20 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केरल आयुर्वेद अस्पतालों में फर्नीचर खरीद घोटाले की जांच, विजयन सरकार के कार्यकाल पर उठे सवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केरल आयुर्वेद अस्पतालों में फर्नीचर खरीद घोटाले की जांच, विजयन सरकार के कार्यकाल पर उठे सवाल

सारांश

केरल में पिनाराई विजयन सरकार के कार्यकाल की स्वास्थ्य खरीद एक बार फिर कटघरे में — इस बार आयुर्वेद अस्पतालों के फर्नीचर खरीद पर जांच के आदेश। जुलाई से शुरू हुए इस सिलसिले में ब्लीचिंग पाउडर, चिकित्सा उपकरण और अब फर्नीचर — राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र की खरीद प्रक्रिया पर सवालों की लंबी फेहरिस्त बढ़ती जा रही है।

मुख्य बातें

स्वास्थ्य मंत्री के.
मुरलीधरन ने 19 अक्टूबर 2026 को सरकारी आयुर्वेद अस्पतालों में फर्नीचर खरीद अनियमितताओं की व्यापक जांच के आदेश दिए।
कन्नूर जिले के पिनाराई अस्पताल में भवन निर्माण पूर्ण होने से पहले ₹11.45 लाख का फर्नीचर कथित तौर पर खरीदा गया।
जांच मुख्य रूप से नेशनल आयुष मिशन के पूर्व राज्य कार्यक्रम प्रबंधक पीआर साजी पर केंद्रित होगी।
मट्टन्नूर, चालाकुडी और वेंगानूर के आयुर्वेद अस्पतालों में भी खरीद नियमों के उल्लंघन के आरोप।
इससे पहले अगस्त 2026 में KMSCL के ब्लीचिंग पाउडर खरीद में ₹7.32 करोड़ के कथित अनावश्यक खर्च का मामला VACB को सौंपा गया था।
जुलाई में पिछले 10 वर्षों के चिकित्सा उपकरण खरीद की भी विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे।

केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को पूर्ववर्ती पिनाराई विजयन सरकार के कार्यकाल के दौरान सरकारी आयुर्वेद अस्पतालों में कथित फर्नीचर खरीद अनियमितताओं की व्यापक जांच के आदेश दिए। यह जांच राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में खरीद और वित्तीय निर्णयों की श्रृंखलाबद्ध पड़ताल का नवीनतम अध्याय है, जो पिछले कई महीनों से जारी है।

मुख्य घटनाक्रम

मंत्री मुरलीधरन ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव की उस सिफारिश को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि वित्त विभाग की जांच ही पर्याप्त होगी। उन्होंने इसके बजाय अधिक विस्तृत और स्वतंत्र जांच का निर्देश दिया। यह जांच मुख्य रूप से पीआर साजी पर केंद्रित होगी, जो पूर्व में नेशनल आयुष मिशन में राज्य कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे।

आरोपों का विवरण

जांच के दायरे में आई सूचनाओं के अनुसार, कन्नूर जिले के पिनाराई स्थित सरकारी आयुर्वेद अस्पताल में भवन निर्माण पूर्ण होने से पहले ही ₹11.45 लाख मूल्य का फर्नीचर कथित तौर पर खरीद लिया गया था। गौरतलब है कि भवन तैयार न होने के बावजूद भारी खरीद को प्रक्रियागत उल्लंघन माना जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, मट्टन्नूर, चालाकुडी और वेंगानूर के सरकारी आयुर्वेद अस्पतालों में भी फर्नीचर खरीद में निर्धारित नियमों के व्यापक उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं। इन सभी मामलों में खरीद प्रक्रिया और वित्तीय औचित्य पर सवाल उठाए गए हैं।

जांचों की व्यापक पृष्ठभूमि

यह ताज़ा जांच एकाकी घटना नहीं है। इससे पहले जुलाई 2026 में स्वास्थ्य मंत्री ने पिछले 10 वर्षों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा खरीदे गए प्रमुख चिकित्सा उपकरणों की विभागीय जांच के आदेश दिए थे। यह कदम उन रिपोर्टों के बाद उठाया गया था जिनमें मोबाइल मोर्चरी सहित कई महंगे उपकरण सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में बिना उपयोग के धूल फाँकते पाए गए थे। उस जांच में योजना निधि, प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) तथा कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र से प्राप्त उपकरण भी शामिल किए गए थे।

अगस्त 2026 में मंत्री ने केरल मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (KMSCL) द्वारा ब्लीचिंग पाउडर खरीद में कथित ₹7.32 करोड़ के अनावश्यक खर्च के मामले को सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (VACB) को सौंप दिया था, यह मानते हुए कि विभागीय जांच अपर्याप्त थी। इसके अलावा, राज्य की आयुर्वेदिक दवा कंपनी औषधि में कथित वित्तीय अनियमितताओं, निर्माण ठेकों और खरीद विसंगतियों की सतर्कता जांच की भी माँग की गई है।

सरकार की स्थिति और जवाबदेही

वर्तमान केरल सरकार की इन लगातार जांचों से स्पष्ट है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सार्वजनिक खर्च और खरीद प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाता रहा है।

आगे की राह

इन जांचों के निष्कर्ष यह निर्धारित करेंगे कि कहीं प्रक्रियागत चूक या वित्तीय अनियमितताएँ हुईं अथवा नहीं, और यदि हुईं तो किसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा। वर्तमान में जांच का दायरा चिकित्सा उपकरणों, दवाओं और सरकारी एजेंसियों के माध्यम से की गई अन्य खरीद तक भी विस्तृत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु अभी तक किसी भी मामले में अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। VACB और विभागीय जांच में अंतर करने की मंत्री की आदत दिलचस्प है — यह संकेत देती है कि कुछ मामलों में सरकार अधिक कठोर दंडात्मक कार्रवाई की दिशा में सोच रही है। असली परीक्षा तब होगी जब जांच निष्कर्ष आएंगे और यह देखा जाएगा कि क्या दोषियों पर वास्तविक कार्रवाई होती है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल आयुर्वेद अस्पताल फर्नीचर खरीद जांच किस बारे में है?
यह जांच पिनाराई विजयन सरकार के कार्यकाल के दौरान सरकारी आयुर्वेद अस्पतालों में कथित अनियमित फर्नीचर खरीद से जुड़ी है। कन्नूर जिले के पिनाराई अस्पताल में भवन निर्माण पूर्ण होने से पहले ₹11.45 लाख का फर्नीचर खरीदने का आरोप है।
जांच के आदेश किसने और क्यों दिए?
स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने 19 अक्टूबर 2026 को व्यापक जांच के आदेश दिए। उन्होंने प्रधान सचिव की उस सिफारिश को नकारा जिसमें केवल वित्त विभाग की जांच को पर्याप्त बताया गया था।
जांच में कौन मुख्य आरोपी हैं?
जांच मुख्य रूप से पीआर साजी पर केंद्रित है, जो पहले नेशनल आयुष मिशन में राज्य कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। मट्टन्नूर, चालाकुडी और वेंगानूर के अस्पतालों में भी खरीद नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं।
क्या केरल में स्वास्थ्य खरीद पर यह पहली जांच है?
नहीं, यह एक श्रृंखला का हिस्सा है। जुलाई 2026 में पिछले 10 वर्षों के चिकित्सा उपकरण खरीद की जांच, अगस्त में KMSCL के ₹7.32 करोड़ के ब्लीचिंग पाउडर खरीद मामले को VACB को सौंपना, और अब फर्नीचर खरीद जांच — यह तीसरा बड़ा मामला है।
इन जांचों के क्या परिणाम हो सकते हैं?
जांचों के निष्कर्ष यह तय करेंगे कि कहीं प्रक्रियागत चूक या वित्तीय अनियमितताएँ हुईं या नहीं। यदि अनियमितताएँ साबित होती हैं, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई या VACB जांच की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले