झारखंड डॉक्टरों की हड़ताल टली: सरकार से वार्ता में प्रमुख मांगों पर सहमति, 22 अक्टूबर का आंदोलन स्थगित
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में आंदोलनरत चिकित्सकों ने 22 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित कार्य बहिष्कार आंदोलन स्थगित कर दिया है, क्योंकि 16 अक्टूबर को रांची में स्वास्थ्य विभाग के साथ हुई वार्ता में उनकी प्रमुख माँगों पर सहमति बन गई। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक को चिकित्सक संगठनों ने अपने संयुक्त आंदोलन की उपलब्धि बताया है। छठ पर्व के बाद शेष माँगों पर चर्चा के लिए दोनों पक्षों की पुनः बैठक होगी।
वार्ता में किन मुद्दों पर बनी सहमति
बैठक में भारतीय चिकित्सा संघ (IMA), झारखंड राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ (झासा) और अन्य चिकित्सक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। चर्चा के प्रमुख बिंदुओं में चिकित्सकों की पदोन्नति, सुरक्षा, अस्पतालों का पंजीकरण और रेजिडेंट डॉक्टरों की प्रोत्साहन राशि शामिल रहे।
चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारी को नोडल पदाधिकारी नियुक्त करने की पुरानी व्यवस्था फिर से लागू करने पर सहमति बनी। इंटर्न, जूनियर रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की प्रोत्साहन राशि के भुगतान में अनियमितताओं को दूर कर इसे नियमित करने पर भी सहमति जताई गई।
अस्पताल पंजीकरण में सिंगल विंडो सिस्टम
अस्पतालों के पंजीकरण और प्रमाणन की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने पर विभाग की ओर से सहमति दी गई। इससे अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।
न्यूनतम बिस्तरों की संख्या के संदर्भ में ग्रामीण क्षेत्रों में 30 बिस्तर और शहरी क्षेत्रों में 40 बिस्तर की व्यवस्था पर भी सहमति बनी। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब राज्य के कई छोटे अस्पताल बुनियादी ढाँचे की कमियों से जूझ रहे हैं।
पदोन्नति और कानूनी संशोधन का आश्वासन
विभाग ने वार्ता में आश्वस्त किया कि चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण से जुड़े कानून में संशोधन के लिए अगले दो महीने में मंत्रिमंडल की मंजूरी हेतु प्रस्ताव भेजा जाएगा। चिकित्सकों की समयबद्ध पदोन्नति के लिए केंद्र सरकार और बिहार में लागू प्रावधानों के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
इस सुविधा का लाभ सामान्य चिकित्सकों, दंत चिकित्सकों और दोनों संवर्गों के विशेषज्ञ चिकित्सकों को देने पर विचार किया गया। वित्त विभाग के साथ बैठक कर इस मामले में समाधान निकालने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, माँगों पर अनुवर्ती कार्रवाई के लिए विभाग के स्तर पर एक समन्वय समिति भी गठित की जाएगी।
चिकित्सक संगठनों की प्रतिक्रिया
चिकित्सक संगठनों ने इस बैठक के नतीजों को अपने संयुक्त आंदोलन की सफलता बताया। उनके अनुसार, छठ पर्व के बाद होने वाली अगली बैठक में शेष माँगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बैठक में विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा और संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला भी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में चिकित्सकों की सुरक्षा और बेहतर कार्यस्थितियों को लेकर समय-समय पर आंदोलन होते रहे हैं। झारखंड में इस बार की वार्ता ने एक अस्थायी समाधान की राह खोली है, लेकिन अंतिम निर्णय छठ के बाद होने वाली बैठक पर निर्भर करेगा।