गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद में खिलौना दान अभियान को दी नई ऊर्जा, बच्चों में संस्कार विकास का संदेश
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में रविवार, 31 मई 2026 को अहमदाबाद के घाटलोडिया विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र स्थित बोपल-घुमा के आरोही ट्विन्स बंगलॉ में 'रमशे बालक, खीलशे बालक' अभियान के तहत एक मेगा खिलौना संग्रह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य समाज के सक्षम परिवारों के बच्चों के अनुपयोगी खिलौनों को जरूरतमंद बच्चों तक पहुँचाना है।
अभियान की पृष्ठभूमि
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की प्रेरणा से शुरू हुए इस अभियान का नाम गुजराती में 'रमशे बालक, खीलशे बालक' है, जिसका अर्थ है — 'खेलेगा बच्चा, खिलेगा बच्चा'। यह पहल समाज के विभिन्न वर्गों को एक मानवीय सरोकार से जोड़ने का प्रयास है। कार्यक्रम में विनोद भाई पटेल, दर्शनभाई पटेल सहित क्षेत्र के अग्रणी नागरिक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस अवसर पर कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में खेल-कूद और खिलौनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल दान का कार्य नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ी में संवेदना, सहानुभूति और बांटने-साझा करने के संस्कार विकसित करने वाला एक सामाजिक यज्ञ है।
पटेल ने नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लें और अधिक से अधिक खिलौने दान करके जरूरतमंद बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाएँ। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों के खिलौने दूसरे बच्चों के साथ साझा करने की यह भावना सामाजिक एकता, मानवीय मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों को और अधिक सुदृढ़ बनाती है।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वृक्षारोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति नागरिकों को प्रेरित किया। यह कदम अभियान के व्यापक सामाजिक दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।
आम जनता पर असर
यह अभियान उन बच्चों तक पहुँचने का प्रयास है जो आर्थिक कारणों से खिलौने नहीं खरीद सकते। विशेषज्ञों का मानना है कि खेल बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है, और ऐसी सामुदायिक पहलें इस अंतर को पाटने में सहायक हो सकती हैं। आगामी दिनों में इस अभियान को घाटलोडिया क्षेत्र से आगे विस्तारित किए जाने की संभावना है।