रांची के डोरंडा में उर्दू लाइब्रेरी के पास फायरिंग, पुलिस ने दो आरोपियों की पहचान की
सारांश
मुख्य बातें
रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र में उर्दू लाइब्रेरी के निकट रविवार रात अज्ञात अपराधियों ने कई राउंड फायरिंग की, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने वारदात में संलिप्त दो आरोपियों — अफाक और संजर — की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाई हैं।
घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर 2026 की रात डोरंडा इलाके में हुई फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा। घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए। पुलिस उनके संभावित ठिकानों के साथ-साथ उनके संपर्क में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था, और इसी पुरानी रंजिश को फायरिंग की घटना से जोड़ा जा रहा है। डोरंडा थाने में पूर्व में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा चुकी है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
जाँच में यह तथ्य सामने आया है कि फायरिंग के आरोपियों में से एक पहले भी जेल जा चुका है और कुछ महीने पहले ही रिहा हुआ था। पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटा रही है और यह भी पड़ताल कर रही है कि घटना के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।
अधिकारियों का कहना है कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार, घटनास्थल पर मौजूद अन्य लोगों और आरोपियों के फरार होने के मार्ग की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
घटना के बाद डोरंडा इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें एक साथ छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जाँच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर पहले से ही चर्चा जारी है। पुराने विवाद से जुड़ी पृष्ठभूमि और एक आरोपी के हालिया जेल से रिहा होने की जानकारी इस घटना को और गंभीर बनाती है।
आगे क्या
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होने की उम्मीद जताई जा रही है। पुराने मामलों की फाइलें भी खँगाली जा रही हैं ताकि विवाद की जड़ तक पहुँचा जा सके और भविष्य में इस तरह की वारदात को रोका जा सके।