ज्ञानेश कुमार विवाद: राजद नेता शक्ति सिंह यादव का दावा — केंद्र सरकार बैकफुट पर
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता शक्ति सिंह यादव ने 17 अक्टूबर को पटना में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार विवाद को लेकर पूरी केंद्र सरकार रक्षात्मक स्थिति में आ गई है और सत्तारूढ़ दल लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
मुख्य आरोप और बयान
शक्ति सिंह यादव ने कहा, 'लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक गंभीर नेता हैं। वह विपक्ष के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन राष्ट्रहित में कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रही है। वह वोट लुटेरों से मिली हुई है, उनके साथ गठजोड़ किए हुए है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'राजनाथ सिंह अलग बयान दे रहे हैं, रेड्डी अलग बयान दे रहे हैं। मैं डंके की चोट पर कहता हूं, पूरी केंद्र सरकार ज्ञानेश कुमार को लेकर बैकफुट पर है।'
राजद नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'वोट के सबसे बड़े कारोबारी लुटेरे' करार दिया। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में प्रथम दृष्टया साक्ष्य सामने आए हैं और दो चुनाव आयुक्तों ने भी इस पर अपनी बात कही है। यह आरोप उन्होंने बिना किसी दस्तावेज़ी आधार का उल्लेख किए लगाए — इसलिए इन्हें कथित तौर पर ही माना जाना चाहिए।
मध्यावधि चुनाव की आशंका
शक्ति सिंह यादव ने संकेत दिया कि देश मध्यावधि चुनाव की दिशा में भी जा सकता है। उनके अनुसार, 'भारतीय जनता पार्टी इतनी बैकफुट पर आ गई है कि अगर वह चाहे भी तो ज्ञानेश कुमार को नहीं बचा सकती।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की स्वायत्तता और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों में असंतोष बढ़ रहा है।
परिसीमन और खड़गे की चिट्ठी पर रुख
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की परिसीमन पर लिखी चिट्ठी का समर्थन करते हुए राजद नेता ने कहा कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते खड़गे का यह नैतिक कर्तव्य है कि परिसीमन पर चर्चा हो और सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। शक्ति सिंह ने कहा, 'विपक्ष इतना सकारात्मक सोचता है। सत्ता अहंकार में है, विपक्ष सकारात्मक दिशा में जा रहा है। अपोजिशन सत्ता का दर्पण होता है — अगर सत्ता अंधी हो जाए और अपना चेहरा न देखे, तो यह उसकी मर्जी है।'
राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल
राजद नेता ने रक्षा मंत्री पर भी निशाना साधा। उन्होंने चीन की आक्रामकता और पुलवामा हमले का हवाला देते हुए सवाल किया कि रक्षा मंत्री इन मुद्दों पर क्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जो चीन आंख दिखा रहा है, उस पर रक्षा मंत्री क्या कर रहे हैं? पुलवामा तक हो गया, क्या रक्षा मंत्री को पता भी था?' — हालांकि ये टिप्पणियाँ राजनीतिक आरोप के रूप में आईं, न कि किसी नए तथ्य के आधार पर।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर विपक्ष पहले से सवाल उठाता रहा है। आलोचकों का कहना है कि ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति में विपक्ष की आपत्तियों को नज़रअंदाज़ किया गया था। यह बयान बिहार की राजनीति में राजद की सक्रियता और आगामी चुनावी संभावनाओं के मद्देनज़र भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।