जम्मू-कश्मीर के 12 दूरदराज इलाकों में लगेंगे BSNL मोबाइल टावर, CM उमर अब्दुल्ला ने दी मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर सरकार ने 6 अक्टूबर 2026 को 12 से 13 कम-कवरेज और सीमावर्ती क्षेत्रों में BSNL के नए मोबाइल टावरों के लिए सरकारी ज़मीन आवंटित करने की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्वयं एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह पहल यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (USOF) के तहत क्रियान्वित की जाएगी।
किन इलाकों को मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के अनुसार, जिन क्षेत्रों में नए मोबाइल टावर लगाए जाएंगे उनमें उरी, तंगमर्ग, करनाह, कालाकोट, करालपोरा, बसंतगढ़, खौड़, लट्टी मरोटी, बनिहाल, पोगल परिस्तान, रामसू और किला दरहाल शामिल हैं। ये सभी इलाके या तो दूरदराज की पहाड़ी घाटियों में हैं या सीमावर्ती क्षेत्रों में, जहाँ टेलीकॉम बुनियादी ढाँचे की पहुँच अब तक सीमित रही है।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के बड़े शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर मोबाइल कनेक्टिविटी की स्थिति बेहतर है, लेकिन सुदूर और सीमावर्ती बस्तियों में नेटवर्क विस्तार अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
सरकार का उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने अपने एक्स पोस्ट में स्पष्ट किया, 'यह पहल दूरदराज और सीमावर्ती गाँवों में कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, ऑनलाइन शिक्षा और ई-गवर्नेंस सेवाओं तक पहुँच में मदद करेगी, आपातकालीन संचार में सुधार करेगी और डिजिटल खाई को पाटेगी।' इस कदम का व्यापक लक्ष्य पूरे केंद्र शासित प्रदेश में हाई-स्पीड टेलीकॉम कवरेज का विस्तार करना है।
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में डिजिटल सेवाओं की माँग तेज़ी से बढ़ रही है — चाहे वह सरकारी योजनाओं का लाभ लेना हो, दूरस्थ शिक्षा हो या आपात स्थितियों में संपर्क।
मौजूदा नेटवर्क की स्थिति
आंकड़ों के अनुसार, 2026 की शुरुआत तक जम्मू-कश्मीर के 6,474 गाँवों में से 6,226 गाँवों में मोबाइल नेटवर्क कवरेज उपलब्ध है, जबकि 248 गाँव अभी भी नेटवर्क से वंचित हैं। 6,208 गाँवों में 4G की पहुँच है, 3,704 गाँवों में 5G सेवा है जो मुख्यतः श्रीनगर जैसे चुनिंदा शहरी क्षेत्रों तक सीमित है। इसके अलावा 530 गाँवों में 3G और 6,030 गाँवों में 2G सेवा उपलब्ध है।
जियो और एयरटेल श्रीनगर, जम्मू तथा गुलमर्ग एवं पहलगाम जैसे प्रमुख पर्यटन केंद्रों में सबसे तेज़ 4G स्पीड और चुनिंदा 5G सेवाएँ देते हैं। वहीं BSNL का नेटवर्क दूरदराज की घाटियों, ऊँचाई वाले क्षेत्रों और सीमावर्ती इलाकों में सर्वाधिक विस्तृत है, जो इसे एक भरोसेमंद विकल्प बनाता है।
पर्यटकों और बाहरी लोगों के लिए व्यवस्था
सुरक्षा नियमों के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर के बाहर जारी प्रीपेड सिम आमतौर पर यहाँ काम नहीं करते। बाहर से आने वाले यात्री आधार कार्ड या पासपोर्ट के साथ KYC पूरी करके स्थानीय प्रीपेड सिम या टूरिस्ट सिम खरीद सकते हैं, जो हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट्स पर उपलब्ध हैं। हालाँकि, जम्मू-कश्मीर में जियो, एयरटेल और BSNL के पोस्टपेड कनेक्शन पूरे केंद्र शासित प्रदेश में बेहतर ढंग से काम करते हैं।
आगे क्या होगा
नए टावरों की स्थापना से इन सुदूर क्षेत्रों में रहने वाली जनता को न केवल संचार सुविधा मिलेगी, बल्कि सरकारी सेवाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं और शैक्षणिक संसाधनों तक डिजिटल पहुँच भी सुनिश्चित होगी। USOF फंड के माध्यम से वित्तपोषित इस परियोजना के क्रियान्वयन की समयसीमा अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की गई है।