कलियाचक मामले का मास्टरमाइंड मोफक्करुल इस्लाम बागडोगरा एयरपोर्ट पर गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया।
- वह बेंगलुरु भागने की कोशिश कर रहा था।
- अब तक 35 लोग इस मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं।
- उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाया था।
- पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया।
मालदा, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मालदा जिले में कलियाचक मामले के प्रमुख मोफक्करुल इस्लाम को पश्चिम बंगाल पुलिस ने बागडोगरा हवाई अड्डे पर पकड़ा है। वह राज्य से भागने का प्रयास कर रहा था और बेंगलुरु जाने की योजना बना रहा था। इस मामले में अब तक कुल 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मोफक्करुल इस्लाम एक वकील हैं और उनका एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमान) के साथ लंबे समय से संबंध है। वह उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार के पोरसा हटखोला के निवासी हैं और इसी जिले के रायगंज जिला न्यायालय तथा कलकत्ता उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस करते हैं। पिछले कुछ वर्षों से वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कोलकाता में रह रहे हैं।
इस्लाम ने 2021 विधानसभा चुनाव से पहले एआईएमआईएम में शामिल होकर इटाहार सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गए और उनकी सुरक्षा जमा राशि भी जब्त कर ली गई।
बुधवार की रात को कलियाचक में न्यायिक अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार के दौरान, मोफक्करुल इस्लाम को भीड़ को उकसाते हुए देखा गया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को लगभग सात घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। उसके बाद से पुलिस उनकी तलाश कर रही थी और वह मोबाइल से भी संपर्क में नहीं थे।
कलियाचक मामले में गिरफ्तारियों में मोथाबारी विधानसभा क्षेत्र से ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) के उम्मीदवार मौलाना शाहजहां भी शामिल हैं।
बुधवार को कलियाचक ब्लॉक कार्यालय में एक समूह ने तीन महिलाओं समेत सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया था, जिनके नाम न्यायिक मूल्यांकन में लॉजिकल डिसक्रेपेंसी श्रेणी में हटा दिए गए थे।
गुरुवार को लगभग 1 बजे वरिष्ठ जिला अधिकारियों की अगुवाई में एक बड़ी पुलिस टीम मौके पर पहुंची, प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया और न्यायिक अधिकारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बंधक बनाए जाने के लगभग नौ घंटे बाद न्यायिक अधिकारियों को सुरक्षित किया गया। जानकारी मिली कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाते समय भी काफिले पर हमले का प्रयास किया गया।