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SKIMS बेमिना इंटर्न की भूख हड़ताल: ₹30,000 स्टाइपेंड के लिए लिखित आदेश की माँग

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SKIMS बेमिना इंटर्न की भूख हड़ताल: ₹30,000 स्टाइपेंड के लिए लिखित आदेश की माँग

सारांश

SKIMS बेमिना के एमबीबीएस 2021 इंटर्न सिर्फ वेतन नहीं, सम्मान माँग रहे हैं। ₹12,300 का स्टाइपेंड 2019 से जस का तस है, जबकि महंगाई कई गुना बढ़ी। मौखिक आश्वासनों से थके इन इंटर्नों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है — माँग है सिर्फ एक लिखित, आधिकारिक आदेश।

मुख्य बातें

SKIMS बेमिना के एमबीबीएस बैच 2021 के इंटर्नों ने 7 सितंबर को भूख हड़ताल शुरू की।
इंटर्नों की माँग है कि मासिक स्टाइपेंड ₹12,300 से बढ़ाकर ₹30,000 किया जाए।
2019 के बाद से जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।
इंटर्न केवल मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि औपचारिक लिखित सरकारी आदेश चाहते हैं।
यह आंदोलन जम्मू-कश्मीर के एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्नों के व्यापक विरोध का हिस्सा है।

श्रीनगर के बेमिना स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस बैच 2021 के इंटर्न डॉक्टरों ने सोमवार, 7 सितंबर को भूख हड़ताल शुरू कर दी। इनकी मुख्य माँग है कि मासिक इंटर्नशिप स्टाइपेंड को ₹12,300 से बढ़ाकर ₹30,000 किया जाए और इस बढ़ोतरी को प्रशासन की ओर से एक औपचारिक लिखित आदेश के ज़रिए मान्यता दी जाए।

मुख्य घटनाक्रम

SKIMS मेडिकल कॉलेज के इंटर्नों ने स्पष्ट किया कि बार-बार बातचीत और मौखिक आश्वासन के बावजूद स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया। इसी से नाराज़ होकर उन्होंने अपने विरोध प्रदर्शन को भूख हड़ताल तक बढ़ाने का निर्णय लिया।

इंटर्नों के बयान में कहा गया, 'हमारा रुख साफ है; जब तक लिखित आदेश नहीं मिलेगा, तब तक विरोध प्रदर्शन खत्म नहीं होगा।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि भूख हड़ताल का उद्देश्य बातचीत की प्रक्रिया को बाधित करना नहीं, बल्कि मामले का त्वरित और ठोस समाधान सुनिश्चित करना है।

इंटर्नों की माँगें और तर्क

विरोध कर रहे इंटर्नों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड ₹12,300 है, जिसमें 2019 के बाद से कोई संशोधन नहीं हुआ। उनके अनुसार इस अवधि में महंगाई में कई गुना वृद्धि हो चुकी है, जिससे यह राशि अपर्याप्त हो गई है।

इंटर्नों ने कहा, 'हम बातचीत चाहते हैं। हम न्याय चाहते हैं। हम लिखित आदेश चाहते हैं।' उनका तर्क है कि इंटर्न डॉक्टर अस्पताल की व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके काम तथा ज़िम्मेदारियों के अनुरूप उचित मुआवज़ा मिलना उनका अधिकार है।

व्यापक आंदोलन का संदर्भ

यह भूख हड़ताल जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्नों के उस व्यापक आंदोलन का अगला चरण है, जो स्टाइपेंड बढ़ाकर ₹30,000 प्रति माह करने की माँग को लेकर चल रहा है। गौरतलब है कि देश के कई अन्य राज्यों में मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड जम्मू-कश्मीर की तुलना में काफी अधिक है, जिससे यह असंतोष और गहरा हुआ है।

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र शासित प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर ज़ोर दिया जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि इंटर्न डॉक्टरों को उचित मेहनताना न देने से भविष्य में चिकित्सा प्रतिभाओं की कमी हो सकती है।

प्रशासन से अपील

इंटर्नों ने SKIMS प्रशासन और संबंधित सरकारी अधिकारियों से अपील की है कि वे इस गतिरोध को तत्काल दूर करें। उन्होंने साफ किया कि केवल मौखिक भरोसे के आधार पर वे अपना प्रदर्शन वापस नहीं लेंगे — उन्हें एक औपचारिक, लिखित सरकारी आदेश चाहिए।

आगे की राह

इंटर्नों ने घोषणा की है कि भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक उनकी माँगों को पूरा करने वाला आधिकारिक आदेश जारी नहीं हो जाता और प्रक्रिया में तेज़ी नहीं लाई जाती। यदि प्रशासन शीघ्र हस्तक्षेप नहीं करता, तो आंदोलन के और व्यापक होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

300 का मासिक स्टाइपेंड — जो 2019 से अपरिवर्तित है — यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य सेवा सुधार की बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बावजूद ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले डॉक्टरों की अनदेखी होती रही है। विडंबना यह है कि जिस केंद्र शासित प्रदेश में स्वास्थ्य ढाँचे के विस्तार पर सरकारी ज़ोर है, वहाँ इंटर्न डॉक्टरों को मौखिक भरोसे पर टाला जा रहा है। बार-बार की बातचीत और कोई ठोस नतीजा न निकलना प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाता है। यदि सरकार शीघ्र लिखित आदेश जारी नहीं करती, तो यह आंदोलन अन्य मेडिकल संस्थानों तक फैल सकता है और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SKIMS बेमिना के इंटर्न भूख हड़ताल पर क्यों बैठे हैं?
SKIMS बेमिना के एमबीबीएस 2021 बैच के इंटर्न अपनी मासिक इंटर्नशिप स्टाइपेंड ₹12,300 से बढ़ाकर ₹30,000 करने की माँग को लेकर 7 सितंबर से भूख हड़ताल पर हैं। बार-बार बातचीत के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक लिखित आदेश न मिलने पर उन्होंने यह कदम उठाया।
जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न का वर्तमान स्टाइपेंड कितना है?
जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड अभी ₹12,300 है। इंटर्नों के अनुसार 2019 के बाद से इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि इस दौरान महंगाई में कई गुना वृद्धि हो चुकी है।
इंटर्न लिखित आदेश की माँग क्यों कर रहे हैं?
इंटर्नों का कहना है कि प्रशासन ने स्टाइपेंड बढ़ाने का मौखिक भरोसा तो दिया, लेकिन कोई आधिकारिक लिखित आदेश जारी नहीं किया। उनका कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन पर वे विरोध प्रदर्शन वापस नहीं लेंगे और जब तक औपचारिक आदेश नहीं आता, भूख हड़ताल जारी रहेगी।
यह आंदोलन किन इंटर्नों तक सीमित है?
यह आंदोलन मुख्य रूप से SKIMS बेमिना के एमबीबीएस बैच 2021 के इंटर्नों द्वारा शुरू किया गया है, लेकिन यह जम्मू-कश्मीर के एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्नों के व्यापक आंदोलन का हिस्सा है। सभी इंटर्न मासिक स्टाइपेंड ₹30,000 करने की साझा माँग पर एकजुट हैं।
भूख हड़ताल कब खत्म होगी?
इंटर्नों ने घोषणा की है कि भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक प्रशासन स्टाइपेंड बढ़ोतरी को मंज़ूरी देने वाला औपचारिक लिखित आदेश जारी नहीं कर देता। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस गतिरोध को समाप्त करने की ज़िम्मेदारी सरकार और संबंधित अधिकारियों पर है।
राष्ट्र प्रेस
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