कर्नाटक अपार्टमेंट बिल 2026: सीएम शिवकुमार ने दिया मालिकाना हक का भरोसा, 6 अगस्त तक मांगे सुझाव
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 15 जुलाई 2026 को बेंगलुरु में अपार्टमेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रॉपर्टी खरीदारों को पूर्ण मालिकाना हक दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रस्तावित 'कर्नाटक अपार्टमेंट (ओनरशिप एंड मेंटेनेंस) बिल, 2026' पर जनता और संगठनों से सुझाव तथा आपत्तियाँ 6 अगस्त 2026 तक बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौडा को भेजी जा सकती हैं। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब बेंगलुरु के लाखों अपार्टमेंट निवासी रजिस्ट्रेशन, दस्तावेज़ हस्तांतरण और कब्जे के बाद की समस्याओं से वर्षों से जूझ रहे हैं।
प्रस्तावित बिल में क्या है खास
शिवकुमार ने कहा, 'यह बिल प्रॉपर्टी खरीदने वालों के हितों की रक्षा के लिए लाया जा रहा है। हम कानून के दायरे में आने वाले सभी सुझावों और विचारों का स्वागत करते हैं।' उन्होंने इस पहल को सरकार की 'भू गारंटी' योजना की छठी गारंटी के रूप में रेखांकित किया, जिसका मकसद प्रॉपर्टी मालिकों के अधिकारों को कानूनी सुरक्षा देना है। सरकार ने स्वीकार किया कि कुछ डेवलपर्स ने संपत्ति के दस्तावेज़ हस्तांतरित करने में अनावश्यक बाधाएँ खड़ी की हैं और इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए उनसे बातचीत का भरोसा दिया।
ई-खाता और डिजिटल रिकॉर्ड में कर्नाटक आगे
मुख्यमंत्री ने जमीन और प्रॉपर्टी रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण को लेकर कहा कि बेंगलुरु में 40 लाख संपत्तियों में से 26 लाख के लिए ई-खाता जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने दावा किया, 'देश में कहीं भी ऐसा कोई दूसरा सिस्टम नहीं है। हम ई-खाता सेवाएँ लोगों के दरवाजे तक ले गए हैं।' गौरतलब है कि यह 'ई-खाता क्रांति' राज्य सरकार की प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
बुनियादी ढाँचे पर सरकार का जोर
शिवकुमार ने बेंगलुरु की इंफ्रास्ट्रक्चर चुनौतियों पर कहा कि शहर में 1.35 करोड़ वाहन हैं और सरकार ने सड़क सुधार तथा गड्ढे भरने पर ₹4,000 करोड़ खर्च किए हैं। उन्होंने 132 किलोमीटर लंबी पेरिफेरल रिंग रोड — जिसे बेंगलुरु बिजनेस कॉरिडोर भी कहा जाता है — का उल्लेख किया। पानी की उपलब्धता के लिए कावेरी फेज पाँच प्रोजेक्ट और ग्राउंडवाटर रिचार्ज पहल लागू की जा रही है। इसके अलावा, सरकार बेंगलुरु में पाँच नगर निगम बनाने का प्रस्ताव लेकर आई है, ताकि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और विकेंद्रीकृत शासन सुनिश्चित हो सके।
बेंगलुरु की वैश्विक निवेश अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय निवेशक बेंगलुरु को एक आकर्षक गंतव्य मानते हैं। उन्होंने कहा, 'दावोस की अपनी यात्रा के दौरान, कई निवेशकों ने बेंगलुरु में निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई।' मुंबई की तुलना में यहाँ प्रॉपर्टी की कीमतें कम होने को उन्होंने निवेशकों के आकर्षण का प्रमुख कारण बताया। प्रस्तावित दूसरा एयरपोर्ट इस स्थिति को और मजबूत करेगा।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौडा, मंत्री बायराथी सुरेश और के.जे. जॉर्ज, बीडीए चेयरमैन एन.ए. हैरिस तथा अपार्टमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गौड़ा उपस्थित रहे। सरकार ने यह भी संकेत दिया कि अपार्टमेंट परिसरों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग को पूरे राज्य में अनिवार्य बनाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। आने वाले हफ्तों में जनसुझावों के आधार पर बिल को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।