कर्नाटक में हाफ हेलमेट पर बैन की तैयारी, फुटपाथ राइडिंग पर ₹5,000 जुर्माने का प्रस्ताव
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के परिवहन मंत्री बी. सुरेश ने 1 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार 'हाफ हेलमेट' के उपयोग और बिक्री पर रोक लगाने की दिशा में कानूनी कदम उठाने की तैयारी में है। साथ ही, फुटपाथ पर दोपहिया वाहन चलाने पर मौजूदा ₹500 के जुर्माने को बढ़ाकर ₹5,000 करने का प्रस्ताव भी सामने आया है।
हाफ हेलमेट पर कार्रवाई की योजना
मंत्री सुरेश ने कहा कि राज्य में हाफ हेलमेट पहनने वाले वाहन चालकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जबकि ऐसे हेलमेट के लिए कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा, 'हाफ हेलमेट पहनने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है। हाफ हेलमेट के लिए कोई प्रावधान नहीं है। हमने निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है और कानूनी प्रावधानों की जांच कर रहे हैं।' सरकार विशेष रूप से उन दुकानों और गोदामों को निशाना बनाएगी जहाँ ऐसे हेलमेट बिक्री के लिए रखे जाते हैं।
फुटपाथ पर वाहन चलाने पर जुर्माने में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव
परिवहन और गृह विभाग ने संयुक्त रूप से एक प्रस्ताव सौंपा है जिसमें फुटपाथ पर दोपहिया वाहन चलाने पर पहली बार उल्लंघन पर ₹5,000 और दूसरी बार उल्लंघन पर ₹10,000 जुर्माने की सिफारिश की गई है। मंत्री ने जोर देकर कहा, 'फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए होते हैं, लेकिन उन पर दोपहिया और चारपहिया वाहन चलाए जा रहे हैं, जिससे लोगों की जान को खतरा है।' उन्होंने बताया कि ऐसी घटनाओं में कई लोग मारे गए हैं और घायल हुए हैं। यह प्रस्ताव अभी कानूनी विभाग के विचाराधीन है और उसकी राय मिलने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
वन-वे उल्लंघन पर दस गुना जुर्माने की योजना
सरकार वन-वे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने को भी दस गुना बढ़ाने पर विचार कर रही है। फिलहाल ऐसे उल्लंघनों के लिए ₹1,000 जुर्माना है। मंत्री सुरेश ने कहा कि यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने और वाहन चालकों को अनुशासित करने के लिए जुर्माने में काफी वृद्धि की जाएगी।
संयुक्त समीक्षा बैठक में लिए गए अहम फैसले
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे और परिवहन मंत्री बी. सुरेश ने 1 अक्टूबर को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक संयुक्त समीक्षा बैठक की। इस बैठक में बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम को कम करने, सड़क सुरक्षा सुदृढ़ करने और बार-बार नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा कसने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में फुटपाथ पर पार्किंग, गलत दिशा में वाहन चलाना, अनधिकृत पार्किंग, नो-पार्किंग जोन में पार्किंग और सिग्नल उल्लंघन जैसे मामलों में भी जुर्माना बढ़ाने पर सहमति बनी।
डिजिटल ट्रैकिंग और पेनल्टी पॉइंट सिस्टम की तैयारी
बैठक में एक अंक-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस प्रणाली लागू करने पर भी गंभीर चर्चा हुई, जिसके तहत विभिन्न उल्लंघनों पर पेनल्टी पॉइंट आवंटित होंगे और निर्धारित सीमा पार करने पर लाइसेंस निलंबित किया जा सकेगा। इसके साथ ही, परिवहन विभाग के 'सारथी' सिस्टम को बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के 'ई-चालान' सिस्टम से जोड़ने का प्रस्ताव है, जिससे ट्रैफिक पुलिस मौके पर ही लाइसेंस की वैधता जाँच सकेगी और पिछले उल्लंघनों का रिकॉर्ड देख सकेगी। यह पहल कर्नाटक में ट्रैफिक प्रवर्तन को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।