बेंगलुरु में 1 जुलाई से 'सुरक्षित फुटपाथ अभियान': अतिक्रमण पर भारी जुर्माना, ₹70 करोड़ से होगी मरम्मत
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक सरकार के ग्रेटर बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने 24 जून 2025 को घोषणा की कि बेंगलुरु में 1 जुलाई 2025 से 'सुरक्षित फुटपाथ अभियान' (सेफ फुटपाथ कैंपेन) लागू किया जाएगा। इस अभियान के तहत प्रमुख और उप-प्रमुख सड़कों के फुटपाथों से सभी अतिक्रमण हटाए जाएंगे और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के पहले चरण में 2,000 किलोमीटर लंबी सड़कों पर मिशन मोड में कार्यवाही होगी।
अभियान की रूपरेखा और समयसीमा
ग्रेटर बेंगलुरु क्षेत्र (GBA) में फुटपाथ अतिक्रमण हटाने और मरम्मत कार्यों की समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री ने स्पष्ट किया कि दुकानदारों को 1 जुलाई 2025 तक स्वेच्छा से फुटपाथों पर रखा सामान, बोर्ड और अन्य अवरोध हटाने का अवसर दिया गया है। इस तिथि के बाद नगर निकाय सीधे कार्रवाई करेगा और नियमों के अनुसार भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
शहर के कुल 13,000 किलोमीटर के सड़क नेटवर्क में से पहले चरण में 2,000 किलोमीटर प्रमुख और उप-प्रमुख सड़कों को प्राथमिकता दी जाएगी। फुटपाथों पर वाहन खड़े करने वालों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई होगी और ऐसे वाहनों को बिना किसी रियायत के टो किया जाएगा।
परित्यक्त वाहनों पर भी शिकंजा
सरकार ने सड़क किनारे लंबे समय से खड़े परित्यक्त वाहनों के विरुद्ध भी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। 1 जुलाई 2025 से ऐसे वाहनों पर नोटिस स्टिकर लगाए जाएंगे और मालिकों को सात दिन का समय दिया जाएगा। इसके बाद 10 जुलाई 2025 से वाहन जब्त किए जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
1 जुलाई 2025 से प्रमुख और उप-प्रमुख सड़कों पर ठेले और रेहड़ी लगाकर व्यापार करने की अनुमति नहीं होगी। नियम उल्लंघन पर ठेले जब्त होंगे और जुर्माना लगेगा। केवल निर्धारित और स्वीकृत क्षेत्रों में ही स्ट्रीट वेंडिंग की अनुमति रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश और मुख्यमंत्री के निर्देश
मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि फुटपाथ पर चलना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है और स्थानीय निकायों को इसे सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी इस संबंध में सख्त कदम उठाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने रेखांकित किया कि फुटपाथ शहर के लगभग डेढ़ करोड़ नागरिकों की सार्वजनिक संपत्ति हैं और व्यावसायिक गतिविधियाँ केवल दुकानों की सीमा के भीतर ही संचालित होनी चाहिए।
₹70 करोड़ से फुटपाथों की मरम्मत
शहर की पाँच नगर निगम इकाइयों में लगभग 2,000 किलोमीटर फुटपाथों की मरम्मत और सुधार के लिए ₹70 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इस राशि से स्लैब, कर्ब स्टोन, ऊँचाई संबंधी खामियों और अन्य बुनियादी समस्याओं को दूर किया जाएगा।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सड़क के गड्ढों की मरम्मत बॉक्स-कटिंग पद्धति से वैज्ञानिक तरीके से की जाए — गड्ढों को काटकर उनमें जेली एग्रीगेट और डामर भरकर सड़क की सतह के बराबर किया जाएगा। आधुनिक मशीनों और उपकरणों के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया है।
ट्रैफिक सिग्नल के पास पार्किंग पर रोक
सरकार ने ट्रैफिक सिग्नलों और प्रमुख चौराहों के आसपास सड़क मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। इसके अलावा किसी भी बस या वाहन को ट्रैफिक सिग्नल से 75 मीटर के दायरे में रुकने या पार्क करने की अनुमति नहीं होगी। इस संबंध में यातायात पुलिस के साथ समन्वय कर आवश्यक आदेश जारी किए जाएंगे।
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब बेंगलुरु की सड़कों पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा और फुटपाथ अतिक्रमण को लेकर नागरिक समाज और न्यायपालिका दोनों की ओर से लगातार दबाव बढ़ रहा है। अब देखना यह होगा कि क्रियान्वयन की गति और जवाबदेही का ढाँचा इस अभियान को पिछले प्रयासों से अलग साबित कर पाता है।