आजम खां पर जौहर यूनिवर्सिटी मामले में नई FIR, ₹416 करोड़ के गबन का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर गहरी हो गई हैं। जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में कथित तौर पर सरकारी धन और सामग्री के दुरुपयोग के मामले में 13 अक्टूबर 2026 को रामपुर के अजीमनगर थाने में आजम खां, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मुकदमा प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 66(2) के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ साझा की गई जांच-सामग्री के आधार पर दर्ज किया गया है।
मुख्य आरोप और कानूनी धाराएँ
दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएँ 61, 316(5) और 318(4) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएँ 7, 13(1)(d) और 13(2) लगाई गई हैं। इन धाराओं में धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। गौरतलब है कि एफआईआर में लगाए गए आरोप अभी जांच के विषय हैं और अदालत में साबित नहीं हुए हैं।
₹416 करोड़ के वित्तीय अंतर का दावा
ED के अनुसार, जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में इमारतों के निर्माण की अनुमानित लागत करीब ₹494.46 करोड़ आंकी गई है। दूसरी ओर, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के आयकर रिटर्न में वित्त वर्ष 2013-14 से 2024-25 के बीच कुल ₹78.32 करोड़ का पूंजीगत व्यय दर्ज है। एजेंसी ने इन दोनों आंकड़ों के बीच करीब ₹416.14 करोड़ के अंतर का दावा किया है।
सरकारी धन और निर्माण सामग्री के दुरुपयोग का आरोप
ED की शिकायत में करीब ₹55.8 करोड़ के ठेकेदारों से जुड़े निर्माण कार्यों, ₹23.41 करोड़ के सरकारी कार्यों और ₹6.60 करोड़ के विधायक एवं विधान परिषद क्षेत्र विकास निधि से संबंधित कार्यों का उल्लेख है। इन सभी मदों की कुल राशि करीब ₹85.81 करोड़ बताई गई है। एजेंसी ने ट्रस्ट को मिले कुछ दान की वास्तविकता पर भी सवाल उठाए हैं।
ठेकेदारों के ज़रिये दान दिखाने की आशंका
एजेंसी की आशंका है कि ठेकेदारों के माध्यम से कुछ रकम ट्रस्ट तक पहुँचाई गई और उसे दान के रूप में दर्शाया गया। जांच के दौरान संबंधित लोगों के बयानों और उपलब्ध दस्तावेज़ों के आधार पर सरकारी धन तथा निर्माण सामग्री के कथित उपयोग की पड़ताल की गई है।
क्या होगा आगे
इस मामले में आजम खां, ट्रस्ट, संबंधित ठेकेदारों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब आजम खां पहले से कई कानूनी मामलों में उलझे हुए हैं। जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े विभिन्न मामलों में न्यायालयों में सुनवाई जारी है और अब इस नई एफआईआर के बाद कानूनी प्रक्रिया एक नए दौर में प्रवेश करेगी।