17 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

झारखंड डॉक्टरों की हड़ताल टली: सरकार से वार्ता में प्रमुख मांगों पर सहमति, 22 अक्टूबर का आंदोलन स्थगित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
झारखंड डॉक्टरों की हड़ताल टली: सरकार से वार्ता में प्रमुख मांगों पर सहमति, 22 अक्टूबर का आंदोलन स्थगित

सारांश

झारखंड में आंदोलनरत डॉक्टरों ने 22 अक्टूबर की प्रस्तावित हड़ताल टाल दी है। रांची में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ हुई वार्ता में सुरक्षा, प्रोत्साहन राशि, सिंगल विंडो पंजीकरण और पदोन्नति जैसी प्रमुख माँगों पर सहमति बनी। छठ के बाद शेष माँगों पर बैठक होगी।

मुख्य बातें

झारखंड के चिकित्सक संगठनों ने 22 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित कार्य बहिष्कार आंदोलन स्थगित किया।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ 16 अक्टूबर को हुई वार्ता में IMA और झासा की प्रमुख माँगें मानी गईं।
चिकित्सकों की सुरक्षा हेतु डीएसपी स्तर के नोडल पदाधिकारी की पुरानी व्यवस्था फिर से लागू होगी।
अस्पताल पंजीकरण के लिए सिंगल विंडो सिस्टम ; ग्रामीण में 30 व शहरी में 40 बिस्तर की न्यूनतम व्यवस्था पर सहमति।
पंजीकरण कानून में संशोधन के लिए दो महीने में मंत्रिमंडल को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
छठ पर्व के बाद शेष माँगों पर विभाग और चिकित्सक संगठनों की पुनः बैठक होगी।

झारखंड में आंदोलनरत चिकित्सकों ने 22 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित कार्य बहिष्कार आंदोलन स्थगित कर दिया है, क्योंकि 16 अक्टूबर को रांची में स्वास्थ्य विभाग के साथ हुई वार्ता में उनकी प्रमुख माँगों पर सहमति बन गई। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक को चिकित्सक संगठनों ने अपने संयुक्त आंदोलन की उपलब्धि बताया है। छठ पर्व के बाद शेष माँगों पर चर्चा के लिए दोनों पक्षों की पुनः बैठक होगी।

वार्ता में किन मुद्दों पर बनी सहमति

बैठक में भारतीय चिकित्सा संघ (IMA), झारखंड राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ (झासा) और अन्य चिकित्सक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। चर्चा के प्रमुख बिंदुओं में चिकित्सकों की पदोन्नति, सुरक्षा, अस्पतालों का पंजीकरण और रेजिडेंट डॉक्टरों की प्रोत्साहन राशि शामिल रहे।

चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारी को नोडल पदाधिकारी नियुक्त करने की पुरानी व्यवस्था फिर से लागू करने पर सहमति बनी। इंटर्न, जूनियर रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की प्रोत्साहन राशि के भुगतान में अनियमितताओं को दूर कर इसे नियमित करने पर भी सहमति जताई गई।

अस्पताल पंजीकरण में सिंगल विंडो सिस्टम

अस्पतालों के पंजीकरण और प्रमाणन की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने पर विभाग की ओर से सहमति दी गई। इससे अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।

न्यूनतम बिस्तरों की संख्या के संदर्भ में ग्रामीण क्षेत्रों में 30 बिस्तर और शहरी क्षेत्रों में 40 बिस्तर की व्यवस्था पर भी सहमति बनी। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब राज्य के कई छोटे अस्पताल बुनियादी ढाँचे की कमियों से जूझ रहे हैं।

पदोन्नति और कानूनी संशोधन का आश्वासन

विभाग ने वार्ता में आश्वस्त किया कि चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण से जुड़े कानून में संशोधन के लिए अगले दो महीने में मंत्रिमंडल की मंजूरी हेतु प्रस्ताव भेजा जाएगा। चिकित्सकों की समयबद्ध पदोन्नति के लिए केंद्र सरकार और बिहार में लागू प्रावधानों के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।

इस सुविधा का लाभ सामान्य चिकित्सकों, दंत चिकित्सकों और दोनों संवर्गों के विशेषज्ञ चिकित्सकों को देने पर विचार किया गया। वित्त विभाग के साथ बैठक कर इस मामले में समाधान निकालने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, माँगों पर अनुवर्ती कार्रवाई के लिए विभाग के स्तर पर एक समन्वय समिति भी गठित की जाएगी।

चिकित्सक संगठनों की प्रतिक्रिया

चिकित्सक संगठनों ने इस बैठक के नतीजों को अपने संयुक्त आंदोलन की सफलता बताया। उनके अनुसार, छठ पर्व के बाद होने वाली अगली बैठक में शेष माँगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बैठक में विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा और संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला भी उपस्थित थे।

गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में चिकित्सकों की सुरक्षा और बेहतर कार्यस्थितियों को लेकर समय-समय पर आंदोलन होते रहे हैं। झारखंड में इस बार की वार्ता ने एक अस्थायी समाधान की राह खोली है, लेकिन अंतिम निर्णय छठ के बाद होने वाली बैठक पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है — सहमति के बिंदु कागज़ पर हैं, क्रियान्वयन अभी बाकी है। डीएसपी स्तर के नोडल अधिकारी की व्यवस्था 'फिर से लागू' करने की बात बताती है कि यह पहले भी वादा था जो लागू नहीं हो सका। पदोन्नति के लिए वित्त विभाग की मंजूरी का इंतजार और दो महीने में मंत्रिमंडल को प्रस्ताव भेजने का आश्वासन — ये दोनों शर्तें टालमटोल के पुराने रास्ते भी हो सकते हैं। छठ के बाद होने वाली बैठक में यदि शेष माँगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन की वापसी तय है।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में डॉक्टरों की 22 अक्टूबर की हड़ताल क्यों टाली गई?
16 अक्टूबर को रांची में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ हुई वार्ता में चिकित्सकों की प्रमुख माँगों पर सहमति बनने के बाद IMA और झासा ने 22 अक्टूबर से प्रस्तावित कार्य बहिष्कार आंदोलन स्थगित कर दिया। छठ पर्व के बाद शेष माँगों पर चर्चा के लिए दोबारा बैठक होगी।
झारखंड सरकार ने डॉक्टरों की किन माँगों पर सहमति दी?
सरकार ने चिकित्सक सुरक्षा के लिए डीएसपी स्तर के नोडल अधिकारी की पुनर्बहाली, इंटर्न व रेजिडेंट डॉक्टरों की प्रोत्साहन राशि नियमित करने, अस्पताल पंजीकरण में सिंगल विंडो सिस्टम और न्यूनतम बिस्तर संख्या (ग्रामीण में 30, शहरी में 40) जैसी माँगों पर सहमति दी। पंजीकरण कानून में संशोधन के लिए दो महीने में मंत्रिमंडल को प्रस्ताव भेजने का भी आश्वासन दिया गया।
झारखंड में डॉक्टरों की पदोन्नति पर क्या निर्णय हुआ?
चिकित्सकों की समयबद्ध पदोन्नति के लिए केंद्र सरकार और बिहार में लागू प्रावधानों के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसका लाभ सामान्य चिकित्सकों, दंत चिकित्सकों और विशेषज्ञ चिकित्सकों को मिलेगा, और वित्त विभाग से मंजूरी के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
छठ के बाद होने वाली बैठक में क्या होगा?
छठ पर्व के बाद स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सक संगठनों की पुनः बैठक होगी, जिसमें उन माँगों पर चर्चा की जाएगी जो इस वार्ता में अनसुलझी रह गई हैं। माँगों की अनुवर्ती कार्रवाई के लिए विभाग स्तर पर एक समन्वय समिति भी गठित की जाएगी।
वार्ता में कौन-से चिकित्सक संगठन शामिल थे?
बैठक में भारतीय चिकित्सा संघ (IMA), झारखंड राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ (झासा) और अन्य चिकित्सक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। विभाग की ओर से विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा और संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला भी उपस्थित थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले