मुंबई पुलिस ने 25 साल से अवैध रूप से रह रहे केन्याई नागरिक को हिरासत में लिया, डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई पुलिस की वाकोला पुलिस स्टेशन की आतंकवाद विरोधी टीम (एटीसी) ने 29 मई 2026 को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए केन्या के नागरिक ओसिनो एंथोनी ओमांडी (61 वर्ष) को हिरासत में लिया, जो कथित तौर पर पिछले 25 वर्षों से बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार, उनका वीजा वर्ष 2000 में ही समाप्त हो गया था और तब से वे अनधिकृत रूप से देश में रहते आए थे।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सांताक्रूज पूर्व स्थित वाकोला मस्जिद के निकट बिस्मिल्ला सैदी चॉल में एक विदेशी नागरिक बिना वैध कागजात के निवास कर रहा है। इस सूचना पर एटीसी टीम मौके पर पहुँची और संदिग्ध की पहचान की। पूछताछ के दौरान ओमांडी ने स्वयं को केन्या का नागरिक स्वीकार किया।
जाँच में उनके पास से केन्या का पासपोर्ट तथा नागरिकता संबंधी दस्तावेज भी बरामद किए गए, जिससे उनकी पहचान की पुष्टि हुई। पुलिस के मुताबिक, दस्तावेजों की जाँच में यह स्पष्ट हो गया कि वर्ष 2000 के बाद से उनके पास भारत में रहने की कोई वैध अनुमति नहीं थी।
कानूनी कार्रवाई
वाकोला पुलिस ने ओमांडी के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आरंभ कर दी है। यह कार्रवाई विदेशी नागरिक पंजीकरण अधिकारी तथा पुलिस उपायुक्त (विशेष शाखा-2) के माध्यम से की जा रही है। साथ ही उन्हें भारत से डिपोर्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
व्यापक संदर्भ
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में अवैध प्रवासियों की पहचान और निष्कासन को लेकर कानून-प्रवर्तन एजेंसियाँ सक्रिय हैं। गौरतलब है कि मुंबई जैसे महानगरों में दशकों से अनधिकृत रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं, जो आव्रजन निगरानी तंत्र की चुनौतियों को उजागर करते हैं।
आगे की प्रक्रिया
अधिकारियों के अनुसार, डिपोर्टेशन की प्रक्रिया केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से आगे बढ़ाई जाएगी। ओमांडी के खिलाफ विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है और आगे की जाँच जारी है।