17 जुलाई 2026
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गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद में खिलौना दान अभियान को दी नई ऊर्जा, बच्चों में संस्कार विकास का संदेश

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गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद में खिलौना दान अभियान को दी नई ऊर्जा, बच्चों में संस्कार विकास का संदेश

सारांश

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद में 'रमशे बालक, खीलशे बालक' अभियान के तहत मेगा खिलौना दान कार्यक्रम में शिरकत की। केंद्रीय मंत्री अमित शाह की प्रेरणा से शुरू इस पहल का लक्ष्य सक्षम परिवारों के अनुपयोगी खिलौने जरूरतमंद बच्चों तक पहुँचाना और नई पीढ़ी में साझा करने के संस्कार विकसित करना है।

मुख्य बातें

गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने 31 मई 2026 को अहमदाबाद के बोपल-घुमा में मेगा खिलौना संग्रह कार्यक्रम में भाग लिया।
अभियान का नाम 'रमशे बालक, खीलशे बालक' है, जो केंद्रीय मंत्री अमित शाह की प्रेरणा से शुरू हुआ।
सक्षम परिवारों के अनुपयोगी खिलौने जरूरतमंद बच्चों को दान किए जाते हैं।
CM पटेल ने इसे बच्चों में संवेदना, सहानुभूति और साझा करने के संस्कार विकसित करने वाला अभियान बताया।
कार्यक्रम में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में रविवार, 31 मई 2026 को अहमदाबाद के घाटलोडिया विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र स्थित बोपल-घुमा के आरोही ट्विन्स बंगलॉ में 'रमशे बालक, खीलशे बालक' अभियान के तहत एक मेगा खिलौना संग्रह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य समाज के सक्षम परिवारों के बच्चों के अनुपयोगी खिलौनों को जरूरतमंद बच्चों तक पहुँचाना है।

अभियान की पृष्ठभूमि

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की प्रेरणा से शुरू हुए इस अभियान का नाम गुजराती में 'रमशे बालक, खीलशे बालक' है, जिसका अर्थ है — 'खेलेगा बच्चा, खिलेगा बच्चा'। यह पहल समाज के विभिन्न वर्गों को एक मानवीय सरोकार से जोड़ने का प्रयास है। कार्यक्रम में विनोद भाई पटेल, दर्शनभाई पटेल सहित क्षेत्र के अग्रणी नागरिक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस अवसर पर कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में खेल-कूद और खिलौनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल दान का कार्य नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ी में संवेदना, सहानुभूति और बांटने-साझा करने के संस्कार विकसित करने वाला एक सामाजिक यज्ञ है।

पटेल ने नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लें और अधिक से अधिक खिलौने दान करके जरूरतमंद बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाएँ। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों के खिलौने दूसरे बच्चों के साथ साझा करने की यह भावना सामाजिक एकता, मानवीय मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों को और अधिक सुदृढ़ बनाती है।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वृक्षारोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति नागरिकों को प्रेरित किया। यह कदम अभियान के व्यापक सामाजिक दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।

आम जनता पर असर

यह अभियान उन बच्चों तक पहुँचने का प्रयास है जो आर्थिक कारणों से खिलौने नहीं खरीद सकते। विशेषज्ञों का मानना है कि खेल बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है, और ऐसी सामुदायिक पहलें इस अंतर को पाटने में सहायक हो सकती हैं। आगामी दिनों में इस अभियान को घाटलोडिया क्षेत्र से आगे विस्तारित किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खीलशे बालक' जैसी पहलें सामुदायिक भागीदारी का एक सकारात्मक मॉडल प्रस्तुत करती हैं, लेकिन इनकी वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि एकत्रित खिलौने किस पारदर्शी तंत्र से जरूरतमंद बच्चों तक पहुँचते हैं। अभियान का राजनीतिक संदर्भ — घाटलोडिया विधानसभा क्षेत्र में आयोजन और वरिष्ठ नेताओं की सक्रिय भागीदारी — यह सवाल उठाता है कि क्या यह एक दीर्घकालिक सामाजिक ढाँचे में बदलेगा या चुनावी चक्र तक सीमित रहेगा। बच्चों के विकास में खेल की भूमिका निर्विवाद है, पर नीति-स्तर पर सरकारी विद्यालयों में खेल संसाधनों की व्यवस्थित कमी को भी उतनी ही तत्परता से संबोधित करने की ज़रूरत है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'रमशे बालक, खीलशे बालक' अभियान क्या है?
यह गुजरात में चलाया जा रहा एक खिलौना दान अभियान है, जिसमें सक्षम परिवारों के बच्चों के अनुपयोगी खिलौने जरूरतमंद बच्चों को दिए जाते हैं। इसकी प्रेरणा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिली है और इसका उद्देश्य बच्चों में साझा करने के संस्कार विकसित करना है।
यह कार्यक्रम कहाँ और कब आयोजित हुआ?
यह मेगा खिलौना संग्रह कार्यक्रम 31 मई 2026 को अहमदाबाद के घाटलोडिया विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के बोपल-घुमा स्थित आरोही ट्विन्स बंगलॉ में आयोजित हुआ। इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल स्वयं उपस्थित रहे।
CM भूपेंद्र पटेल ने इस अभियान के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि यह अभियान केवल दान का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी में संवेदना, सहानुभूति और बांटने-साझा करने के संस्कार विकसित करने वाला एक सामाजिक यज्ञ है। उन्होंने नागरिकों से अधिकाधिक खिलौने दान करने की अपील की।
इस अभियान से किन बच्चों को फायदा होगा?
यह अभियान उन जरूरतमंद बच्चों के लिए है जो आर्थिक कारणों से खिलौने नहीं खरीद सकते। सक्षम परिवारों के बच्चों द्वारा उपयोग किए जा चुके और अब अनुपयोगी पड़े खिलौनों को इन बच्चों तक पहुँचाया जाता है।
क्या इस कार्यक्रम में खिलौनों के अलावा और कोई गतिविधि हुई?
हाँ, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कार्यक्रम के दौरान वृक्षारोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इससे अभियान का दायरा केवल खिलौना दान तक सीमित न रहकर व्यापक सामाजिक चेतना तक विस्तारित हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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