आजम खान की ईडी गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, गुरुवार को CJI सूर्यकांत की पीठ करेगी सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
सपा नेता आजम खान ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई अपनी गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद ईडी की कार्रवाई के खिलाफ दायर इस याचिका पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ गुरुवार, 6 नवंबर 2026 को सुनवाई करेगी। यह मामला मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग विवाद से संबंधित है।
गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत का घटनाक्रम
ईडी ने आजम खान को जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद गाजियाबाद की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। फिलहाल वे गाजियाबाद की डासना जेल में बंद हैं और अदालत ने उन्हें 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है।
गौरतलब है कि यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की ₹426.46 करोड़ मूल्य की जमीन और इमारतों की अस्थायी कुर्की के बाद हुई। ईडी के अनुसार, इन संपत्तियों का मौजूदा अनुमानित बाजार मूल्य करीब ₹1,170 करोड़ है।
मामले की पृष्ठभूमि और आरोप
ईडी की जांच रामपुर के अजीम नगर पुलिस थाने में दर्ज 26 एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। इन एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि जौहर विश्वविद्यालय के लिए किसानों की कृषि भूमि जबरन अधिग्रहित की गई।
ईडी के अनुसार, सींगन खेड़ा गांव के जौहर नगर में स्थित विश्वविद्यालय परिसर मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के स्वामित्व में है, जिसकी स्थापना और संचालन आजम खान करते हैं। वे इस संस्थान के मानद कुलाधिपति भी हैं। जिला प्रशासन की जांच में यह भी सामने आया था कि सींगन खेड़ा गांव में करीब 34 एकड़ शत्रु संपत्ति पर भूमि पट्टा रद्द होने के बावजूद विश्वविद्यालय के लिए कब्जा कर लिया गया था। बाद में शत्रु संपत्ति के संरक्षक ने जिला प्रशासन के माध्यम से इस जमीन को वापस ले लिया था।
इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत के बाद नया झटका
यह ताजा कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को इलाहाबाद हाई कोर्ट से दोहरे पैन कार्ड मामले में सजा निलंबित होने के साथ जमानत मिली थी। रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद ईडी की गिरफ्तारी ने उनकी कानूनी मुश्किलें और गहरी कर दीं।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी (सपा) अपनी जमीन मजबूत करने में जुटी है और आजम खान पार्टी के वरिष्ठ एवं प्रभावशाली नेता माने जाते हैं।
सुप्रीम कोर्ट में आगे की राह
CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ गुरुवार को आजम खान की याचिका पर सुनवाई के बाद यह तय करेगी कि ईडी की गिरफ्तारी वैध है या नहीं। इस सुनवाई का नतीजा न केवल आजम खान की व्यक्तिगत स्वतंत्रता बल्कि जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की दिशा भी तय करेगा।