कर्नाटक में 3 लाख से अधिक मकान-भूखंड आवंटित, सूर्यग्राम में 80,000 सीटों के स्टेडियम की नींव रखी
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 23 मई 2026 को सूर्यग्राम में आयोजित एक भव्य समारोह में घोषणा की कि राज्य में अब तक 3 लाख से अधिक मकान और भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इसी अवसर पर आवास विभाग और कर्नाटक आवास बोर्ड (KHB) द्वारा संयुक्त रूप से 80,000 सीटों वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास किया गया।
समारोह में क्या-क्या हुआ
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी 'नम्मा माने' आवास परियोजना का शुभारंभ किया गया। साथ ही सूर्य शाइन और सूर्य डिवाइन आवास परिसरों की आधारशिला रखी गई। जिन भूस्वामियों ने आवास परियोजना के लिए भूमि दान की थी, उनके लिए प्रतीकात्मक भूमि आवंटन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
सिद्धारमैया ने इस अवसर पर शिवलिंगेगौड़ा और जमीर अहमद को बधाई देते हुए कहा कि इस पहल के लिए वे विशेष रूप से साधुवाद के पात्र हैं।
स्टेडियम की विशेषताएँ और महत्व
प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की क्षमता 80,000 सीटें होगी, जो इसे कर्नाटक का दूसरा सबसे बड़ा स्टेडियम बनाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्टेडियम के निर्माण से खेल, पर्यटन, रोज़गार सृजन और आर्थिक विकास — सभी पहलुओं से सूर्यनगर क्षेत्र का समग्र विकास होगा।
उल्लेखनीय है कि यह स्टेडियम पूरी तरह KHB के स्वयं के धन से बनाया जाएगा। शिवलिंगेगौड़ा ने स्पष्ट किया था कि इस परियोजना में सरकार से कोई वित्तीय सहायता नहीं ली जाएगी।
KHB को राजस्व और आवास योजना का विस्तार
आँकड़ों के अनुसार, कर्नाटक आवास बोर्ड को खाली पड़ी ज़मीनों की बिक्री से ₹20,000 करोड़ की आय अर्जित होने का अनुमान है। सिद्धारमैया ने कहा कि ज़मीन की बढ़ती कीमतों को देखते हुए KHB गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को किफायती दरों पर भूखंड उपलब्ध करा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब शहरीकरण की रफ्तार के साथ कर्नाटक में आवासीय माँग तेज़ी से बढ़ रही है और सरकारी आवास बोर्डों पर किफायती विकल्प देने का दबाव लगातार बना हुआ है।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि आवास विभाग और KHB — जो अब तक केवल आवास निर्माण तक सीमित थे — अब एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह इन संस्थाओं के विस्तृत जनादेश की ओर एक उल्लेखनीय बदलाव है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस परियोजना से सूर्यनगर और आसपास के शहरों की अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी और रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे। आने वाले महीनों में स्टेडियम निर्माण कार्य की प्रगति पर सबकी नज़र रहेगी।