असम: भाजपा विधायक भूपेन बोराह की मांग — बिना हेलमेट वाहनों की एक महीने जब्ती, युवाओं के लिए स्पीड लिमिट
सारांश
मुख्य बातें
असम के बिहपुरिया विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक भूपेन बोराह ने बुधवार, 3 जून को राज्य सरकार और पुलिस से अपील की कि बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, जिसमें भारी जुर्माने के साथ-साथ मोटरसाइकिलों को एक महीने तक जब्त करने का प्रावधान शामिल हो। यह मांग उनके निर्वाचन क्षेत्र में हाल ही में हुए कई जानलेवा सड़क हादसों के बाद आई है, जिनमें युवाओं की जान गई है।
मुख्य घटनाक्रम
पत्रकारों से बातचीत में बोराह ने बताया कि उनके क्षेत्र के टिकिरा इलाके में हाल ही में तीन युवाओं की मोटरसाइकिल दुर्घटनाओं में मौत हो चुकी है, जबकि एक अन्य युवक गंभीर हालत में ‘जिंदगी और मौत के बीच’ जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि बार-बार हो रहे इन हादसों ने स्थानीय निवासियों में गहरी चिंता पैदा कर दी है।
विधायक के अनुसार, अधिकांश प्रभावित परिवार आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग से आते हैं। मौतों के बाद मिसिंग समुदाय के पारंपरिक रीति-रिवाजों और अनुष्ठानों में होने वाला भारी खर्च शोक संतप्त परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है।
क्या सुझाव दिए गए
बोराह ने सुझाव दिया कि असम को मोटरसाइकिल चालकों, विशेष रूप से 19 से 25 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं, के लिए अलग गति सीमा लागू करने पर विचार करना चाहिए। वाणिज्यिक वाहनों पर पहले से लागू गति नियमों से तुलना करते हुए उन्होंने तर्क दिया कि इसी तरह की सीमाएँ युवाओं में लापरवाह ड्राइविंग की प्रवृत्ति घटा सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर मौजूदा जुर्माने के अतिरिक्त, पुलिस थानों को ऐसी मोटरसाइकिलों को एक माह तक जब्त करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। बोराह ने सवाल उठाया कि लगातार चल रहे जागरूकता अभियानों और कानूनी प्रावधानों के बावजूद बिना हेलमेट वाले युवा चालक सड़कों पर इतनी सहजता से कैसे घूम पा रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर पहल
विधायक ने कहा कि स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता प्रभावित परिवारों को सहायता देने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और अधिक कड़े निवारक उपायों की आवश्यकता है। उन्होंने घोषणा की कि वे यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रवर्तन मज़बूत करने के लिए बिहपुरिया में पुलिस प्रशासन के साथ शीघ्र चर्चा करेंगे।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि भाजपा विधायक की ये टिप्पणियाँ ऐसे समय में आई हैं जब पूरे असम में सड़क सुरक्षा और दोपहिया वाहनों से जुड़ी मौतों की बढ़ती संख्या को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं। बोराह ने ज़ोर देकर कहा कि राज्य की सड़कों पर और जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए कड़ा प्रवर्तन और सार्वजनिक अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि असम सरकार और पुलिस प्रशासन इन सुझावों पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।