैली संबंधी बीमारियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं, और स्कूल परिसरों के आसपास जंक फूड की बिक्री को इसका एक प्रमुख कारण माना जाता रहा है।
किन खाद्य पदार्थों पर रोक
विनियमों के अनुसार, संतृप्त वसा (Saturated Fat), ट्रांस वसा (Trans Fat), अतिरिक्त चीनी या उच्च सोडियम वाले किसी भी खाद्य पदार्थ को स्कूल परिसर के अंदर बेचा, परोसा या विज्ञापित नहीं किया जा सकेगा। 50 मीटर के प्रतिबंधित दायरे में ऐसे उत्पादों की बिक्री, विपणन और प्रचार भी वर्जित है।
गौरतलब है कि यह प्रतिबंध केवल बाहरी विक्रेताओं तक सीमित नहीं है — स्कूल परिसर के भीतर कैंटीन या खाद्य सेवाएं संचालित करने वाले खाद्य व्यवसाय संचालकों को भी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत पंजीकृत या लाइसेंस प्राप्त होना अनिवार्य होगा।
स्कूलों की जिम्मेदारियाँ
प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों सहित स्कूल प्रबंधन को खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करने और छात्रों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा तथा स्वच्छता की निगरानी का दायित्व सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त, खाद्य सुरक्षा प्रदर्शन बोर्ड लगाना और जहाँ लागू हो, खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षक नियुक्त करना भी अनिवार्य किया गया है।
स्कूलों को बच्चों में स्वस्थ खान-पान की आदतें विकसित करने के लिए भोजन का समय निर्धारित करना होगा और सभी छात्रों को निःशुल्क सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना होगा।
स्वास्थ्य एवं कल्याण राजदूत की व्यवस्था
FDA ने सुझाव दिया है कि स्कूल एक स्वास्थ्य एवं कल्याण राजदूत नियुक्त कर सकते हैं अथवा एक स्वास्थ्य एवं कल्याण टीम का गठन कर सकते हैं, जो स्कूल परिसर में सुरक्षित, संतुलित और स्वच्छ भोजन की उपलब्धता की निगरानी के लिए नोडल तंत्र के रूप में कार्य करे। यह प्रावधान नियमों के अनुपालन को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
FDA ने विद्यालय शिक्षा विभाग और सभी स्कूल अधिकारियों से जम्मू-कश्मीर भर में इन नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन निर्देशों के उल्लंघन पर कार्रवाई के लिए किस प्रकार का प्रवर्तन तंत्र खड़ा करता है, क्योंकि बिना प्रभावी निगरानी के ऐसे आदेश केवल कागज़ों तक सीमित रह जाते हैं।