कर्नाटक में 2028 में फिर कांग्रेस सरकार: डीके शिवकुमार का दावा, गारंटी योजनाएँ बनीं राष्ट्रीय मॉडल
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने मंगलवार, 19 मई को दावा किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) 2028 के विधानसभा चुनावों में कर्नाटक में एक बार फिर सत्ता हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पाँच गारंटी योजनाओं ने न केवल आम नागरिकों की जिंदगी बदली है, बल्कि पूरे देश के लिए एक नीतिगत मिसाल भी कायम की है।
सम्मेलन में शिवकुमार का संबोधन
तुमकुरु में कर्नाटक कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित 'सार्थक सेवा समर्पण' सम्मेलन में शिवकुमार ने कहा कि जनता ने 136 विधायकों को चुनकर कांग्रेस पर अपना भरोसा जताया था और सरकार ने उन वादों को पूरा किया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) — JD(S) — के नेताओं को सतर्क करते हुए कहा कि उन्हें इस राजनीतिक वास्तविकता पर ध्यान देना चाहिए।
गारंटी योजनाएँ: राष्ट्रीय नकल का दावा
शिवकुमार ने दावा किया कि कर्नाटक की गारंटी योजनाओं की शुरुआत में आलोचना करने वाले दल भी अब इन्हें अन्य राज्यों में दोहराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हमारी गारंटी योजनाएँ पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गई हैं। पहले इनकी आलोचना करने के बाद आज हर राजनीतिक दल इनका अनुकरण कर रहा है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक अध्ययन में इन योजनाओं की सराहना की गई है और इन्हें गरीबों के जीवन में सामाजिक परिवर्तन लाने वाला वैश्विक मॉडल बताया गया है।
महँगाई और केंद्र सरकार पर निशाना
उपमुख्यमंत्री ने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर ईंधन की बढ़ती कीमतों और मुद्रास्फीति को लेकर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, रुपया कमजोर हो रहा है और आम नागरिक बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं, जबकि BJP नेता इन मुद्दों पर मौन हैं। शिवकुमार ने कहा कि गारंटी योजनाएँ इसी आर्थिक दबाव से राहत दिलाने के लिए शुरू की गई थीं।
आगे क्या
कर्नाटक में अगले विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं। शिवकुमार के इस बयान को पार्टी की चुनावी तैयारी की औपचारिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब BJP और JD(S) गठबंधन राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में लगे हैं। गौरतलब है कि 2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने 135 से अधिक सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था।