क्या किरीट सोमैया ने उद्धव ठाकरे पर 'वोट जिहाद' की राजनीति का आरोप लगाया?

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क्या किरीट सोमैया ने उद्धव ठाकरे पर 'वोट जिहाद' की राजनीति का आरोप लगाया?

सारांश

किरीट सोमैया ने उद्धव ठाकरे पर 'वोट जिहाद' की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि शिवसेना मुस्लिम समुदाय के वोट के लिए भगवान श्रीराम का अपमान कर रही है। क्या यह राजनीति महाराष्ट्र के हित में है?

Key Takeaways

  • किरीट सोमैया का आरोप है कि उद्धव ठाकरे 'वोट जिहाद' की राजनीति कर रहे हैं।
  • शिवसेना मुस्लिम वोट के लिए भगवान श्रीराम का अपमान कर रही है।
  • महायुति में सभी सहयोगी दल एकजुट हैं।
  • ठाकरे बंधुओं पर हिंदुओं पर हमले का आरोप।
  • राजनीति में धार्मिक ध्रुवीकरण का मुद्दा।

मुंबई, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के नेता किरीट सोमैया ने शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा है कि उनकी पार्टी 'वोट जिहाद' की राजनीति कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना मुस्लिम समुदाय के वोटों को प्राप्त करने के लिए भगवान श्रीराम का अपमान कर रही है।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) के कार्यक्रमों में राम मंदिर से जुड़े भजनों का उपयोग किया जाता है, लेकिन इसके साथ ही राम की खान से तुलना करना अत्यंत आपत्तिजनक है। किरीट सोमैया ने यह भी कहा कि सत्ता के लालच में उनके कार्यकर्ता यह तक कह रहे हैं कि अगर वे सरकार में आए तो मस्जिदों पर फिर से लाउडस्पीकर शुरू कर देंगे।

भाजपा नेता ने आगे कहा कि शिवसेना (यूबीटी) मुस्लिम आबादी के बढ़ने जैसे गंभीर मुद्दों पर चुप है और उनका पूरा प्रचार कथित तौर पर मुस्लिम-बांग्लादेशी समर्थन पर केंद्रित है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे को अब केवल अल्लाह ही बचा सकता है। किरीट सोमैया ने यह भी कहा कि यह राजनीति न तो महाराष्ट्र के हित में है और न ही मुंबई के भविष्य के लिए उचित है।

जब मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा उत्तर भारतीयों और बिहार को निशाना बनाने के सवाल पर किरीट सोमैया ने कहा कि राज ठाकरे बांग्लादेशी मुद्दे पर चुप रहते हैं, इसलिए उनकी बातों पर ध्यान न देना ही बेहतर है। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे ने मराठी समाज के लिए कुछ नहीं किया। मुंबई में मराठी आबादी 45 प्रतिशत से घटकर 35 प्रतिशत रह गई है, लेकिन इस पर ठाकरे बंधुओं ने कभी गंभीरता से बात नहीं की। ठाकरे बंधु केवल हिंदुओं पर हमला करते हैं और जो मराठी हिंदू उनके विचारों से सहमत नहीं होते, उन्हें धमकाने और मारपीट करने की घटनाएं सामने आती हैं।

उन्होंने कहा कि ठाकरे नेताओं ने कभी मुस्लिम बस्तियों में जाकर इस तरह की सख्त बातें नहीं कहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकरे सेना की राजनीति मुंबई को मुसलमानों के हाथों बेचने की दिशा में जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि भावनात्मक और विभाजनकारी राजनीति से ऊपर उठकर विकास की ओर देखना चाहिए और मुंबई तथा महाराष्ट्र के भविष्य के लिए सही विकल्प चुनना चाहिए।

किरीट सोमैया ने अजीत पवार के महाविकास अघाड़ी में जाने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महायुति पूरी तरह एकजुट है और सभी सहयोगी दल उसी में बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी माहौल में कभी-कभी नेताओं के बयान जरूरत से ज्यादा तीखे हो जाते हैं, लेकिन बाद में सब कुछ सामान्य हो जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि महायुति एकजुट रहकर चुनाव लड़ेगी और जनता के समर्थन से जीत हासिल करेगी।

Point of View

यह स्पष्ट है कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप आम हैं, लेकिन जब मुद्दे धार्मिक और सामाजिक ध्रुवीकरण से जुड़े होते हैं, तो यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। हमें इस पर विचार करना चाहिए कि क्या इस तरह की राजनीति वास्तव में विकास और एकता के लिए फायदेमंद है या नहीं।
NationPress
13/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या किरीट सोमैया ने उद्धव ठाकरे पर आरोप लगाया?
जी हाँ, भाजपा नेता किरीट सोमैया ने उद्धव ठाकरे पर 'वोट जिहाद' की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा है कि शिवसेना मुस्लिम समुदाय के वोट हासिल करने के लिए भगवान श्रीराम का अपमान कर रही है।
क्या शिवसेना (यूबीटी) के कार्यक्रमों में धार्मिक भजन शामिल हैं?
हां, किरीट सोमैया का कहना है कि शिवसेना (यूबीटी) के कार्यक्रमों में राम मंदिर से जुड़े भजनों का उपयोग किया जाता है।
क्या किरीट सोमैया ने ठाकरे बंधुओं पर भी आरोप लगाए?
जी हां, उन्होंने ठाकरे बंधुओं पर यह आरोप भी लगाया कि वे केवल हिंदुओं पर हमला करते हैं।
क्या महायुति एकजुट है?
किरीट सोमैया का कहना है कि महायुति पूरी तरह एकजुट है और सभी सहयोगी दल उसी में बने रहेंगे।
क्या यह राजनीति महाराष्ट्र के विकास के लिए सही है?
किरीट सोमैया का मानना है कि यह राजनीति न तो महाराष्ट्र के हित में है और न ही मुंबई के भविष्य के लिए सही है।
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