6 अगस्त 2026
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झारखंड विधानसभा मानसून सत्र 2026: शोक प्रस्ताव से आगाज़, असम बाढ़ पीड़ितों को ₹3 करोड़ की सहायता मंजूर

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झारखंड विधानसभा मानसून सत्र 2026: शोक प्रस्ताव से आगाज़, असम बाढ़ पीड़ितों को ₹3 करोड़ की सहायता मंजूर

सारांश

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त को शोक प्रस्ताव से खुला — दिवंगत नेताओं, शहीद जवानों और हादसों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। असम बाढ़ पीड़ितों के लिए ₹3 करोड़ की सहायता मंजूर हुई और विपक्ष ने मास्क पहनकर सदन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

मुख्य बातें

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त 2026 को रांची में शोक प्रस्ताव के साथ शुरू हुआ।
सदन ने दो मिनट का मौन रखकर पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों, शहीद जवानों और हादसों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी।
असम के बाढ़ पीड़ितों के लिए झारखंड सरकार की ओर से ₹3 करोड़ की सहायता राशि मंजूर की गई।
BJP नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत कई विपक्षी विधायक मास्क पहनकर सदन पहुँचे; मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हल्की टिप्पणी की।
मांडू विधायक निर्मल कुमार ने सड़क हादसों, हाथी हमलों, वज्रपात और खदान धंसने के पीड़ितों को मुआवज़ा देने की माँग उठाई।

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त 2026 को रांची में शोक प्रस्ताव के साथ शुरू हुआ, जिसमें सदन ने पिछले सत्र के बाद दिवंगत हुए पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों, शहीद जवानों और विभिन्न हादसों में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सत्र के दौरान झारखंड सरकार की ओर से असम के बाढ़ पीड़ितों को ₹3 करोड़ की आर्थिक सहायता देने का भी उल्लेख किया गया।

शोक प्रस्ताव: किन्हें दी गई श्रद्धांजलि

सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को याद किया। सदन ने पूर्व परिवहन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री और गोमिया के पूर्व विधायक माधव लाल सिंह, पूर्व पशुपालन मंत्री एवं धनबाद के पूर्व विधायक मन्नान मलिक, पूर्व विधायक बेनी प्रसाद गुप्ता और हरि राम, पूर्व खनन मंत्री लक्ष्मण राम तथा पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय को श्रद्धांजलि दी।

इसके अतिरिक्त डॉ. डीवाई पाटिल, पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी, गायिका आशा भोसले, शायर बशीर बद्र, संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप, वरिष्ठ पत्रकार एचके दुआ, लोक कलाकार तीजन बाई, निशानेबाज जसपाल राणा, क्रिकेटर गोपीनाथ, खोरठा साहित्यकार सुरेश विश्वकर्मा तथा झारखंड आंदोलनकारी कृष्ण कुमार महतो और दामू बांड्रा को भी नमन किया गया।

शहीदों और हादसों के पीड़ितों को नमन

सदन ने जम्मू-कश्मीर और मणिपुर में शहीद हुए जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उधमपुर सड़क हादसे, लखनऊ अग्निकांड, असम बाढ़ और नीट परीक्षा विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले छात्र-छात्राओं को भी सदन ने याद किया। यह ऐसे समय में आया है जब देश में परीक्षा प्रणाली और आपदा प्रबंधन दोनों पर सार्वजनिक बहस तेज़ है।

असम बाढ़ पीड़ितों के लिए ₹3 करोड़ की सहायता

कार्यवाही के दौरान झारखंड सरकार की ओर से असम के बाढ़ पीड़ितों को ₹3 करोड़ की सहायता राशि देने का उल्लेख किया गया। गौरतलब है कि असम इस वर्ष मानसून में गंभीर बाढ़ से प्रभावित रहा है, और कई राज्य सरकारों ने राहत सहायता भेजी है।

विपक्ष का मास्क प्रदर्शन और राजनीतिक रंग

शोक प्रस्ताव के बाद सदन में हल्का राजनीतिक माहौल भी देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, विधायक नवीन जायसवाल समेत कई विपक्षी सदस्य मास्क पहनकर सदन में पहुँचे, जिस पर सत्ता पक्ष की ओर से चुटकी ली गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी विपक्ष पर हल्की टिप्पणी की, हालाँकि उनकी पूरी बात स्पष्ट रूप से सुनाई नहीं दे सकी।

मांडू विधायक की माँग: स्थानीय हादसों के पीड़ितों को मुआवज़ा

मांडू के विधायक निर्मल कुमार ने शोक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अपने क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं, हाथियों के हमलों, वज्रपात और खदान धंसने की घटनाओं में हुई मौतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से इन घटनाओं के पीड़ित परिवारों को भी आर्थिक सहायता देने की माँग की। आगे देखना होगा कि सरकार इन माँगों पर क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असम की तबाही के पैमाने को देखते हुए यह पर्याप्त नहीं मानी जाएगी। विपक्ष का मास्क प्रदर्शन बताता है कि सत्र में असली राजनीतिक संघर्ष अभी आना बाकी है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 2026 कब शुरू हुआ?
झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त 2026 को रांची में शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत शोक प्रस्ताव के साथ हुई, जिसमें सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखा।
झारखंड सरकार ने असम बाढ़ पीड़ितों को कितनी सहायता दी?
झारखंड सरकार ने असम के बाढ़ पीड़ितों के लिए ₹3 करोड़ की सहायता राशि मंजूर की। इसका उल्लेख विधानसभा की कार्यवाही के दौरान किया गया।
झारखंड विधानसभा के शोक प्रस्ताव में किन-किन हस्तियों को याद किया गया?
शोक प्रस्ताव में पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय, पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी, गायिका आशा भोसले, शायर बशीर बद्र, लोक कलाकार तीजन बाई, निशानेबाज जसपाल राणा समेत कई पूर्व मंत्रियों, विधायकों और झारखंड आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी गई। जम्मू-कश्मीर और मणिपुर में शहीद जवानों को भी याद किया गया।
BJP विधायकों ने मास्क पहनकर सदन में क्यों प्रवेश किया?
BJP के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और विधायक नवीन जायसवाल समेत कई विपक्षी सदस्य मास्क पहनकर सदन पहुँचे। इस पर सत्ता पक्ष ने चुटकी ली और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी हल्की टिप्पणी की, हालाँकि उनके शब्द स्पष्ट रूप से सुनाई नहीं दे सके।
मांडू विधायक निर्मल कुमार ने सदन में क्या माँग उठाई?
मांडू के विधायक निर्मल कुमार ने शोक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अपने क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं, हाथी हमलों, वज्रपात और खदान धंसने में हुई मौतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से इन पीड़ित परिवारों को भी आर्थिक सहायता देने की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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