11 अक्टूबर 2026
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खड़गे का बड़ा आरोप: 'देश में अघोषित आपातकाल', सोमवार को CJI से मिलेगा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल

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खड़गे का बड़ा आरोप: 'देश में अघोषित आपातकाल', सोमवार को CJI से मिलेगा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल

सारांश

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने मोदी सरकार पर 'अघोषित आपातकाल' थोपने का आरोप लगाया — विरोध प्रदर्शन में 32 हज़ार पुलिसकर्मियों की तैनाती को सरकार की घबराहट बताया। अब कांग्रेस न्यायपालिका का दरवाज़ा खटखटाने जा रही है — सोमवार को राहुल गांधी समेत प्रतिनिधिमंडल CJI से मिलेगा।

मुख्य बातें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 11 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में देश में 'अघोषित आपातकाल' जैसे हालात होने का आरोप लगाया।
हालिया विरोध प्रदर्शन में करीब 32 हज़ार पुलिसकर्मियों की तैनाती को खड़गे ने सरकार की घबराहट का प्रमाण बताया।
PM नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर युवाओं की आवाज़ दबाने और मनमाने तरीके से गिरफ्तारी कराने का आरोप।
सोमवार को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल — जिसमें राहुल गांधी भी शामिल होंगे — CJI से शाम 4-5 बजे के बीच मुलाकात करेगा।
खड़गे ने स्पष्ट किया कि CJI को माँगपत्र नहीं, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों की जानकारी दी जाएगी।
केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अब तक नहीं आई है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 11 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए — उनका कहना है कि देश में फिलहाल 'अघोषित आपातकाल' जैसे हालात बन चुके हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सरकार विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए पुलिस बल का बेजा इस्तेमाल कर रही है और युवाओं की आवाज़ को दबाने की कोशिश हो रही है।

मुख्य आरोप: आपातकाल से तुलना

खड़गे ने हालिया विरोध प्रदर्शन के दौरान करीब 32 हज़ार पुलिसकर्मियों की तैनाती का हवाला देते हुए कहा कि इतने बड़े पैमाने पर बल का प्रयोग सरकार की घबराहट को उजागर करता है। उन्होंने कहा, 'सरकार युवाओं के प्रदर्शन से डर रही है।' उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा दौर में लोगों को बिना पर्याप्त आधार के गिरफ्तार किया जा रहा है।

खड़गे ने इसकी तुलना आपातकाल के दौर से करते हुए एक दिलचस्प तर्क दिया — उनके अनुसार 1975-77 के आपातकाल में भी ट्रेनें और उड़ानें नहीं रोकी गई थीं, और मनमाने तरीके से गिरफ्तारियाँ नहीं होती थीं। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात उस दौर से भी ज़्यादा चिंताजनक हैं।

खड़गे का व्यक्तिगत अनुभव

कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि आपातकाल के दौरान वे कर्नाटक में शिक्षा मंत्री थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री देवराज उर्स के नेतृत्व में काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उस समय भी प्रशासन नागरिकों को बेवजह गिरफ्तार करने से बचता था। यह अनुभव उनकी मौजूदा आलोचना को एक ऐतिहासिक संदर्भ देता है।

CJI से मुलाकात की तैयारी

खड़गे ने घोषणा की कि सोमवार को कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मुलाकात करेगा। इसके लिए उन्होंने स्वयं और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पत्र लिखकर शाम 4 से 5 बजे के बीच का समय माँगा है।

खड़गे ने स्पष्ट किया कि इस मुलाकात में कोई माँगपत्र नहीं सौंपा जाएगा, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों से CJI को अवगत कराया जाएगा। उनका कहना है कि न्यायपालिका के समक्ष नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी चिंताएँ व्यक्त करना उनका उद्देश्य है।

सरकार की प्रतिक्रिया

गौरतलब है कि खड़गे के इन आरोपों पर केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल लगातार केंद्र पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने के आरोप लगाते रहे हैं।

आगे क्या होगा

CJI से कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की यह मुलाकात राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विपक्ष यह संदेश देना चाहता है कि न्यायपालिका के माध्यम से भी नागरिक अधिकारों की लड़ाई लड़ी जाएगी। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और न्यायपालिका का रुख इस विवाद की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह तभी कारगर होगी जब ठोस तथ्य और कानूनी आधार प्रस्तुत किए जाएँ, न कि केवल राजनीतिक बयानबाज़ी। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि गिरफ्तार युवाओं की सटीक संख्या और उन पर लगाई गई धाराएँ — जो वास्तविक कानूनी स्थिति को परिभाषित करती हैं — अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई हैं।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मल्लिकार्जुन खड़गे ने 'अघोषित आपातकाल' का आरोप क्यों लगाया?
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने हालिया विरोध प्रदर्शन के दौरान करीब 32 हज़ार पुलिसकर्मियों की तैनाती और बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों को 'अघोषित आपातकाल' का प्रमाण बताया। उनका कहना है कि सरकार युवाओं की आवाज़ दबाने के लिए बल का दुरुपयोग कर रही है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल CJI से क्यों मिलना चाहता है?
कांग्रेस मुख्य न्यायाधीश को मौजूदा परिस्थितियों — विशेष रूप से नागरिक अधिकारों पर कथित हमले — से अवगत कराना चाहती है। खड़गे ने स्पष्ट किया कि कोई माँगपत्र नहीं सौंपा जाएगा, बल्कि न्यायपालिका के समक्ष चिंताएँ व्यक्त की जाएंगी।
CJI से मुलाकात के लिए किसने पत्र लिखा और कब?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने CJI को पत्र लिखकर सोमवार को शाम 4 से 5 बजे के बीच मुलाकात का समय माँगा है।
खड़गे ने मौजूदा हालात की तुलना 1975 के आपातकाल से कैसे की?
खड़गे ने तर्क दिया कि 1975-77 के आपातकाल में भी ट्रेनें-उड़ानें नहीं रोकी गई थीं और मनमाने तरीके से गिरफ्तारियाँ नहीं होती थीं। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान वे कर्नाटक में शिक्षा मंत्री थे और उस दौर में प्रशासन ऐसी ज़्यादतियों से बचता था।
केंद्र सरकार ने खड़गे के आरोपों पर क्या कहा?
अब तक केंद्र सरकार की ओर से खड़गे के 'अघोषित आपातकाल' वाले आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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