5 अक्टूबर 2026
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गुरु नानक देव के ज्योति-ज्योत दिवस पर ओम बिड़ला, गडकरी समेत कई नेताओं ने किया नमन

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गुरु नानक देव के ज्योति-ज्योत दिवस पर ओम बिड़ला, गडकरी समेत कई नेताओं ने किया नमन

सारांश

5 अक्टूबर को श्री गुरु नानक देव के ज्योति-ज्योत दिवस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक कई नेताओं ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी। गुरु साहिब के 'सत्य, सेवा और भाईचारे' के संदेश को राजनीतिक दलों की सीमाओं से परे सर्वसम्मत श्रद्धा मिली।

मुख्य बातें

5 अक्टूबर 2026 को श्री गुरु नानक देव का ज्योति-ज्योत दिवस देशभर में मनाया गया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर गुरु नानक देव को 'मानवता, समानता और आध्यात्मिक चेतना के महान संदेशवाहक' बताया।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल , नितिन गडकरी और प्रह्लाद जोशी ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'सरबत दा भला' के संदेश को उजागर किया।
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने 'नाम जपो, किरत करो और वंड छको' का उल्लेख करते हुए नमन किया।

सिख धर्म के संस्थापक एवं प्रथम पातशाही श्री गुरु नानक देव के ज्योति-ज्योत दिवस पर 5 अक्टूबर 2026 को देश भर के वरिष्ठ नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, नितिन गडकरी, प्रह्लाद जोशी तथा अनेक मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों ने गुरु नानक देव के जीवन-दर्शन और उनकी शिक्षाओं को आज भी प्रासंगिक बताया।

लोकसभा अध्यक्ष का संदेश

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'सिख धर्म के संस्थापक, प्रथम पातशाही श्री गुरु नानक देव के ज्योति-ज्योत दिवस पर कोटि-कोटि नमन। मानवता, समानता और आध्यात्मिक चेतना के महान संदेशवाहक गुरु नानक देव ने अपने जीवन के माध्यम से संसार को सत्य, करुणा, मानवता और भलाई की सीख दी।' बिड़ला ने आगे कहा कि गुरु साहिब ने समाज में व्याप्त अंधविश्वास, भेदभाव और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध निर्भीकता से आवाज़ उठाई और उनका दर्शन 'प्रेम, करुणा, सेवा, सत्य, भाईचारे और परस्पर सम्मान' पर आधारित है।

केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर लिखा, 'विश्व को सेवा, सहिष्णुता और आध्यात्मिक चेतना का रास्ता दिखाने वाले महान संत, सिख पंथ के संस्थापक एवं प्रथम गुरु परम श्रद्धेय श्री गुरु नानक देव महाराज के ज्योति-ज्योत दिवस पर उनके चरणों में नमन एवं वंदन अर्पित करता हूं।' उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव का संपूर्ण जीवन लोकमंगल की साधना का उत्कृष्ट उदाहरण है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी एक्स पर 'श्री गुरु नानक देव के ज्योति-ज्योत दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन' लिखते हुए श्रद्धा व्यक्त की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर कहा, 'सिख धर्म के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव के ज्योति-जोत दिवस पर उन्हें नमन करता हूं। सेवा, समानता और मानवता का उनका संदेश आज भी समाज को परोपकार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।'

मुख्यमंत्रियों और राज्य नेताओं का नमन

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, ''एक ओंकार सतनाम' के दिव्य प्रकाश से मानवता को सत्य, सेवा और सद्भाव का मार्ग दिखाने वाले श्री गुरु नानक देव जी के ज्योति-जोत दिवस पर श्रद्धापूर्वक नमन।' उन्होंने 'सरबत दा भला' के शाश्वत संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि जनकल्याण को अपना कर्तव्य बनाना ही गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट किया, 'गुरु नानक देव जी ने सामाजिक कुरीतियों को मिटाकर प्रेम, सौहार्द और समरसता की जो ज्योति प्रज्वलित की थी, वह आज भी संपूर्ण विश्व को मानवता और सद्भाव का मार्ग दिखा रही है।' उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी ने मानव समानता और निस्वार्थ सेवा का संदेश देकर समाज को नई दिशा प्रदान की।

उपराज्यपाल का संदेश

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने एक्स पर लिखा, 'साहिब श्री गुरु नानक देव के ज्योति-जोत दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। गुरु नानक देव ने समस्त मानवता को 'नाम जपो, किरत करो और वंड छको' का पावन संदेश दिया।' उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने जात-पात और हर प्रकार के भेदभाव से ऊपर उठकर प्रेम, समानता, सेवा और भाईचारे का मार्ग दिखाया।

गुरु नानक देव का महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब देश में सामाजिक सद्भाव और समानता के मूल्यों पर नए सिरे से विमर्श हो रहा है। गौरतलब है कि श्री गुरु नानक देव ने पंद्रहवीं-सोलहवीं शताब्दी में सिख धर्म की नींव रखी और उनकी शिक्षाएँ आज भी करोड़ों लोगों के जीवन का आधार हैं। हर वर्ष ज्योति-ज्योत दिवस पर देश के नेता, धर्मगुरु और आम नागरिक उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। इस अवसर पर राजनीतिक दलों की सीमाओं से परे नेताओं का एकजुट होकर नमन करना, गुरु नानक देव की शिक्षाओं की सार्वभौमिकता को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

किंतु इसकी प्रासंगिकता केवल प्रतीकात्मक नहीं है। गुरु नानक देव का 'वंड छको' यानी बाँटकर खाने का सिद्धांत और जात-पात के विरुद्ध उनका संदेश, आज के सामाजिक-राजनीतिक विमर्श में कहीं अधिक गहरे सवाल उठाता है। दिलचस्प यह है कि एक ही दिन कई विचारधाराओं के नेता गुरु साहिब को उद्धृत करते हैं, जबकि उनकी नीतियाँ अक्सर उन आदर्शों से भिन्न दिशा में चलती हैं। असली श्रद्धा शब्दों से नहीं, नीतियों में समानता और सेवा के व्यावहारिक समावेश से मापी जानी चाहिए।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्री गुरु नानक देव का ज्योति-ज्योत दिवस क्या है?
ज्योति-ज्योत दिवस सिख धर्म के संस्थापक एवं प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव की पुण्यतिथि है, जिस दिन उन्होंने 'ज्योति में ज्योत' मिलाई अर्थात् उन्होंने ईश्वर में विलय किया। इस अवसर पर देशभर में गुरुद्वारों में अरदास और कीर्तन का आयोजन होता है।
5 अक्टूबर 2026 को किन प्रमुख नेताओं ने गुरु नानक देव को श्रद्धांजलि दी?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, नितिन गडकरी, प्रह्लाद जोशी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
गुरु नानक देव की मुख्य शिक्षाएँ क्या हैं?
गुरु नानक देव ने 'नाम जपो, किरत करो और वंड छको' का त्रिसूत्रीय संदेश दिया। उन्होंने जात-पात, अंधविश्वास और सामाजिक भेदभाव का विरोध करते हुए समानता, सेवा और भाईचारे का मार्ग दिखाया। 'सरबत दा भला' अर्थात् समस्त मानवता का कल्याण उनके दर्शन का केंद्र है।
ओम बिड़ला ने गुरु नानक देव के बारे में क्या कहा?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर लिखा कि गुरु नानक देव 'मानवता, समानता और आध्यात्मिक चेतना के महान संदेशवाहक' थे और उन्होंने समाज में व्याप्त अंधविश्वास व सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध निर्भीकता से आवाज़ उठाई। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने क्या संदेश दिया?
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने एक्स पर लिखा कि गुरु नानक देव ने 'नाम जपो, किरत करो और वंड छको' का पावन संदेश देकर जात-पात और हर प्रकार के भेदभाव से ऊपर उठने का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि गुरु के आदर्श सदैव मानवता को सत्य और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे।
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