काजिंद-2026: भारत-कजाकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास ओस्केमेन में शुरू, 11 अक्टूबर तक चलेगा
सारांश
मुख्य बातें
भारत और कजाकिस्तान का संयुक्त सैन्य अभ्यास 'काजिंद-2026' 29 सितंबर 2026 को कजाकिस्तान के ओस्केमेन शहर में औपचारिक रूप से आरंभ हुआ। यह अभ्यास 11 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा और इसमें मुख्य रूप से संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियानों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। काजिंद श्रृंखला का यह नौवाँ संस्करण है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग का प्रमाण है।
उद्घाटन समारोह और उपस्थित अधिकारी
अभ्यास के उद्घाटन अवसर पर कजाकिस्तान सशस्त्र बलों की क्षेत्रीय कमान पूर्व के प्रमुख मेजर जनरल झेनिस मारालोव उपस्थित रहे। भारतीय दल का नेतृत्व मुख्य रूप से गढ़वाल राइफल्स की एक बटालियन के जवानों द्वारा किया जा रहा है। इनके साथ अन्य सैन्य शाखाओं एवं सेवाओं के जवान तथा भारतीय वायु सेना के कर्मी भी इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं।
मुख्य अभियान और प्रशिक्षण गतिविधियाँ
अभ्यास के दौरान आतंकवादी गतिविधियों से निपटने हेतु कई प्रकार के अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इनमें आतंकी ठिकानों पर छापेमारी, खोज और विनाश अभियान, तथा घेराबंदी और तलाशी अभियान शामिल हैं। दोनों देशों की सेनाएँ अर्ध-शहरी और पहाड़ी इलाकों को ध्यान में रखकर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी।
अभ्यास के दौरान संयुक्त कमान केंद्र और खुफिया एवं निगरानी केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। इनके माध्यम से दोनों देशों की सेनाएँ मिलकर अभियान की योजना बनाएंगी और उसके क्रियान्वयन का समन्वय करेंगी। हवाई आवागमन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आधुनिक तकनीक का एकीकृत उपयोग
गौरतलब है कि इस बार अभ्यास में मानवरहित हवाई प्रणालियों (UAS) और उनके हमले रोकने वाली काउंटर-ड्रोन प्रणालियों का एकीकृत इस्तेमाल किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर आतंकवाद विरोधी अभियानों में ड्रोन तकनीक की भूमिका तेज़ी से बढ़ रही है। इससे दोनों सेनाओं को आधुनिक तकनीक के साथ आतंकवाद विरोधी अभियानों में तालमेल बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा।
अंतिम सत्यापन अभ्यास
अभ्यास के समापन पर दोनों देशों की सेनाएँ एक व्यापक सत्यापन अभ्यास आयोजित करेंगी। इसमें प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई रणनीति, तकनीकों और प्रक्रियाओं को एक काल्पनिक आतंकवादी खतरे के विरुद्ध संयुक्त रूप से लागू किया जाएगा। इससे वास्तविक अभियान के दौरान दोनों सेनाओं की साथ मिलकर काम करने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा।
द्विपक्षीय सैन्य संबंधों पर प्रभाव
'काजिंद-2026' दोनों देशों के सैनिकों को एक-दूसरे के अभियान संबंधी अनुभवों से सीखने और आपसी विश्वास व पेशेवर संबंधों को सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान करेगा। यह अभ्यास भारत और कजाकिस्तान के बीच सैन्य सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सामूहिक सुरक्षा के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है। अभ्यास के 11 अक्टूबर को समाप्त होने के बाद दोनों सेनाओं के बीच संयुक्त अभियान की तैयारी और अधिक मज़बूत होने की उम्मीद है।