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आजम खान को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत, जौहर विश्वविद्यालय की ₹1,170 करोड़ संपत्ति जब्त

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आजम खान को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत, जौहर विश्वविद्यालय की ₹1,170 करोड़ संपत्ति जब्त

सारांश

इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिलने के कुछ ही दिन बाद ईडी ने आजम खान को फिर घेर लिया। जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े ₹1,170 करोड़ की संपत्ति जब्ती और 26 एफआईआर के बीच गाजियाबाद कोर्ट ने उन्हें 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा — यह सपा नेता के लिए नई कानूनी मुसीबत है।

मुख्य बातें

गाजियाबाद एमपी-एमएलए न्यायालय ने सपा नेता आजम खान को 1 नवंबर 2026 को 13 नवंबर 2026 तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी की और आगे की पूछताछ के लिए हिरासत माँगी।
ईडी ने विश्वविद्यालय की ₹426.46 करोड़ मूल्य की भूमि व इमारतें अस्थायी रूप से कुर्क कीं; कुल जब्त संपत्तियों का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग ₹1,170 करोड़ ।
जाँच रामपुर के अजीम नगर थाने में दर्ज 26 एफआईआर पर आधारित है, जिनमें किसानों की भूमि के कथित जबरन अधिग्रहण का आरोप है।
सींगन खेड़ा में लगभग 34 एकड़ शत्रु संपत्ति पर भी कथित तौर पर कब्जे का मामला सामने आया।
यह गिरफ्तारी इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा दोहरे पैन कार्ड मामले में आजम खान को जमानत देने के ठीक बाद हुई।

सपा नेता मोहम्मद आजम खान को जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तारी के अगले दिन 1 नवंबर 2026 को गाजियाबाद एमपी-एमएलए न्यायालय ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। न्यायालय के आदेश के अनुसार, खान 13 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे।

न्यायालय का आदेश और ईडी की माँग

आजम खान के अधिवक्ता दानिश अली ने पत्रकारों को बताया कि उनके मुवक्किल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ईडी ने आगे की पूछताछ के लिए खान की हिरासत की माँग की है। अदालत ने यह माँग स्वीकार करते हुए 13 नवंबर तक की हिरासत का आदेश दिया।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि और संपत्ति कुर्की

समाजवादी पार्टी (सपा) नेता की गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़ी ₹426.46 करोड़ मूल्य की भूमि और इमारतों की अस्थायी कुर्की के तुरंत बाद हुई। ईडी के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग जाँच के तहत विश्वविद्यालय की कुल संपत्तियाँ जब्त की जा चुकी हैं, जिनका वर्तमान अनुमानित बाजार मूल्य लगभग ₹1,170 करोड़ बताया गया है।

यह जाँच मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, आजम खान और अन्य के खिलाफ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले के अंतर्गत है। ईडी ने बताया कि रामपुर के सींगन खेड़ा गाँव के जौहर नगर में स्थित विश्वविद्यालय परिसर मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के स्वामित्व में है, जिसकी स्थापना और संचालन आजम खान के पास रहा है। वे संस्थान के मानद कुलाधिपति भी हैं।

भूमि अधिग्रहण पर आरोप और एफआईआर

यह जाँच रामपुर के अजीम नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज 26 एफआईआर के आधार पर शुरू की गई है। इन एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि किसानों की कृषि भूमि को विश्वविद्यालय निर्माण के लिए कथित तौर पर जबरन अधिग्रहित किया गया था। इसके अतिरिक्त, ईडी ने बताया कि जिला प्रशासन की जाँच में यह भी सामने आया कि सींगन खेड़ा में लगभग 34 एकड़ शत्रु संपत्ति पर भूमि पट्टा रद्द होने के बावजूद विश्वविद्यालय के लिए कथित तौर पर कब्जा कर लिया गया था, जिसे बाद में जिला प्रशासन के माध्यम से शत्रु संपत्ति के संरक्षक द्वारा वापस ले लिया गया।

इलाहाबाद हाई कोर्ट की राहत के बाद नई मुसीबत

गौरतलब है कि यह गिरफ्तारी इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दी गई अल्पकालिक राहत के ठीक बाद आई है। उच्च न्यायालय ने दोहरे पैन कार्ड मामले में उनकी सजा निलंबित कर दी थी और गुरुवार को उन्हें जमानत भी दे दी थी। यह ऐसे समय में आया है जब आजम खान पहले से कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं और मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में ईडी की कार्रवाई उनकी राजनीतिक और कानूनी चुनौतियों को और गहरा कर देती है।

आगे क्या होगा

अब 13 नवंबर 2026 को मामले की अगली सुनवाई होगी, जब न्यायालय हिरासत अवधि बढ़ाने या जमानत के सवाल पर सुनवाई कर सकता है। ईडी द्वारा आगे की जाँच जारी रहने की संभावना है, और मामले से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई का दायरा भी बढ़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

170 करोड़ की संपत्ति जब्ती और 26 एफआईआर की फेहरिस्त यह संकेत देती है कि जाँच की परतें काफी गहरी हैं। यह मामला उत्तर प्रदेश की उन बड़ी राजनीतिक हस्तियों पर ईडी की बढ़ती सक्रियता के व्यापक पैटर्न का हिस्सा दिखता है जो विपक्षी खेमे में हैं — हालाँकि जाँच एजेंसी इसे सख्त कानूनी कार्रवाई बताती है। न्यायालय में असली लड़ाई अब 13 नवंबर को होगी, जब यह तय होगा कि हिरासत बढ़ेगी या जमानत मिलेगी।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आजम खान को किस मामले में न्यायिक हिरासत में भेजा गया है?
आजम खान को रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। ईडी ने उन्हें इस मामले में गिरफ्तार किया और गाजियाबाद एमपी-एमएलए न्यायालय ने 13 नवंबर 2026 तक की हिरासत का आदेश दिया।
जौहर विश्वविद्यालय मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने कितनी संपत्ति जब्त की है?
ईडी ने इस मामले में विश्वविद्यालय की संपत्तियाँ जब्त की हैं, जिनका अनुमानित बाजार मूल्य लगभग ₹1,170 करोड़ बताया गया है। इसके अलावा ₹426.46 करोड़ मूल्य की भूमि और इमारतों की अस्थायी कुर्की भी की गई है।
आजम खान के खिलाफ यह जाँच किस आधार पर शुरू हुई?
यह जाँच रामपुर के अजीम नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज 26 एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। इन एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि किसानों की कृषि भूमि को जौहर विश्वविद्यालय के लिए कथित तौर पर जबरन अधिग्रहित किया गया था।
क्या इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आजम खान को कोई राहत दी थी?
हाँ, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दोहरे पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की सजा निलंबित कर दी थी और उन्हें जमानत दे दी थी। यह जमानत गुरुवार को मिली थी, और ईडी की गिरफ्तारी उसके तुरंत बाद शनिवार को हुई।
आजम खान की अगली अदालती सुनवाई कब होगी?
गाजियाबाद एमपी-एमएलए न्यायालय के आदेश के अनुसार, अगली सुनवाई 13 नवंबर 2026 को होगी। उस दिन अदालत हिरासत बढ़ाने या जमानत के सवाल पर विचार कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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