संजय गुप्ता ने सुनाई थी छोटा राजन की धमकी की दास्तान, जवाब में बोले — 'मैं बड़ा राजन हूं'
सारांश
मुख्य बातें
फिल्म निर्देशक संजय गुप्ता के निधन के बाद सोशल मीडिया पर उनकी एक पुरानी बातचीत का वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कुख्यात गैंगस्टर छोटा राजन से मिली धमकी भरे फोन कॉल का रोंगटे खड़े कर देने वाला किस्सा साझा किया था। यह बातचीत लेखक एस. हुसैन ज़ैदी के साथ हुई थी, जो अब उनके जाने के बाद नई भावनात्मक अहमियत ले चुकी है।
जब संजय गुप्ता को आया छोटा राजन का फोन
संजय गुप्ता ने अपनी बातचीत में बताया था कि एक दिन उन्हें एक अजनबी का फोन आया। उन्होंने अपने शब्दों में कहा था, 'मैंने फोन उठाया। दूसरी तरफ से आवाज आई — मैं कब से फोन कर रहा हूं? मैंने पूछा, आप कौन हैं? उसने कहा, मैं नाना हूं। मैंने पूछा, कौन नाना? उसने जवाब दिया — मैं छोटा राजन हूं।'
गुप्ता को पहले यकीन ही नहीं हुआ। उन्होंने सोचा कि यह उनके दोस्त रवि दीवान का मज़ाक है। इसी भ्रम में उन्होंने जवाब दे दिया — 'मैं बड़ा राजन हूं, बताइए क्या बात है?' यह जवाब उनकी मुसीबत का सबब बन गया। कॉलर तुरंत नाराज़ हो गया और उन्हें गालियां देने लगा।
बड़ा राजन का ज़िक्र क्यों बन गया 'भूल'
बाद में संजय गुप्ता को पता चला — और उन्होंने माना कि यह जानकारी उन्हें एस. हुसैन ज़ैदी की किताबों से मिली — कि बड़ा राजन दरअसल छोटा राजन का गुरु था। उनकी मृत्यु का छोटा राजन पर गहरा असर पड़ा था और वह उनका बेहद सम्मान करता था। इसलिए संजय गुप्ता का वह मज़ाकिया जवाब अनजाने में एक संवेदनशील नस छू गया था।
जब असलियत का एहसास हुआ तो संजय गुप्ता ने तुरंत संजय दत्त को फोन किया। उस समय संजय दत्त खुद ज़मानत पर बाहर थे। गुप्ता ने उनसे कहा कि कुछ लोग टैक्सी में उनके घर के बाहर आ पहुंचे हैं और उन्हें तत्काल वहां से निकालने की ज़रूरत है।
सुनील दत्त की सांसद वाली कार में सुरक्षित निकले
संजय दत्त ने फौरन सुनील दत्त की सांसद वाली आधिकारिक कार और एक जीप उनके घर भेजी। संजय गुप्ता ने बताया था, 'मेरा घर ग्राउंड फ्लोर पर था। मैं जल्दी से निकला और कार की पिछली सीट पर बैठ गया। हम तेज़ी से वहां से निकल गए और मैं संजय दत्त के घर पहुंचा।' वहां पहुंचकर दोनों को कुछ सूझ नहीं रहा था — तभी आदित्य पंचोली का फोन आया।
आदित्य पंचोली ने मांगी माफी, खुलासा हुआ असली वजह
आदित्य पंचोली वहां पहुंचे और संजय गुप्ता को गले लगाकर माफी मांगी। उन्होंने बताया कि पिछली रात वह एक दोस्त के साथ बैठे थे और शराब पीते हुए उन्होंने शिकायत की थी कि फिल्म 'राम शास्त्र' में उनका रोल उतना प्रभावशाली नहीं था और काश कोई संजय गुप्ता पर दबाव डाल सके।
संजय गुप्ता ने उनसे कहा कि जो मुसीबत उन्होंने खड़ी की है, उससे निकालना भी उन्हीं की ज़िम्मेदारी है। इसके बाद किसी माध्यम से एक फोन कॉल का इंतज़ाम किया गया। गुप्ता ने माफी मांगी, और जवाब में कहा गया — 'कोई बात नहीं, तुम अच्छे आदमी हो। आदित्य पंचोली का रोल थोड़ा और बेहतर कर दो, जितना हो सके।' गुप्ता ने माना और मामला वहीं खत्म हुआ।
फिल्म उद्योग में शोक, पवन हंस पर अंतिम विदाई
शनिवार को संजय गुप्ता के आकस्मिक निधन की खबर ने पूरे फिल्म उद्योग को स्तब्ध कर दिया। उनका अंतिम संस्कार पवन हंस श्मशान घाट पर किया गया। अंतिम यात्रा में अभिषेक बच्चन, राकेश रोशन, फरदीन खान, मनोज बाजपेयी, रजत बेदी, अशोक पंडित, मिलाप ज़ावेरी, रोहित रॉय, रोनित रॉय और गुलशन ग्रोवर समेत फिल्म जगत की अनेक हस्तियां शामिल हुईं। उनकी यादें और किस्से अब भी सिने प्रेमियों के दिलों में ज़िंदा हैं।