झारखंड में डॉक्टरों का आंदोलन: मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने समेत 7 मांगें, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की झारखंड इकाई के बैनर तले राज्यभर के चिकित्सकों ने 14 अक्टूबर 2026 को झारखंड मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को कड़ाई से लागू करने सहित सेवा शर्तों से जुड़ी सात प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। सरकारी, निजी, जूनियर और वरिष्ठ — सैकड़ों डॉक्टरों ने रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) और सदर अस्पताल में ड्यूटी के दौरान काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराया। एक प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक कार्यालय पहुँचकर मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
मुख्य मांगें
IMA झारखंड के अनुसार, आंदोलन का केंद्रीय उद्देश्य राज्य में चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्वास्थ्य व्यवस्था को मज़बूत बनाना है। प्रदर्शनकारियों की मांगों में शामिल हैं — झारखंड मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट का कठोर क्रियान्वयन; क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में व्यावहारिक संशोधन; केंद्र और बिहार की तर्ज पर मेडिकल, डेंटिस्ट और विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए डायनामिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (DACP) लागू करना; आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों का बकाया भुगतान; सिंगल-विंडो सिस्टम से लाइसेंस व पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना; जूनियर डॉक्टरों की नियुक्ति व सेवा शर्तों में सुधार; और महिला चिकित्सकों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल की गारंटी।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब देशभर में डॉक्टरों पर हमलों की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि 2023 के बाद से अस्पतालों में हिंसा की बढ़ती घटनाओं के बीच कई राज्यों में मेडिकल प्रोटेक्शन कानूनों की माँग उठती रही है। झारखंड में यह कानून मौजूद है, लेकिन IMA के अनुसार इसे प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जा रहा। DACP की माँग भी नई नहीं है — केंद्र सरकार के अधीन डॉक्टरों को यह लाभ पहले से मिल रहा है, जबकि झारखंड के राज्य सरकारी चिकित्सक इससे वंचित हैं।
आपातकालीन सेवाएँ जारी
चिकित्सा संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन मरीजों या स्वास्थ्य सेवाओं के विरुद्ध नहीं है। आंदोलन के दौरान आपातकालीन और जीवनरक्षक चिकित्सा सेवाएँ पूरी तरह बहाल रखी गई हैं, ताकि मरीजों को कोई असुविधा न हो।
22 अक्टूबर से पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी
IMA की ओर से जारी पत्र के अनुसार, यदि राज्य सरकार ने मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की, तो 21 अक्टूबर 2026 को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी ठोस कदम न उठाए जाने की स्थिति में 22 अक्टूबर 2026 से राज्यभर के डॉक्टर पूर्ण कार्य बहिष्कार पर जाने के लिए बाध्य होंगे।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख चिकित्सक
बुधवार के प्रदर्शन में IMA झारखंड के सचिव डॉ. प्रदीप सिंह, IMA HBI के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. अभिषेक रामाधीन, डॉ. शंभू सिंह, झारखंड चिकित्सा सेवा संघ के प्रतिनिधि डॉ. अजीत व डॉ. स्टीफन, जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विकास, डॉ. जयदीप और झारखंड स्वास्थ्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष मो. आदिल सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
यदि झारखंड सरकार 21 अक्टूबर तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं देती, तो राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है।