7 जुलाई 2026
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जम्मू: बॉयफ्रेंड ने कॉल नहीं उठाया तो 22 वर्षीय महिला ने खुद को लगाई आग, 80% जली

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जम्मू: बॉयफ्रेंड ने कॉल नहीं उठाया तो 22 वर्षीय महिला ने खुद को लगाई आग, 80% जली

सारांश

जम्मू के तवी पुल के पास एक 22 वर्षीय महिला ने बॉयफ्रेंड द्वारा दो-तीन दिनों से कॉल न उठाने पर कथित तौर पर खुद को आग लगा ली। महिला 80% जल गई है। उसने मजिस्ट्रेट के सामने बयान में कहा कि उसका मरने का इरादा नहीं था — यह गुस्से में उठाया गया कदम था।

मुख्य बातें

22 वर्षीय महिला ने 22 मई 2026 को जम्मू के तवी पुल इलाके में खुद को आग लगाई।
महिला कथित तौर पर 80 प्रतिशत जल गई है और अस्पताल में उपचाराधीन है।
महिला ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया कि दो-तीन दिनों से बॉयफ्रेंड ने कॉल नहीं उठाया था।
महिला ने स्पष्ट किया कि उसका मरने का इरादा नहीं था , यह गुस्से में लिया गया निर्णय था।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है; शुरुआती जांच में रिश्तों में कड़वाहट को कारण बताया गया।
NCRB के अनुसार प्रतिवर्ष हजारों लोग प्रेम संबंधों में असफलता के कारण आत्मघाती कदम उठाते हैं, सर्वाधिक 15-29 वर्ष आयु वर्ग में।

जम्मू के तवी पुल इलाके के पास 22 मई 2026 को एक 22 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर अपने बॉयफ्रेंड द्वारा बार-बार फोन कॉल अनदेखी किए जाने से आहत होकर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। पुलिस के अनुसार महिला लगभग 80 प्रतिशत जल गई है और फिलहाल अस्पताल में उसका उपचार जारी है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के बयान के अनुसार यह घटना गुरुवार को दोपहर में तवी पुल के निकट हुई। महिला ने कथित तौर पर गुस्से में आकर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डाला और आग लगा ली। वहाँ से गुजर रहे राहगीरों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और पुलिस के पहुँचने से पहले ही आग बुझा दी गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया।

महिला का बयान

गुरुवार रात अस्पताल में एक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में महिला का बयान दर्ज किया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार महिला ने जांचकर्ताओं को बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से उसके बॉयफ्रेंड ने उसकी एक भी कॉल का जवाब नहीं दिया था। महिला ने यह भी कहा कि उसका मरने का कोई इरादा नहीं था, बल्कि उसने गुस्से में आकर यह कदम उठाया।

पुलिस की जांच

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि घटना के पीछे दोनों के बीच रिश्तों में आई कड़वाहट प्रमुख कारण रही। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।

व्यापक सामाजिक संदर्भ

यह घटना भारत में रिश्तों से जुड़े भावनात्मक संकट की एक गंभीर तस्वीर पेश करती है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आँकड़ों के अनुसार, प्रतिवर्ष हजारों लोग प्रेम संबंधों में असफलता या रिश्ते टूटने के कारण आत्मघाती कदम उठाते हैं, जिनमें सर्वाधिक संख्या 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग की है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भावनात्मक संकट के क्षणों में परिवार और करीबियों से बात करना सबसे ज़रूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार दिल टूटने जैसे अनुभव जीवन का एक पड़ाव होते हैं और इनसे उबरने के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता लेना आवश्यक है। यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक संकट में है, तो iCall हेल्पलाइन: 9152987821 पर संपर्क किया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी स्कूल और कॉलेज स्तर पर भावनात्मक प्रशिक्षण और काउंसलिंग ढाँचे की कमी बनी हुई है। मीडिया की ज़िम्मेदारी भी है कि ऐसी घटनाओं को सनसनीखेज बनाने के बजाय मानसिक स्वास्थ्य संसाधनों की जानकारी को प्रमुखता दे।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू में महिला ने खुद को आग क्यों लगाई?
पुलिस के अनुसार महिला ने कथित तौर पर इसलिए यह कदम उठाया क्योंकि उसके बॉयफ्रेंड ने पिछले दो-तीन दिनों से उसकी कोई भी कॉल का जवाब नहीं दिया था। महिला ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान में कहा कि उसका मरने का इरादा नहीं था और यह गुस्से में लिया गया कदम था।
महिला की अभी क्या स्थिति है?
पुलिस के बयान के अनुसार महिला लगभग 80 प्रतिशत जल गई है और फिलहाल अस्पताल में उसका उपचार जारी है। उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। गुरुवार रात अस्पताल में एक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में महिला का बयान दर्ज किया गया। शुरुआती जांच में रिश्तों में कड़वाहट को घटना का कारण बताया गया है।
भारत में प्रेम संबंधों के कारण आत्मघाती घटनाएँ कितनी आम हैं?
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आँकड़ों के अनुसार भारत में प्रतिवर्ष हजारों लोग प्रेम संबंधों में असफलता या रिश्ते टूटने के कारण आत्मघाती कदम उठाते हैं। इनमें सर्वाधिक संख्या 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग की है।
भावनात्मक संकट में मदद कहाँ से मिल सकती है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार भावनात्मक संकट के समय परिवार और विश्वसनीय लोगों से बात करना सबसे पहला कदम होना चाहिए। iCall हेल्पलाइन नंबर 9152987821 पर निःशुल्क मानसिक स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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