कर्नाटक में पॉइंट्स-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम पर विचार, बार-बार नियम तोड़ने पर सस्पेंशन का प्रस्ताव
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे और परिवहन मंत्री बी. सुरेश ने 30 सितंबर 2026 को विधान सौध, बेंगलुरु में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें पॉइंट्स-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस प्रणाली लागू करने समेत ट्रैफिक अनुशासन को कड़ा बनाने के कई प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रत्येक ट्रैफिक उल्लंघन पर ड्राइवर के लाइसेंस में पेनल्टी पॉइंट्स जोड़े जाएंगे और तय सीमा पार होने पर लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब बेंगलुरु लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या से जूझ रहा है।
पॉइंट्स-आधारित लाइसेंस प्रणाली का प्रस्ताव
बैठक में चर्चा किए गए प्रस्ताव के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों के ट्रैफिक उल्लंघनों पर अलग-अलग पेनल्टी पॉइंट्स तय किए जाएंगे। जब किसी चालक के पॉइंट्स निर्धारित सीमा तक पहुँच जाएंगे, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है। बैठक में इस प्रणाली के लिए आवश्यक कानूनी प्रावधानों की समीक्षा भी की गई। गौरतलब है कि इस तरह की पॉइंट्स-आधारित व्यवस्था यूरोप और अमेरिका सहित कई देशों में सफलतापूर्वक लागू है और इसे ट्रैफिक उल्लंघनों को रोकने में कारगर माना गया है।
सारथी और ई-चालान सिस्टम को जोड़ने की योजना
अधिकारियों ने परिवहन विभाग के सारथी सिस्टम को बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के ई-चालान सिस्टम से जोड़ने पर विचार किया। इन दोनों प्रणालियों के एकीकरण से ट्रैफिक पुलिस मौके पर ही किसी भी ड्राइवर के लाइसेंस की वैधता जाँच सकेगी, उसके पुराने उल्लंघनों का इतिहास देख सकेगी और नए उल्लंघन को सीधे उसके डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ सकेगी। यह डिजिटल एकीकरण कागज़-आधारित प्रक्रियाओं को समाप्त कर प्रवर्तन को अधिक पारदर्शी और तेज़ बनाने में सहायक होगा।
जुर्माना वृद्धि और बार-बार उल्लंघन पर विशेष कार्रवाई
बैठक में फुटपाथ पर पार्किंग, वन-वे उल्लंघन, नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करना, ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर जुर्माना बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। पाँच या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले चालकों के विरुद्ध बकाया जुर्माने की वसूली, वाहन जब्ती और वाहन को ब्लॉकलिस्ट करने जैसे कदमों पर भी विचार किया गया। बार-बार जुर्माना न चुकाने वाले वाहनों पर पाबंदी लगाने और संबंधित कानूनों में संशोधन पर भी सहमति बनती दिखी।
अनिवार्य रोड सेफ्टी ट्रेनिंग और हाफ हेलमेट पर रोक का प्रस्ताव
बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों का लाइसेंस निलंबित या रद्द करने से पहले उनके लिए रोड सेफ्टी ट्रेनिंग अनिवार्य करने पर विचार किया गया। इस प्रशिक्षण में सुरक्षित वाहन चालन, सड़क सुरक्षा नियम और व्यवहार सुधार को शामिल किया जाएगा। साथ ही, सड़क सुरक्षा मानकों पर खरे न उतरने वाले हाफ हेलमेट के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने, अनधिकृत हॉर्न, मॉडिफाइड साइलेंसर और हाई-इंटेंसिटी एलईडी लाइट्स के खिलाफ कार्रवाई पर भी चर्चा हुई, क्योंकि ये ध्वनि प्रदूषण और सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को बढ़ाते हैं।
मोबिलिटी और प्रदूषण नियंत्रण पर व्यापक एजेंडा
बैठक में 'वन सिटी, वन फेयर' नीति, कार शेयरिंग, राइड शेयरिंग और पार्क-एंड-राइड सुविधाओं को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य स्तरीय नीति बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट नियमों को सख्ती से लागू करने और बकाया ट्रैफिक जुर्माने वाले वाहनों को PUC प्रमाणपत्र न देने की संभावना पर भी चर्चा हुई। बीएमटीसी की खराब इलेक्ट्रिक बसों को तुरंत हटाने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स सिस्टम और मेट्रो स्टेशनों तक फर्स्ट-लास्ट माइल कनेक्टिविटी सुधारने के उपायों पर भी सहमति बनती दिखी। बैठक में गृह और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा पुलिस, बीएमटीसी, बीएमआरसीएल और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे। इन प्रस्तावों के लागू होने की स्थिति में बेंगलुरु की सड़क सुरक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय बदलाव आने की उम्मीद है।