15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कर्नाटक अपार्टमेंट कानून 2025: 25,000 इमारतों के मालिकों को मिलेगी कानूनी सुरक्षा, हितधारक बैठक बुधवार को

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नाटक अपार्टमेंट कानून 2025: 25,000 इमारतों के मालिकों को मिलेगी कानूनी सुरक्षा, हितधारक बैठक बुधवार को

सारांश

पाँच दशक पुराने दो कानूनों की जगह लेने वाला 'कर्नाटक अपार्टमेंट (स्वामित्व और प्रबंधन) अधिनियम' बेंगलुरु की 25,000 इमारतों और 30 लाख फ्लैट मालिकों को कानूनी सुरक्षा देगा। बुधवार को हितधारक बैठक के बाद विधेयक को अंतिम रूप दिया जाएगा।

मुख्य बातें

कर्नाटक सरकार ने 'कर्नाटक अपार्टमेंट (स्वामित्व और प्रबंधन) अधिनियम' का प्रस्ताव रखा है, जो 1972 के दो पुराने कानूनों की जगह लेगा।
अकेले बेंगलुरु में 25,000 से अधिक अपार्टमेंट इमारतें हैं जिनमें 25 से 30 लाख फ्लैट हैं।
पिछले एक वर्ष में 60,000 से 75,000 फ्लैट कर्नाटक RERA के साथ पंजीकृत हुए।
नए कानून में साझा क्षेत्रों का स्वामित्व, रखरखाव निधि में पारदर्शिता और पुरानी इमारतों के पुनर्विकास की स्पष्ट प्रक्रिया शामिल होगी।
हितधारक बैठक बुधवार सुबह 11 बजे जवाहरलाल नेहरू तारामंडल परिसर, बेंगलुरु में आयोजित होगी।

कर्नाटक सरकार ने राज्य के 25,000 से अधिक अपार्टमेंट इमारतों में रहने वाले लाखों फ्लैट मालिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक नया व्यापक कानून लाने का प्रस्ताव रखा है। सरकार ने 'कर्नाटक अपार्टमेंट (स्वामित्व और प्रबंधन) अधिनियम' का मसौदा तैयार किया है, जो पाँच दशक पुराने दो मौजूदा कानूनों की जगह लेगा। इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले बेंगलुरु स्थित जवाहरलाल नेहरू तारामंडल परिसर में बुधवार सुबह 11 बजे हितधारकों की एक अहम बैठक आयोजित की जाएगी।

क्यों पड़ी नए कानून की जरूरत

वर्तमान में लागू 'कर्नाटक अपार्टमेंट स्वामित्व अधिनियम, 1972' और 'कर्नाटक स्वामित्व फ्लैट अधिनियम, 1972' उस दौर में बने थे जब राज्य में अपार्टमेंट संस्कृति अभी अपनी शैशवावस्था में थी। पाँच दशकों में शहरीकरण की रफ्तार ने इन कानूनों की सीमाएँ उजागर कर दी हैं। सरकार के अनुसार, साझा क्षेत्रों के स्वामित्व, जमीन के अविभाजित हिस्से के हस्तांतरण, रखरखाव निधि की जवाबदेही और पुरानी इमारतों के पुनर्विकास जैसे मुद्दों पर इन कानूनों में स्पष्टता का अभाव है, जिसके चलते घर खरीदारों और बिल्डरों के बीच दीर्घकालीन कानूनी विवाद पैदा होते रहे हैं।

बेंगलुरु में अपार्टमेंट क्षेत्र का विस्तार

सरकार के आँकड़ों के अनुसार, पिछले दो दशकों में कर्नाटक में अपार्टमेंट परियोजनाओं का तेज़ी से विस्तार हुआ है। अकेले बेंगलुरु में 25,000 से अधिक अपार्टमेंट इमारतें हैं, जिनमें 25 से 30 लाख फ्लैट हैं। इसके अलावा, पिछले एक वर्ष में बेंगलुरु शहरी और आसपास के क्षेत्रों में कर्नाटक रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (RERA) के साथ 60,000 से 75,000 फ्लैट नए सिरे से पंजीकृत हुए हैं। यह आँकड़ा दर्शाता है कि शहरों में अपार्टमेंट अब प्रमुख आवास व्यवस्था बन चुकी है।

नए कानून में क्या होगा खास

प्रस्तावित अधिनियम में अपार्टमेंट मालिकों को साझा क्षेत्रों और सुविधाओं का स्पष्ट स्वामित्व देने का प्रावधान है। इसके साथ ही अपार्टमेंट मालिकों की एसोसिएशन के गठन और संचालन के लिए स्पष्ट कानूनी ढाँचा तैयार किया जाएगा। रखरखाव निधि में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, विवादों के त्वरित निपटारे की व्यवस्था बनाने और संरचनात्मक रूप से असुरक्षित पुरानी इमारतों के पुनर्विकास के लिए स्पष्ट कानूनी प्रक्रिया निर्धारित करने का भी प्रावधान है।

हितधारकों से सुझाव की प्रक्रिया

सरकार ने बताया कि विधेयक का मसौदा तैयार करते समय विभिन्न पक्षों से पहले ही चर्चा की जा चुकी है। अब बुधवार, 15 जुलाई को बेंगलुरु के जवाहरलाल नेहरू तारामंडल परिसर में सुबह 11 बजे एक अंतिम हितधारक बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में प्राप्त सुझावों को विधेयक के अंतिम मसौदे में शामिल किया जाएगा। यह कदम इस बात का संकेत है कि सरकार इस कानून को व्यापक सहमति के साथ आगे बढ़ाना चाहती है।

आगे की राह

हितधारक बैठक के बाद विधेयक के अंतिम मसौदे को विधानसभा में पेश किए जाने की संभावना है। यदि यह कानून पारित होता है, तो यह बेंगलुरु सहित पूरे कर्नाटक के लाखों फ्लैट मालिकों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है — खासकर उन मामलों में जहाँ बिल्डरों और रहवासी संघों के बीच विवाद वर्षों से लंबित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी फ्लैट मालिक दशकों से अस्पष्ट कानूनी ढाँचे में फँसे रहे हैं। असली सवाल यह है कि नया कानून रहवासी संघों को कितनी वास्तविक स्वायत्तता देगा और बिल्डरों पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए क्रियान्वयन तंत्र कितना मज़बूत होगा। हितधारक परामर्श की प्रक्रिया सकारात्मक है, लेकिन कर्नाटक RERA के अनुभव बताते हैं कि कानून बनाना और उसे ज़मीन पर लागू करना दो अलग-अलग चुनौतियाँ हैं।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक का प्रस्तावित नया अपार्टमेंट कानून क्या है?
'कर्नाटक अपार्टमेंट (स्वामित्व और प्रबंधन) अधिनियम' एक प्रस्तावित कानून है जो 1972 के दो पुराने अपार्टमेंट कानूनों की जगह लेगा। इसका उद्देश्य फ्लैट मालिकों के अधिकारों को कानूनी सुरक्षा देना, साझा क्षेत्रों का स्वामित्व स्पष्ट करना और विवादों के त्वरित समाधान की व्यवस्था बनाना है।
इस नए कानून से बेंगलुरु के कितने फ्लैट मालिक प्रभावित होंगे?
सरकार के आँकड़ों के अनुसार, अकेले बेंगलुरु में 25,000 से अधिक अपार्टमेंट इमारतें हैं जिनमें 25 से 30 लाख फ्लैट हैं। इसके अलावा पिछले एक वर्ष में 60,000 से 75,000 नए फ्लैट RERA के साथ पंजीकृत हुए हैं, जो इस कानून के दायरे में आएंगे।
1972 के मौजूदा अपार्टमेंट कानूनों में क्या कमियाँ हैं?
मौजूदा कानूनों में साझा क्षेत्रों के स्वामित्व, अपार्टमेंट मालिकों की एसोसिएशन के संचालन, रखरखाव निधि की जवाबदेही और पुरानी इमारतों के पुनर्विकास जैसे मुद्दों पर स्पष्टता का अभाव है। इन कमियों के कारण घर खरीदारों और बिल्डरों के बीच दीर्घकालीन कानूनी विवाद होते रहे हैं।
हितधारक बैठक कब और कहाँ होगी?
हितधारक बैठक बुधवार सुबह 11 बजे बेंगलुरु स्थित जवाहरलाल नेहरू तारामंडल परिसर में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में प्राप्त सुझावों को विधेयक के अंतिम मसौदे में शामिल किया जाएगा।
नए कानून में पुरानी और जर्जर इमारतों के पुनर्विकास का क्या प्रावधान होगा?
प्रस्तावित अधिनियम में संरचनात्मक रूप से असुरक्षित और पुरानी अपार्टमेंट इमारतों के पुनर्विकास के लिए एक स्पष्ट कानूनी प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी। यह उन मामलों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जहाँ पुनर्विकास को लेकर मालिकों और बिल्डरों के बीच विवाद वर्षों से चले आ रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले