खूंटी सड़क हादसे में 7 मौतें: PM मोदी और CM हेमंत सोरेन ने जताया गहरा दुख
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड के खूंटी जिले में हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में सात लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। यह हादसा 6 नवंबर 2026 की रात करीब 10 बजे खूंटी के कर्रा क्षेत्र में हुआ।
हादसे का विवरण
कर्रा-तोरपा मुख्य सड़क पर जोने-लुदरू मोड़ के पास पहले एक स्कूटी दुर्घटनाग्रस्त हुई। स्कूटी सवार की मदद के लिए आसपास के ग्रामीण सड़क किनारे इकट्ठा हो गए थे। इसी दौरान तोरपा की दिशा से तेज़ रफ्तार में आ रहे एक 18 पहिए वाले ट्रेलर-ट्रक ने वहाँ मौजूद लोगों को कुचल दिया।
हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 वर्षीय एक बच्चे ने खूंटी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दुर्घटना में एक बच्ची भी घायल हुई है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'झारखंड के खूंटी में हुए हादसे में लोगों की जान जाने से गहरा दुख हुआ है। जिन लोगों ने अपने अपनों को खोया है, उनके प्रति मैं संवेदना व्यक्त करता हूँ। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।'
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस त्रासदी पर दुख जताया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि खूंटी के कर्रा में हुई सड़क दुर्घटना में सात लोगों की मौत की खबर से उनका मन व्यथित है। सोरेन ने मृतकों के परिजनों को संवेदना दी और मारांग बुरु से दिवंगतों की आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवारों को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन
हादसे की सूचना फैलते ही शुक्रवार सुबह क्षेत्र के ग्रामीणों ने कर्रा रेलवे फाटक के पास सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों की माँग है कि दोषी ट्रक चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और इस खतरनाक मोड़ पर सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएँ।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि खूंटी जिले का कर्रा-तोरपा मार्ग ग्रामीण आवागमन के लिहाज से बेहद व्यस्त है और यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में सड़क सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएँ बनी हुई हैं। एक बच्चे समेत सात जानें जाने की यह घटना इस क्षेत्र में बड़े वाहनों की गति नियंत्रण और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
क्या होगा आगे
स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले की जाँच कर रहे हैं। घायल बच्ची का इलाज जारी है। मुख्यमंत्री सोरेन के बयान के बाद राज्य सरकार से राहत एवं मुआवज़े की घोषणा की उम्मीद जताई जा रही है। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन सड़क सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर सकता है।