4 नवंबर 2026
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आजम खान की ईडी गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, गुरुवार को CJI सूर्यकांत की पीठ करेगी सुनवाई

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आजम खान की ईडी गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, गुरुवार को CJI सूर्यकांत की पीठ करेगी सुनवाई

सारांश

रामपुर जेल से छूटते ही ईडी के हत्थे चढ़े सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं। जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े ₹426.46 करोड़ की कुर्की और ₹1,170 करोड़ की संपत्ति के इस मामले पर गुरुवार को CJI सूर्यकांत की पीठ सुनवाई करेगी।

मुख्य बातें

आजम खान ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
CJI सूर्यकांत , जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी.
मोहना की पीठ गुरुवार को याचिका पर सुनवाई करेगी।
ईडी ने जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ₹426.46 करोड़ की संपत्ति कुर्क करने के बाद गिरफ्तारी की; संपत्ति का अनुमानित बाजार मूल्य ₹1,170 करोड़ ।
गाजियाबाद की विशेष अदालत ने उन्हें 13 नवंबर तक डासना जेल में न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया।
मामले की जांच रामपुर के अजीम नगर थाने में दर्ज 26 एफआईआर पर आधारित है, जिनमें किसानों की जमीन जबरन अधिग्रहण के आरोप हैं।
इलाहाबाद हाई कोर्ट से दोहरे पैन कार्ड मामले में जमानत मिलने के तुरंत बाद यह ईडी कार्रवाई हुई।

सपा नेता आजम खान ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई अपनी गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद ईडी की कार्रवाई के खिलाफ दायर इस याचिका पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ गुरुवार, 6 नवंबर 2026 को सुनवाई करेगी। यह मामला मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग विवाद से संबंधित है।

गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत का घटनाक्रम

ईडी ने आजम खान को जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद गाजियाबाद की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। फिलहाल वे गाजियाबाद की डासना जेल में बंद हैं और अदालत ने उन्हें 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है।

गौरतलब है कि यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की ₹426.46 करोड़ मूल्य की जमीन और इमारतों की अस्थायी कुर्की के बाद हुई। ईडी के अनुसार, इन संपत्तियों का मौजूदा अनुमानित बाजार मूल्य करीब ₹1,170 करोड़ है।

मामले की पृष्ठभूमि और आरोप

ईडी की जांच रामपुर के अजीम नगर पुलिस थाने में दर्ज 26 एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। इन एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि जौहर विश्वविद्यालय के लिए किसानों की कृषि भूमि जबरन अधिग्रहित की गई।

ईडी के अनुसार, सींगन खेड़ा गांव के जौहर नगर में स्थित विश्वविद्यालय परिसर मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के स्वामित्व में है, जिसकी स्थापना और संचालन आजम खान करते हैं। वे इस संस्थान के मानद कुलाधिपति भी हैं। जिला प्रशासन की जांच में यह भी सामने आया था कि सींगन खेड़ा गांव में करीब 34 एकड़ शत्रु संपत्ति पर भूमि पट्टा रद्द होने के बावजूद विश्वविद्यालय के लिए कब्जा कर लिया गया था। बाद में शत्रु संपत्ति के संरक्षक ने जिला प्रशासन के माध्यम से इस जमीन को वापस ले लिया था।

इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत के बाद नया झटका

यह ताजा कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को इलाहाबाद हाई कोर्ट से दोहरे पैन कार्ड मामले में सजा निलंबित होने के साथ जमानत मिली थी। रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद ईडी की गिरफ्तारी ने उनकी कानूनी मुश्किलें और गहरी कर दीं।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी (सपा) अपनी जमीन मजबूत करने में जुटी है और आजम खान पार्टी के वरिष्ठ एवं प्रभावशाली नेता माने जाते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में आगे की राह

CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ गुरुवार को आजम खान की याचिका पर सुनवाई के बाद यह तय करेगी कि ईडी की गिरफ्तारी वैध है या नहीं। इस सुनवाई का नतीजा न केवल आजम खान की व्यक्तिगत स्वतंत्रता बल्कि जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की दिशा भी तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

170 करोड़ की संपत्ति का आँकड़ा बताता है कि ईडी की जांच वर्षों से चल रही है, लेकिन गिरफ्तारी का वक्त सवाल उठाता है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई यह परखेगी कि क्या गिरफ्तारी प्रक्रियागत रूप से दोषपूर्ण थी — यह देश में ईडी की कार्यशैली पर चल रही व्यापक बहस का ही हिस्सा है, जहाँ विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारियों पर बार-बार सवाल उठते रहे हैं।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आजम खान को ईडी ने किस मामले में गिरफ्तार किया है?
ईडी ने आजम खान को उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। ईडी के अनुसार विश्वविद्यालय की ₹426.46 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई है और इसका अनुमानित बाजार मूल्य ₹1,170 करोड़ है।
सुप्रीम कोर्ट में आजम खान की याचिका पर कब सुनवाई होगी?
सुप्रीम कोर्ट गुरुवार, 6 नवंबर 2026 को इस याचिका पर सुनवाई करेगा। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी।
आजम खान फिलहाल किस जेल में हैं और कब तक हिरासत में रहेंगे?
आजम खान गाजियाबाद की डासना जेल में हैं। गाजियाबाद की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने उन्हें 13 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है।
जौहर विश्वविद्यालय मामले में ईडी की जांच किस आधार पर शुरू हुई?
जांच रामपुर के अजीम नगर पुलिस थाने में दर्ज 26 एफआईआर पर आधारित है, जिनमें विश्वविद्यालय के लिए किसानों की कृषि भूमि जबरन अधिग्रहित करने के आरोप हैं। जिला प्रशासन की जांच में सींगन खेड़ा गांव में करीब 34 एकड़ शत्रु संपत्ति पर अवैध कब्जे का मामला भी सामने आया था।
इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी आजम खान गिरफ्तार कैसे हुए?
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दोहरे पैन कार्ड मामले में सजा निलंबित कर जमानत दी थी। रामपुर जेल से रिहा होते ही ईडी ने उन्हें एक अलग मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया, जो जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित है — दोनों मामले पूरी तरह अलग हैं।
राष्ट्र प्रेस
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