क्या झारखंड के खूंटी में आदिवासी नेता की गोली मारकर हत्या हुई?

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क्या झारखंड के खूंटी में आदिवासी नेता की गोली मारकर हत्या हुई?

सारांश

झारखंड के खूंटी जिले में आदिवासी नेता सोम मुंडा की हत्या ने क्षेत्र में भारी तनाव पैदा कर दिया है। आदिवासी संगठनों ने इस घटना के खिलाफ खूंटी बंद का आह्वान किया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की है।

Key Takeaways

  • सोम मुंडा की हत्या ने क्षेत्र में तनाव पैदा किया है।
  • पुलिस ने विशेष जांच टीम बनाई है।
  • आदिवासी संगठनों ने खूंटी बंद का आह्वान किया।
  • सामाजिक और राजनीतिक साजिश की आशंका जताई जा रही है।
  • स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

खूंटी, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के खूंटी जिले में आदिवासी नेता और पड़हा राजा सोम मुंडा की बुधवार देर शाम अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। इस जघन्य हत्याकांड के खिलाफ गुरुवार को आदिवासी संगठनों के आह्वान पर खूंटी जिला बंद रखा गया, जिसका व्यापक असर देखने को मिला।

गुरुवार सुबह से ही आक्रोशित ग्रामीण और समर्थक सड़क पर उतर आए और जिले के विभिन्न चौक-चौराहों पर जाम कर दिया। सभी बाजार, दुकानें और शैक्षणिक संस्थान पूरी तरह से बंद रहे, जबकि सार्वजनिक परिवहन भी ठप हो गया, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर और सड़कों पर धरना देकर मुख्य मार्गों को अवरुद्ध कर दिया।

आदिवासी संगठनों और ग्रामीणों ने सोम मुंडा की हत्या में शामिल सभी आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय दिलाने की मांग को लेकर नारेबाजी की। कई स्थानों पर स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहे और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास करते रहे।

गौरतलब है कि बुधवार देर शाम खूंटी थाना क्षेत्र के जमुआदाग के समीप अज्ञात अपराधियों ने सोम मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वे अपनी पत्नी के साथ बाइक से खूंटी से अपने गांव चलांगी लौट रहे थे। इसी दौरान जमुआदाग स्थित तालाब के पास पीछे से एक बाइक पर सवार दो अपराधी आए और ओवरटेक कर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। दो राउंड फायरिंग में एक गोली सोम मुंडा के सीने में जा लगी। गोली लगने के बाद उन्होंने बाइक रोककर खूंटी की ओर जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उनकी हालत बिगड़ गई और वे गिर पड़े। इसके बाद हमलावर मंदरूटोली की ओर फरार हो गए।

सोम मुंडा की पत्नी ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद कुछ देर में वहां से गुजर रहे एक ट्रैक्टर की मदद से वे कुछ दूरी तक गईं, फिर ऑटो से खूंटी थाना पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सोम मुंडा को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

डीएसपी वरुण रजक ने हत्याकांड की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई है। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

ज्ञातव्य है कि सोम मुंडा स्थानीय आदिवासी समाज में एक प्रभावशाली नेता थे और आदिवासी परंपराओं के तहत पड़हा राजा के रूप में व्यापक रूप से पहचाने जाते थे। वे झारखंड पार्टी के जुझारू नेता, शिक्षाविद और आदिवासी समन्वय समिति, खूंटी जिला के संयोजक भी थे। उनकी हत्या को लेकर आदिवासी समन्वय समिति ने इसे सामाजिक और राजनीतिक साजिश करार दिया है। फिलहाल जिले में एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और आगे की जांच जारी है।

Point of View

बल्कि यह पूरे राज्य में सामाजिक और राजनीतिक तनाव का कारण बन सकता है। सरकार को इस हत्या के पीछे की सच्चाई का पता लगाना चाहिए और दोषियों को सजा दिलानी चाहिए।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

सोम मुंडा कौन थे?
सोम मुंडा एक आदिवासी नेता और पड़हा राजा थे, जो झारखंड पार्टी के एक प्रमुख सदस्य थे।
यह घटना कब हुई?
यह घटना 8 जनवरी को हुई थी।
क्या सरकार ने इस मामले में कोई कार्रवाई की है?
हां, पुलिस ने विशेष जांच टीम गठित की है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है।
आदिवासी संगठनों ने किस प्रकार का विरोध किया?
आदिवासी संगठनों ने खूंटी जिला बंद का आह्वान किया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
क्या पुलिस ने किसी को गिरफ्तार किया है?
अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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