बेंगलुरु में 4,249 लावारिस वाहनों पर कार्रवाई, GBA और ट्रैफिक पुलिस का संयुक्त अभियान शुरू
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक सरकार ने 18 जुलाई 2026 को बेंगलुरु की सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों पर महीनों से खड़े लावारिस वाहनों के खिलाफ व्यापक अभियान की शुरुआत की। बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ करते हुए स्पष्ट किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर दावा नहीं किए जाने वाले वाहनों की कानून के तहत नीलामी की जाएगी। पूर्व मंत्री दिनेश गुंडू राव भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
अभियान की पृष्ठभूमि और प्रक्रिया
यह अभियान ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) और बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस संयुक्त रूप से संचालित कर रही हैं। पिछले सप्ताह शहरभर में लावारिस वाहनों पर नोटिस चिपकाए गए थे और वाहन मालिकों को सात दिनों के भीतर वाहन हटाने अथवा नाममात्र जुर्माना भरकर वापस लेने का अवसर दिया गया था। समय-सीमा समाप्त होने के बाद अब उन वाहनों को टो किया जा रहा है, जिनके मालिक सामने नहीं आए।
मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने बताया कि जब्त वाहनों को 15 दिनों तक GBA के परिसर में रखा जाएगा। इसके बाद समाचार-पत्रों में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की जाएगी। यदि उसके बाद भी मालिक दावा नहीं करते, तो वाहनों की विधिसम्मत नीलामी की जाएगी।
मुख्य आँकड़े
बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने शहर में 2,751 लावारिस वाहनों की पहचान की है। इसके अतिरिक्त नागरिकों ने अस्त्रम ऐप के माध्यम से 1,498 वाहनों की शिकायत दर्ज कराई है। इस प्रकार पिछले 15 दिनों में कुल 4,249 लावारिस वाहनों की पहचान हो चुकी है। अब तक 1,034 वाहनों पर नोटिस लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 72 वाहन मालिक जुर्माना भरकर अपने वाहन वापस ले चुके हैं।
मंत्री का स्पष्टीकरण — किन वाहनों पर नहीं होगी कार्रवाई
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन अस्थायी रूप से खड़े वाहनों को निशाना नहीं बना रहा। उन्होंने कहा, 'यदि कोई वाहन एक-दो दिन के लिए या किसी घर के बाहर थोड़े समय के लिए खड़ा है तो कोई समस्या नहीं है। लेकिन यदि कोई वाहन एक सप्ताह से अधिक समय तक बिना देखरेख के सार्वजनिक स्थान पर खड़ा रहता है, तो उसे हटाया जाएगा।'
उन्होंने यह भी कहा, 'सड़कें और फुटपाथ सार्वजनिक संपत्ति हैं, निजी पार्किंग नहीं। नागरिकों को अपने वाहन सार्वजनिक स्थानों पर छोड़ने से बचना चाहिए।'
आम जनता पर असर और अपील
मंत्री के अनुसार, महीनों से सड़कों पर खड़े वाहन लाखों नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं — सड़क और फुटपाथ घिर जाते हैं, पैदल यात्रियों को दिक्कत होती है और शहर की सुंदरता भी प्रभावित होती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अस्त्रम ऐप के जरिए लावारिस वाहनों की सूचना दें ताकि हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई हो सके।
आगे की राह
मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने स्पष्ट किया कि यह अभियान एकमुश्त कार्रवाई नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों को अतिक्रमण-मुक्त रखना प्रशासन की प्राथमिकता है, और आने वाले हफ्तों में अभियान और तेज़ होने की संभावना है।