जौहर यूनिवर्सिटी घोटाले में आजम खान पर नया केस, सपा सांसद अवधेश प्रसाद बोले — 'सरकार कर रही टारगेट'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान के खिलाफ 14 अक्टूबर 2026 को रामपुर के अजीम नगर थाने में एक नया मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जाँच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज इस केस में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने इसे राजनीति से प्रेरित कार्रवाई करार देते हुए पार्टी की एकजुटता की घोषणा की है।
मामले का विवरण: क्या हैं आरोप
रामपुर के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिसोदिया ने बताया कि यह मुकदमा क्राइम नंबर 224/26 के अंतर्गत दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, "प्रवर्तन निदेशालय की जाँच और उससे मिली रिपोर्ट के आधार पर अजीम नगर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।" आरोपों के अनुसार जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण की कुल लागत ₹494 करोड़ थी, जबकि केवल ₹78 करोड़ का खर्च दिखाया गया — यानी लगभग ₹416 करोड़ की कथित वित्तीय अनियमितता।
इसके अलावा आरोप है कि सरकारी अनुबंध प्राप्त अन्य कंपनियों से धन लिया गया, सरकारी फंड से बने एक ऑडिटोरियम और अन्य भवनों को एक निजी ट्रस्ट के नाम पर स्थानांतरित किया गया, तथा निर्माण लागत को जानबूझकर कम दर्शाया गया। ये सभी आरोप अभी कथित हैं और न्यायालय में प्रमाणित होना शेष है।
सपा की प्रतिक्रिया: 'राजनीतिक षड्यंत्र'
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने इस कार्रवाई को सीधे तौर पर राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा, "सरकार और अधिकारी आजम खान को निशाना बना रहे हैं। आजम खान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और समाजवादी पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है।" प्रसाद ने यह भी दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में पीडीए की सरकार बनेगी और यदि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 50 सीटें भी मिलीं तो यह दुनिया का सबसे बड़ा आश्चर्य होगा।
सपा विधायक ब्रजेश कठेरिया ने भी इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "चुनाव आ रहा है — देखिए ये क्या क्या करेंगे। यह प्रकृति की देन है कि जब किसी चीज़ का अंत होने वाला होता है, तो जाने के समय वह जुल्म की सीमाएँ तोड़ देता है।" कठेरिया ने आरोप लगाया कि BJP 'साम दाम दंड भेद' अपनाकर जनता को भयभीत करना चाहती है।
2027 के चुनाव से जोड़ा संदर्भ
अवधेश प्रसाद ने हालिया लोकसभा चुनाव में हुई भारी मतदान प्रतिशत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह बदलाव की लहर का संकेत है। उनके अनुसार इस बदलाव की शुरुआत 2027 में उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की विदाई से होगी। गौरतलब है कि यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अभी से राजनीतिक गलियारों में तेज़ होने लगी हैं।
ओवैसी पर भी निशाना
ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के हालिया बयानों पर टिप्पणी करते हुए सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि ओवैसी जिन भी इलाकों से चुनाव लड़ते हैं, वहाँ की जनता उन्हें भली भाँति समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में नतीजे खुद ब खुद स्पष्ट हो जाएँगे।
पृष्ठभूमि: आजम खान और कानूनी मामले
यह ऐसे समय में आया है जब आजम खान पहले से ही कई मुकदमों का सामना कर रहे हैं। मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर में उनके द्वारा स्थापित एक शैक्षणिक संस्थान है, जो वर्षों से विभिन्न जाँच एजेंसियों की निगरानी में है। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई विपक्षी नेताओं को चुनाव से पूर्व कमज़ोर करने की रणनीति का हिस्सा है, जबकि सरकार और जाँच एजेंसियाँ इसे पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया बताती हैं। अंतिम सत्य न्यायालय में ही तय होगा।