22 अक्टूबर 2026
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महाराष्ट्र इंटर्न डॉक्टरों का अल्टीमेटम: ₹30,000 स्टाइपेंड न मिला तो 2 नवंबर से हड़ताल

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महाराष्ट्र इंटर्न डॉक्टरों का अल्टीमेटम: ₹30,000 स्टाइपेंड न मिला तो 2 नवंबर से हड़ताल

सारांश

महाराष्ट्र के इंटर्न डॉक्टर 2024 से ₹30,000 स्टाइपेंड माँग रहे हैं, पर सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ASMI ने 1 नवंबर तक का अल्टीमेटम दे दिया है — जवाब नहीं मिला तो 2 नवंबर से राज्यव्यापी हड़ताल, जबकि यूपी-बिहार में इंटर्न्स को ₹25,000 से अधिक मिल रहे हैं।

मुख्य बातें

ASMI के इंटर्न डॉक्टरों ने 22 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जे.जे.
अस्पताल में मौन प्रदर्शन किया।
माँग है कि मासिक स्टाइपेंड ₹18,000 से बढ़ाकर ₹30,000 किया जाए — यह माँग 2024 से लंबित है।
सरकार को 1 नवंबर 2026 तक का अल्टीमेटम; कार्रवाई न हुई तो 2 नवंबर से राज्यव्यापी हड़ताल।
आपातकालीन सेवाएँ हड़ताल के दौरान भी जारी रहेंगी ।
उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में इंटर्न डॉक्टरों को ₹25,000 या उससे अधिक स्टाइपेंड मिल रहा है।
फाइल वित्त मंत्रालय तक पहुँच चुकी है, फिर भी अब तक कोई निर्णय नहीं।

महाराष्ट्र में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर आंदोलन तीव्र हो गया है। एसोसिएशन ऑफ स्टेट मेडिकल इंटर्न्स (ASMI) से जुड़े इंटर्न डॉक्टरों ने 22 अक्टूबर 2026 को मुंबई के ऐतिहासिक जे.जे. अस्पताल में मौन प्रदर्शन किया और राज्य सरकार को 1 नवंबर तक का अल्टीमेटम दे दिया है। इंटर्न्स की प्रमुख माँग है कि उनका मासिक स्टाइपेंड मौजूदा ₹18,000 से बढ़ाकर ₹30,000 किया जाए।

प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

ASMI के महासचिव डॉ. रमन पवार के अनुसार, यह मुद्दा कोई नया नहीं है — यह विवाद 2024 से चला आ रहा है, जब पहली बार ₹30,000 स्टाइपेंड की माँग उठाई गई थी, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने बताया कि अगस्त से अक्टूबर के बीच शिक्षा मंत्री, प्रधान सचिव, उपमुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री और उनके प्रधान सचिव सहित सभी संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजे गए।

सितंबर में एक बार फिर अनुरोध पत्र डाला गया और सरकार को 15 से 20 दिन का 'ग्रेस पीरियड' दिया गया, परंतु कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद 5 अक्टूबर को पुनर्विचार के लिए एक और पत्र भेजा गया, और 10 दिन और प्रतीक्षा की गई — फिर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

अधिकारियों के साथ बातचीत

डॉ. पवार ने बताया कि अधिकारियों से दो बार मुलाकात भी हुई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। न कोई बैठक की तारीख तय हुई, न कोई ठोस निर्णय लिया गया। अस्पताल स्तर पर डीन को तीन पत्र दिए गए, जिन्होंने अपना प्रस्ताव डीएमईआर (DMER) को भेजा। DMER को भी पिछले तीन महीनों में छह पत्र भेजे गए।

डॉ. पवार ने सवाल उठाया, 'जब फाइल वित्त मंत्रालय तक पहुँच गई है, तो अब तक निर्णय क्यों नहीं लिया गया?' यह ऐसे समय में आया है जब देश के अन्य राज्यों — उत्तर प्रदेश, बिहार और कई अन्य — में इंटर्न डॉक्टरों को लगभग ₹25,000 या उससे अधिक का स्टाइपेंड मिल रहा है।

अंतर-राज्यीय असमानता का मुद्दा

इंटर्न डॉक्टरों का तर्क है कि मुंबई जैसे महँगे महानगर में रहने-खाने का खर्च अन्य शहरों की तुलना में कहीं अधिक है, फिर भी यहाँ का स्टाइपेंड सबसे कम है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र देश के सबसे अधिक स्वास्थ्यकर्मी पैदा करने वाले राज्यों में से एक है, और इस विरोधाभास को आलोचक लंबे समय से उजागर करते रहे हैं।

प्रदर्शनकारी इंटर्न्स का कहना है कि यह आंदोलन केवल मुंबई तक सीमित नहीं है — पूरे महाराष्ट्र के इंटर्न डॉक्टर इसमें शामिल हैं।

अल्टीमेटम और हड़ताल की चेतावनी

ASMI के महासचिव डॉ. रमन पवार ने स्पष्ट किया, 'अगर सरकार 1 नवंबर तक कोई ठोस कदम नहीं उठाती है, तो 2 नवंबर से हम हड़ताल पर चले जाएंगे।' हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाएँ जारी रहेंगी।

यदि यह हड़ताल होती है, तो राज्य के सरकारी अस्पतालों में नियमित चिकित्सा सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता है, क्योंकि इंटर्न डॉक्टर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ माने जाते हैं।

आगे की राह

अब सारी निगाहें राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि 1 नवंबर 2026 तक स्टाइपेंड बढ़ोतरी पर कोई घोषणा नहीं होती, तो महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों को एक और बड़े चिकित्सक आंदोलन का सामना करना पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दो बैठकें, और फिर भी कोई निर्णय नहीं — बताता है कि नौकरशाही की प्राथमिकता सूची में इंटर्न डॉक्टरों की स्थिति कहाँ है। विडंबना यह है कि जिस राज्य में देश के कुछ सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज हैं, वहाँ इंटर्न्स को यूपी-बिहार से भी कम मानदेय मिल रहा है। हड़ताल की धमकी को महज दबाव की राजनीति मानकर नज़रअंदाज़ करना जोखिमभरा होगा — सार्वजनिक अस्पतालों में इंटर्न डॉक्टरों की अनुपस्थिति सीधे ग़रीब मरीज़ों को प्रभावित करती है। सवाल यह है कि क्या सरकार 2 नवंबर से पहले फाइल को 'अटकाने' की पुरानी आदत से बाहर निकलेगी।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र के इंटर्न डॉक्टर किस माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं?
ASMI से जुड़े इंटर्न डॉक्टर अपने मासिक स्टाइपेंड को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹30,000 करने की माँग कर रहे हैं। यह माँग 2024 से लंबित है और सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
इंटर्न डॉक्टरों ने हड़ताल का अल्टीमेटम कब तक दिया है?
ASMI ने राज्य सरकार को 1 नवंबर 2026 तक का अल्टीमेटम दिया है। यदि इस तारीख तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 2 नवंबर से राज्यव्यापी हड़ताल शुरू की जाएगी, हालाँकि आपातकालीन सेवाएँ जारी रहेंगी।
अन्य राज्यों में इंटर्न डॉक्टरों को कितना स्टाइपेंड मिलता है?
उत्तर प्रदेश, बिहार और कई अन्य राज्यों में इंटर्न डॉक्टरों को लगभग ₹25,000 या उससे अधिक का स्टाइपेंड दिया जा रहा है। इंटर्न्स का तर्क है कि मुंबई जैसे महँगे शहर में रहते हुए ₹18,000 का स्टाइपेंड न्यायसंगत नहीं है।
इस मुद्दे पर अब तक सरकार से क्या बातचीत हुई है?
ASMI के अनुसार, अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को कई पत्र भेजे गए। दो बार मुलाकात भी हुई, लेकिन केवल आश्वासन मिला — न कोई बैठक की तारीख तय हुई, न कोई ठोस निर्णय।
क्या यह प्रदर्शन केवल मुंबई तक सीमित है?
नहीं, ASMI महासचिव डॉ. रमन पवार के अनुसार यह आंदोलन पूरे महाराष्ट्र में हो रहा है। राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टर इसमें शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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