3 अगस्त 2026
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कर्नाटक: कांग्रेस विधायक एचसी महादेवप्पा ने भ्रष्टाचार के आरोपों को बताया 'राजनीतिक षड्यंत्र', मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़ा समय

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कर्नाटक: कांग्रेस विधायक एचसी महादेवप्पा ने भ्रष्टाचार के आरोपों को बताया 'राजनीतिक षड्यंत्र', मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़ा समय

सारांश

कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के ठीक बीच कांग्रेस विधायक एचसी महादेवप्पा पर भ्रष्टाचार की शिकायत राज्यपाल तक पहुँची। महादेवप्पा ने 40 साल के सार्वजनिक जीवन का हवाला देते हुए आरोपों को 'हास्यास्पद' बताया और समय को राजनीतिक षड्यंत्र की निशानी करार दिया।

मुख्य बातें

बेंगलुरु के एक निवासी ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत को शिकायत सौंपकर एचसी महादेवप्पा के विरुद्ध स्वतंत्र जाँच की माँग की।
शिकायत में कल्याण निधि दुरुपयोग , KREIS निविदा हेराफेरी , रिकॉर्ड छेड़छाड़ और पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं।
महादेवप्पा ने 40 वर्षों के सार्वजनिक जीवन का हवाला देते हुए आरोपों को 'निराधार और हास्यास्पद' बताया।
उन्होंने आरोपों के समय को मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों से जोड़ते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया।
राज्यपाल कार्यालय की ओर से शिकायत पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

कर्नाटक के पूर्व सामाजिक कल्याण मंत्री और कांग्रेस विधायक एचसी महादेवप्पा ने बुधवार, 17 जून को अपने विरुद्ध लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें राजनीति से प्रेरित और निराधार करार दिया। यह बयान ऐसे समय आया है जब कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें ज़ोरों पर हैं।

शिकायत में क्या लगाए गए हैं आरोप

बेंगलुरु के एक निवासी ने कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत को शिकायत सौंपकर महादेवप्पा के मंत्री कार्यकाल से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की स्वतंत्र जाँच की माँग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके कार्यकाल के दौरान कल्याण निधि का दुरुपयोग, कर्नाटक आवासीय शैक्षणिक संस्थान सोसायटी (KREIS) द्वारा जारी निविदाओं में हेराफेरी, सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ और आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया गया।

गौरतलब है कि ये आरोप अभी तक कथित तौर पर एक नागरिक शिकायत के स्तर पर हैं और किसी जाँच एजेंसी द्वारा इनकी पुष्टि नहीं की गई है।

महादेवप्पा की प्रतिक्रिया

एक लिखित बयान में महादेवप्पा ने कहा, 'सार्वजनिक जीवन में लगभग चार दशकों के बाद मुझ पर लगाए जा रहे आरोप न केवल निराधार हैं, बल्कि हास्यास्पद भी हैं।' उन्होंने कहा, '40 वर्षों से मैंने अपना राजनीतिक जीवन संविधान और बाबासाहेब अंबेडकर के आदर्शों के अनुसार ही चलाया है। अब मुझ पर लगाए जा रहे निराधार आरोपों को सुनकर मुझे केवल हंसी आती है।'

महादेवप्पा ने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी जनप्रतिनिधि जाँच से परे नहीं है, लेकिन उन्होंने कहा कि 'आलोचना को दुर्भावनापूर्ण प्रचार, झूठे आरोपों, असहिष्णुता या राजनीतिक षड्यंत्र की सीमा तक नहीं पहुँचना चाहिए।'

मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़ा आरोपों का समय

महादेवप्पा ने आरोपों के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्रिमंडल में फेरबदल या विस्तार की चर्चा के साथ इन आरोपों का समय मेल खाना ही इनके पीछे के इरादे को स्पष्ट करता है। उन्होंने कहा, 'इन आरोपों के पीछे का मकसद इतना स्पष्ट है कि बच्चे भी इसे समझ सकते हैं।'

अंबेडकर के आदर्शों का दिया हवाला

महादेवप्पा ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा, 'संविधान निर्माता ने अपने पूरे जीवन में अपमान सहा, लेकिन राष्ट्र कल्याण के लिए काम करना जारी रखा। उनके आदर्शों का अनुसरण करने वाले व्यक्ति के रूप में, मैं किसी के प्रति द्वेष नहीं रख सकता।'

उन्होंने अपने मंत्री कार्यकाल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी को मज़बूत करने और जनकल्याणकारी कार्यक्रम लागू करने के लिए काम किया।

आगे क्या होगा

राज्यपाल कार्यालय द्वारा शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच यह विवाद राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन KREIS निविदाओं और कल्याण निधि के विशिष्ट आरोपों का खंडन तथ्यात्मक रूप से अभी भी लंबित है। मुख्यधारा की कवरेज इस बात को नज़रअंदाज़ कर रही है कि यह विवाद कर्नाटक कांग्रेस के भीतर मंत्री पद की दौड़ की व्यापक गतिशीलता को भी उजागर करता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एचसी महादेवप्पा पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
बेंगलुरु के एक निवासी ने राज्यपाल को शिकायत देकर महादेवप्पा के मंत्री कार्यकाल के दौरान कल्याण निधि दुरुपयोग, KREIS निविदाओं में हेराफेरी, सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। ये आरोप अभी कथित तौर पर नागरिक शिकायत के स्तर पर हैं।
महादेवप्पा ने आरोपों पर क्या कहा?
महादेवप्पा ने आरोपों को 'निराधार और हास्यास्पद' बताते हुए कहा कि 40 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने संविधान और बाबासाहेब अंबेडकर के आदर्शों का पालन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपों का समय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों से मेल खाना इनके राजनीतिक इरादे को उजागर करता है।
KREIS क्या है और इसका इस मामले से क्या संबंध है?
KREIS यानी कर्नाटक आवासीय शैक्षणिक संस्थान सोसायटी एक सरकारी संस्था है जो पिछड़े वर्गों के लिए आवासीय विद्यालय संचालित करती है। शिकायत में आरोप है कि महादेवप्पा के मंत्री कार्यकाल के दौरान KREIS द्वारा जारी निविदाओं में अनियमितताएँ हुईं।
क्या राज्यपाल इस शिकायत पर जाँच का आदेश दे सकते हैं?
राज्यपाल के पास शिकायत को संबंधित जाँच एजेंसियों को अग्रेषित करने का अधिकार है, लेकिन राज्यपाल कार्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या कार्रवाई की घोषणा नहीं हुई है।
कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार का इस विवाद से क्या संबंध है?
महादेवप्पा ने खुद सुझाया है कि मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के साथ इन आरोपों का समय मेल खाना राजनीतिक प्रेरणा की ओर इशारा करता है। कर्नाटक में मंत्री पद की दौड़ के बीच ऐसे आरोप राजनीतिक दबाव के औज़ार के रूप में देखे जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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