जौहर यूनिवर्सिटी भूमि विवाद: भाजपा विधायक आकाश सक्सेना का आरोप — आजम खान ने ₹560 एकड़ सरकारी जमीन पर किया कब्जा
सारांश
मुख्य बातें
रामपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान के विरुद्ध अजीम नगर थाने में मामला दर्ज किए जाने के बाद, भाजपा विधायक आकाश कुमार सक्सेना ने 14 अक्टूबर 2026 को गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि आजम खान द्वारा स्थापित जौहर विश्वविद्यालय की लगभग 560 एकड़ भूमि में किसानों, नदी और विभिन्न सरकारी विभागों की सम्पत्ति शामिल है।
मुख्य आरोप और मामले का विवरण
सक्सेना के अनुसार, ईडी ने आजम खान के खिलाफ दर्ज एफआईआर में यह उल्लेख किया है कि कथित तौर पर मंत्री पद पर रहते हुए सरकारी अधिकारों का दुरुपयोग कर धन एकत्र किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खान ने नगर विकास मंत्री के रूप में अपने करीबी ठेकेदारों को सरकारी ठेके दिलाए और उन ठेकों से प्राप्त कमीशन को जौहर विश्वविद्यालय को चंदे के रूप में दिखाया गया। इसके अतिरिक्त, कुछ कंपनियाँ कथित तौर पर फर्जी बताई जा रही हैं, जिनका संबंध जाँच के दौरान उजागर हो सकता है।
2017 से चली आ रही शिकायतें
सक्सेना ने बताया कि उन्होंने 2017 से इस मामले में शिकायतें दर्ज करानी शुरू की थीं। उनके अनुसार, शुरुआत से ही उनका मुख्य आधार सरकारी संपत्ति और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला किसी एक विशिष्ट शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक पैटर्न की ओर इशारा करता है।
गौरतलब है कि जौहर विश्वविद्यालय भूमि विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में वर्षों से चर्चा का विषय रहा है। आरोपों के अनुसार, 26 किसानों की जमीन, नदी की भूमि और कई सरकारी विभागों की सम्पत्ति पर कब्जा कर विश्वविद्यालय का निर्माण कराया गया।
सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग के आरोप
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि आजम खान ने भ्रष्टाचार के माध्यम से अपना साम्राज्य खड़ा किया और कथित तौर पर फर्जी कंपनियों के माध्यम से दिखाए गए चंदे में भी धोखाधड़ी की गई। सक्सेना ने यह भी कहा कि इन आरोपों की पूरी जाँच होने पर कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएँगे।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में विपक्षी नेताओं के विरुद्ध प्रवर्तन एजेंसियों की सक्रियता पहले से ही राजनीतिक बहस का केंद्र बनी हुई है। सपा और उसके समर्थक इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हैं, जबकि भाजपा नेता इसे कानूनी प्रक्रिया बताते हैं।
आगे क्या होगा
सक्सेना ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में जाँच के माध्यम से मामले से जुड़े सभी तथ्य जनता के सामने आएँगे। ईडी की जाँच अभी प्रारंभिक चरण में बताई जा रही है और इस मामले में आगे और प्रकटीकरण की संभावना जताई जा रही है।