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कर्नाटक: तुमकुरु में RSS के विजयादशमी मार्च पर पुलिस का फैसला अटका, कलबुर्गी-हुबली में सशर्त मंजूरी

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कर्नाटक: तुमकुरु में RSS के विजयादशमी मार्च पर पुलिस का फैसला अटका, कलबुर्गी-हुबली में सशर्त मंजूरी

सारांश

कर्नाटक में RSS के विजयादशमी जुलूस को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। तुमकुरु में अनुमति अटकी है, कलबुर्गी-हुबली में सशर्त मंजूरी मिली है और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के 'पुलिस RSS की गुलाम नहीं' वाले बयान ने आग में घी डाल दिया है।

मुख्य बातें

RSS को तुमकुरु जिले में विजयादशमी जुलूस की पुलिस अनुमति 24 अक्टूबर तक नहीं मिली; स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव कारण बताया गया।
कलबुर्गी में RSS को निर्धारित मार्ग और भड़काऊ भाषण प्रतिबंध जैसी शर्तों के साथ सशर्त अनुमति मिली।
हुबली में 25 अक्टूबर को जुलूस और जनसभा; 10,000 से अधिक प्रतिभागियों की संभावना; केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और BJP सांसद जगदीश शेट्टार के शामिल होने की उम्मीद।
गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा — 'कर्नाटक पुलिस RSS की गुलाम नहीं' ; प्रक्रिया का पालन अनिवार्य बताया।
कलबुर्गी गृह मंत्री प्रियांक खड़गे और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का पैतृक स्थान है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को कर्नाटक के तुमकुरु जिले में विजयादशमी जुलूस निकालने की पुलिस अनुमति 24 अक्टूबर तक नहीं मिली थी, जबकि कलबुर्गी और हुबली में संगठन को सशर्त मंजूरी प्रदान कर दी गई। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य सरकार और RSS के बीच जुलूस अनुमति को लेकर राजनीतिक तनाव चरम पर है।

तुमकुरु में अनुमति क्यों अटकी

RSS ने तुमकुरु शहर, तुमकुरु ग्रामीण, कुनिगल और गुब्बी में शनिवार-रविवार (24-25 अक्टूबर) को विजयादशमी जुलूस आयोजित करने की योजना बनाई थी। सूत्रों के अनुसार, संगठन ने चार दिन पहले पुलिस को आवेदन सौंपा था। हालाँकि, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण पुलिस ने अभी तक कोई निर्णय नहीं सुनाया।

गौरतलब है कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता होती है, जिससे बड़े जन-जुलूसों की अनुमति प्रक्रिया और जटिल हो जाती है।

गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का विवादित बयान

इस पूरे विवाद को राजनीतिक धार देने का काम कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के उस बयान ने किया, जिसमें उन्होंने कहा कि 'कर्नाटक पुलिस विभाग RSS का गुलाम नहीं है' और संगठन को अनुमति के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल सूचना पत्र जमा करना पर्याप्त नहीं होगा।

उल्लेखनीय है कि कलबुर्गी गृह मंत्री प्रियांक खड़गे और उनके पिता, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का पैतृक स्थान है — जिससे इस क्षेत्र में अनुमति का राजनीतिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

कलबुर्गी में सशर्त मंजूरी

RSS प्रतिनिधियों ने गृह विभाग द्वारा निर्धारित प्रपत्र 1 और 2 भरकर अधिकारियों को जमा किए, जिसके बाद कलबुर्गी शहर के विधि एवं व्यवस्था उप पुलिस आयुक्त ने कुछ शर्तों के साथ जुलूस की अनुमति दे दी। शर्तों में निर्धारित मार्ग का पालन और भड़काऊ भाषणों पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है।

जुलूस नागेश्वर विद्यालय से प्रारंभ होकर शरणबसवेश्वर जात्रा मैदान पर समाप्त होगा।

हुबली में बड़े आयोजन की तैयारी

हुबली में RSS ने रविवार (25 अक्टूबर) को एक जुलूस और जनसभा का आयोजन किया। जुलूस नेहरू मैदान से शुरू हुआ और प्रतिभागी शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरे। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद जगदीश शेट्टार तथा अन्य प्रमुख BJP नेताओं के इसमें शामिल होने की उम्मीद थी। आयोजकों के अनुसार, इसमें 10,000 से अधिक लोगों के भाग लेने की संभावना थी।

आगे क्या होगा

तुमकुरु में RSS के जुलूस की अनुमति पर पुलिस का अंतिम फैसला अभी बाकी है। आलोचकों का कहना है कि अनुमति प्रक्रिया में देरी को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन है। कर्नाटक में RSS और सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के सार्वजनिक बयान ने इसे स्पष्ट रूप से राजनीतिक रंग दे दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और RSS के बीच तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। विडंबना यह है कि जिस कलबुर्गी में अनुमति मिली, वह खुद गृह मंत्री का पैतृक जिला है — जो सरकार की 'एकसमान प्रक्रिया' की दलील को कमज़ोर करता है। असली सवाल यह है कि क्या अनुमति प्रक्रिया सभी संगठनों पर समान रूप से लागू होती है, या यह चुनिंदा रूप से लागू की जाती है — यही जवाबदेही की कसौटी है।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुमकुरु में RSS के विजयादशमी जुलूस की अनुमति क्यों नहीं मिली?
तुमकुरु में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में विधानसभा चुनाव के कारण पुलिस ने अभी तक अनुमति नहीं दी। RSS ने चार दिन पहले आवेदन दिया था, लेकिन चुनाव आचार संहिता के दौरान कानून-व्यवस्था की प्राथमिकता के कारण फैसला लंबित है।
कलबुर्गी में RSS को किन शर्तों पर अनुमति मिली?
कलबुर्गी के विधि एवं व्यवस्था उप पुलिस आयुक्त ने निर्धारित मार्ग का पालन करने और भड़काऊ भाषणों पर प्रतिबंध जैसी शर्तों के साथ अनुमति दी। जुलूस नागेश्वर विद्यालय से शरणबसवेश्वर जात्रा मैदान तक निकलेगा।
गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने RSS को लेकर क्या कहा?
गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि कर्नाटक पुलिस विभाग RSS का गुलाम नहीं है और संगठन को अनुमति के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल सूचना पत्र जमा करना पर्याप्त नहीं होगा।
हुबली में RSS के जुलूस में कौन-कौन शामिल होने वाले थे?
हुबली में 25 अक्टूबर को आयोजित जुलूस और जनसभा में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं BJP सांसद जगदीश शेट्टार और अन्य प्रमुख BJP नेताओं के शामिल होने की उम्मीद थी। आयोजकों के अनुसार 10,000 से अधिक लोगों के भाग लेने की संभावना थी।
कलबुर्गी का इस विवाद में क्या राजनीतिक महत्व है?
कलबुर्गी गृह मंत्री प्रियांक खड़गे और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का पैतृक स्थान है। इसी जिले में RSS को अनुमति मिलने से यह सवाल उठता है कि अनुमति प्रक्रिया राजनीतिक दबाव से प्रभावित है या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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