'द केरल स्टोरी 2' के निर्माता विपुल शाह को केरल हाईकोर्ट का नोटिस, सर्टिफिकेशन और शीर्षक पर उठे सवाल
सारांश
मुख्य बातें
केरल हाईकोर्ट ने 18 जून 2026 को फिल्म 'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह को एक याचिका पर नोटिस जारी किया है। इस याचिका में फिल्म के सर्टिफिकेशन को चुनौती दी गई है और फिल्म के शीर्षक से 'केरल' शब्द हटाने की माँग की गई है। कोच्चि में दायर यह याचिका तब सामने आई है जब फिल्म सिनेमाघरों के बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है।
अदालत में क्या हुआ
न्यायमूर्ति पी.वी. कुनिहिकृष्णन की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि क्या यह याचिका अब प्रासंगिक रह गई है, क्योंकि फिल्म पहले ही रिलीज हो चुकी है और बड़ी संख्या में दर्शक इसे देख चुके हैं। इस पर याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि मामला अभी समाप्त नहीं हुआ, क्योंकि फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने के कारण इसका प्रभाव निरंतर बना हुआ है।
याचिका में क्या आरोप लगाए गए हैं
याचिकाकर्ता का कथित तौर पर कहना है कि फिल्म का कंटेंट केरल की सामाजिक छवि को नुकसान पहुँचाता है और समाज में भ्रामक संदेश फैलाता है। याचिका के अनुसार, फिल्म के कुछ हिस्से समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाने, राष्ट्रीय एकता को क्षति पहुँचाने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने जैसे मामलों को बढ़ावा दे सकते हैं। याचिकाकर्ता का यह भी आरोप है कि फिल्म का कंटेंट भारतीय न्याय संहिता के कुछ प्रावधानों का उल्लंघन करता है।
ओटीटी प्लेटफॉर्म को भी पक्षकार बनाने की माँग
याचिका में ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड को भी पक्षकार बनाने की माँग की गई है, क्योंकि फिल्म को इसी प्लेटफॉर्म पर 1 मई को डिजिटल रूप से रिलीज किया गया था। याचिकाकर्ता का तर्क है कि जब फिल्म डिजिटल माध्यम से उपलब्ध है, तो प्लेटफॉर्म की भी जिम्मेदारी बनती है। याचिका के समर्थन में ओटीटी प्लेटफॉर्म के शिकायत अधिकारी को भेजा गया ईमेल और सोशल मीडिया के स्क्रीनशॉट अदालत में पेश किए गए हैं।
पहले भी हो चुका है विवाद
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब यह मामला अदालत की दहलीज तक पहुँचा हो। फिल्म की रिलीज से पहले भी कई याचिकाएँ दाखिल की गई थीं। उस दौरान न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस ने स्वयं को मामले से अलग कर लिया था, जबकि एक डिवीजन बेंच ने फिल्म पर लगी अस्थायी रोक हटाते हुए इसे रिलीज की अनुमति दी थी। यह ऐसे समय में आया है जब फिल्म की पहली कड़ी को लेकर भी देशभर में व्यापक विवाद हुआ था।
आगे क्या होगा
अदालत ने नोटिस जारी कर निर्माता विपुल अमृतलाल शाह से जवाब माँगा है। मामले की अगली सुनवाई में यह तय होगा कि याचिकाकर्ता की माँगें सुनवाई योग्य हैं या नहीं। ओटीटी पर फिल्म की उपलब्धता को देखते हुए डिजिटल कंटेंट की जवाबदेही का सवाल भी इस मामले में केंद्रीय मुद्दा बन सकता है।